हार्दिक पांड्या का तिलक वर्मा के लिए वो ‘सीक्रेट मैसेज’ जिसने पलटी पूरी कहानी, कप्तान ने खुद किया खुलासा
तिलक वर्मा पहली 22 गेंदों पर 19 रन बनाकर खेल रहे थे, 14वें ओवर के टाइमआउट के दौरान कप्तान हार्दिक पांड्या ने उन्हें एक सीक्रेट मैसेज दिया। इसके बाद तिलक ने अगली 23 गेंदों पर 82 रन ठोकर मैच ही पलट दिया।

कई बार जब खिलाड़ी मैदान पर जूझ रहा होता है तो उसे साथी खिलाड़ी का साथ चाहिए होता है, ताकि वह उसे सही दिशा दिखा सके। इसका उदाहरण हमें GT vs MI मैच के दौरान देखने को मिला। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम शुरुआत बेहद ही निराशाजनक रही थी। 13वें ओवर में टीम 100 से कम के स्कोर पर 4 विकेट गंवा बैठी थी। तिलक वर्मा भी स्ट्रगल कर रहे थे। उस समय ऐसा लग रहा था कि मुंबई इंडियंस 150-160 के स्कोर तक ही पहुंच पाएगी। मगर फिर 14वें ओवर के बाद हुए टाइम आउट ने पूरी कहानी बदल डाली। कप्तान हार्दिक पांड्या ने तिलक वर्मा का हौसला बढ़ाया और इस बल्लेबाज ने तो उसके बाद कहर ही मचा दिया। अकेले दम पर तिलक वर्मा ने मैच पलट दिया।
14वें ओवर के बाद हुए टाइम आउट से पहले तिलक वर्मा 22 गेंदों पर 19 रन बनाकर खेल रहे थे। उन्होंने अपनी पारी में एक भी चौका-छक्का नहीं लगाया था। मगर हार्दिक पांड्या के उस मैसेज के बाद तिलक ने अगली 23 गेेंदों पर 8 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 82 रन बनाए और अपने आईपीएल करियर का पहला शतक भी पूरा किया।
हार्दिक पांड्या से मैच के बाद जब पूछा गया कि 14वें ओवर के टाइमआउट के बाद क्या हुआ?, तो उन्होंने जवाब में कहा, "मुझे लगता है कि मैसेज… मुझे एहसास हुआ, देखो, तिलक में जिस तरह का टैलेंट है, उसे सच में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। तो मैं उसे बस यही मैसेज देता रहा कि तुम बस बॉल को देखो और बॉल को हिट करो, चाहे कुछ भी हो, क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उसके बैट से जिस तरह की बॉल निकलती है वह सच में कुछ खास है। अब समय आ गया था कि वह आए और कुछ करे। और हां, मुझे लगता है कि कुछ बार मैं इतनी जोर से चिल्लाया कि मुझे चक्कर आ गया। तो हां, लेकिन ग्रुप के लिए इसकी बहुत जरूरत थी। तिलक के लिए इसकी बहुत जरूरत थी। मुंबई इंडियंस के लिए इसकी बहुत जरूरत थी। और एक कैप्टन के तौर पर भी, उस तरह की एनर्जी चीजों को बदल देती है।
जसप्रीत बुमराह, पहली बॉल पर विकेट
हां, यह काफी दिलचस्प है। मैंने बहुत से लोगों को यह कहते हुए देखा है कि जस्सी ने कभी बॉलिंग क्यों नहीं की... लेकिन अगर आप देखें, तो 138 [151] मैच हो चुके हैं और मुझे लगता है कि 8 या 9 बार जसप्रीत ने पहला ओवर किया है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह हार्दिक पांड्या की प्रॉब्लम है। बात बस इतनी है कि जसप्रीत बुमराह इतने स्पेशल हैं कि आप उनका इस्तेमाल टीम के लिए जहां भी जरूरी हो, करते हैं, न कि तब जब आप स्टार्ट करते हैं। तो, लेकिन हाँ, आज हमें कुछ ऐसा महसूस हुआ - कि हम सच में नई बॉल से इम्पैक्ट डालना चाहते हैं, और उनसे बेहतर कोई नहीं है।
यह एक तरह से परफेक्ट गेम है?
यंगस्टर्स ने सच में कमाल किया। मुझे लगता है कि मुंबई इंडियंस को एक ग्रुप के तौर पर इसकी जरूरत थी। हमें चाहिए था कि यंगस्टर्स आएं और उस तरह की एनर्जी बनाएं। और यह सच में शानदार था, डेब्यूटेंट कृष, आकर सही एरिया में बॉलिंग कर रहे थे, सही इंटेंट दिखा रहे थे। अश्विनी आकर बॉलिंग कर रहे थे, सच में कमाल कर रहे थे, 4 विकेट लिए और उन्होंने पिछली बार, पिछले साल भी ऐसा किया था। उन्होंने हमारे लिए मोमेंटम बदल दिया। आप जानते हैं, KKR के खिलाफ, हमारे लिए चीजें थोड़ी बदल गईं। तो हां, सच में, सच में यंगस्टर्स ने कमाल किया। और हाँ, फील्डिंग भी अच्छी थी। नमन का भी खास जिक्र।"





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