पुराने चावल हैं अक्षर पटेल, धोनी के समय से भारतीय टीम का हिस्सा, लेकिन जडेजा की छाया में दबे रहे
अक्षर पटेल ने सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ तीन शानदार कैच पकड़कर टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वे आज के खिलाड़ी नहीं है, बल्कि उन्होंने अपना डेब्यू साल 2014 में तब किया था जब महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के कप्तान थे।

गुरुवार, 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में चौथी बार फाइनल के लिए जगह पक्की की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड आखिरी गेंद तक 246 रन ही बना सकी और भारत ने 7 रनों से मुकाबला जीत लिया। भारतीय टीम की जीत में संजू सैमसन (89), शिवम दुबे (43) और अन्य बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियों के साथ-साथ गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की भी बड़ा योगदान रहा। इन सबसे इतर अक्षर पटेल ने अपनी शानदार फील्डिंग के दम पर भारत को मैच पलट दिया और कहें तो भारत को जीत दिलाई।
अक्षर पटेल ने पूरे मुकाबले में 3 ओवर की गेंदबाजी में 35 रन देकर एक महत्वपूर्ण विकेट लिए। गेंदबाजी में वे काफी महंगे साबित हुए और बल्लेबाजी भी खास नहीं कर पाए। हालांकि, उन्होंने फील्डिंग के दम पर मैच में जान डाल दी और भारत को विजयी बनाने में अहम भूमिका निभाई। अक्षर ने मैच के दौरान तीन अहम कैच पकड़े। मैच की शुरुआत में उन्होंने हार्दिक पांड्या की गेंद पर फिल सॉल्ट का शानदार कैच पकड़ा। इसके बाद इनफॉर्म बल्लेबाज और शतकवीर हैरीब्रुक का जसप्रीत बुमराह की गेंद पर कैच पकड़ा। मैच जब पूरी तरह से इंग्लैंड के पक्ष में लग रहा था और विल जैक्स और जेकब बेथल की जोड़ी मैदान पर चौकों छक्कों की बारिश कर रही थी, तब अक्षर पटेल ने बाउंड्री लाइन पर गिरते हुए विल जैक्स का शानदार कैच पकड़ा। उन्होंने इस कैच को दौड़ते हुए बाउंड्री लाइन के करीब पकड़ा लेकिन जैसे ही लगा कि वे ऑफ बैलेंस हो रहे तो उन्होंने गेंद पास खड़े फील्डर शिवम दुबे के हाथों में दे दी। शिवम दुबे ने इस कैच को मुकम्मल किया। यह कैच दुबे के खाते में जरूर गया लेकिन इसके पीछे असली मेहनत अक्षर पटेल की ही थी।
अक्षर के उस शानदार कैच की बदौलत मैच का मोमेंट्स भारत की तरफ शिफ्ट होना शुरू हुआ और फिर अर्शदीप सिंह के बाद बुमराह ने 18वां ओवर बेहद शानदार डाला और सिर्फ 6 रन दिए। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने भी 19वें ओवर में केवल 9 रन दिए और दुबे ने आखिरी ओवर में 30 रन बचाकर इंडिया को फाइनल में प्रवेश दिलाया, जहां उसका मुकाबला रविवार, 8 मार्च को न्यूजीलैंड से होगा।
बता दें कि अक्षर पटेल पुराने चावल हैं। उन्होंने भारतीय टीम में तब डेब्यू किया था, जब भारतीय वनडे और टी-20 टीम की कप्तान विराट कोहली नहीं, बल्कि महेंद्र सिंह धोनी थे। उन्होंने अपना वनडे डेब्यू साल 2014 में किया था। टी-20 क्रिकेट में उनका पदार्पण 2015 में हुआ, जबकि टेस्ट कैप उन्हें 2021 में मिली। अक्षर पटेल को लंबे समय तक टीम के साथ ट्रैवल करने का तजुर्बा रहा है। वे भारतीय क्रिकेट में ज्यादातर समय जडेजा के बैकअप के रूप में रखे गए इसलिए उनका 12 साल पुराना करियर उतना चमकदार नजर नहीं आता है। टी-20 क्रिकेट से जडेजा के रिटायर होने के बाद उनके लिए स्पॉट खाली हुआ है, लेकिन वनडे और टेस्ट में अब भी अक्षर के लिए वही परिस्थितियां बनी हुई हैं।
अक्षर पटेल ने अपने करियर में अब तक कुल 15 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 24 पारियों में 34 की औसत से 688 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम 4 अर्धशतक हैं। वहीं, 29 टेस्ट पारियों में उन्होंने 57 विकेट हासिल किए हैं। वनडे में अक्षर ने बल्ले से 71 मैचों की 49 पारियों में 858 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं, वहीं गेंदबाजी में 66 पारियों में 75 विकेट हासिल किए हैं। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 93 मैच खेले हैं, जिसकी 57 पारियों में बैटिंग करते हुए 702 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 133 का है और उन्होंने 1 अर्धशतक भी जड़ा है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में गेंदबाजी करते हुए 87 पारियों में 94 विकेट हासिल किए हैं। आईपीएल में पटेल ने 124 पारियों में 1916 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी करते हुए 159 पारियों में 128 विकेट हासिल किए हैं।





साइन इन