काव्या मारन ने अबरार अहमद पर लुटाए थे करोड़ों, मगर अब द हंड्रेड में उनके खेलने पर संशय; जानिए वजह
पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने द हंड्रेड के लिए खरीद जरूर लिया, लेकिन शायद ये खिलाड़ी टूर्नामेंट में खेल नहीं पाएगा। इसके पीछे की वजह ये है कि उन्हें एनओसी शायद नहीं मिल पाएगी।

द हंड्रेड लीग में पहली बार ऑक्शन आयोजित हुआ था। इसकी चर्चा भारत में नहीं होती, लेकिन जैसे ही सनराइजर्स हैदराबाद की सिस्टर फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को पिक किया तो फिर बवाल खड़ा हो गया। सनराइडजर्स के खेमे को लीड कर रहीं काव्या मारन निशाने पर आ गईं। करोड़ों रुपये ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ी के लिए भारतीय फ्रेंचाइजी ने लुटा दिए। तमाम तरह कही बातें हुईं, लेकिन अब सामने आ रहा है कि अबरार अहमद के द हंड्रेड लीग में खेलने की संभावना 50-50 है।
सनराइजर्स लीड्स ने द हंड्रेड लीग के 2026 के सीजन के लिए 1 लाख 90 हजार ग्रेट ब्रिटेन पाउंड यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा था। अब उनके इस टूर्नामेंट में खेलने पर संशय है। इसके पीछे की वजह है इंटरनेशनल कमिटमेंट्स। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी शायद उन्हें नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी न दे पाए, क्योंकि पाकिस्तान टीम को द हंड्रेड विंडो के दौरान वेस्टइंडीज का दौरा करना है। पाकिस्तान की टीम 15 जुलाई से 7 अगस्त तक दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए वेस्टइंडीज के दौरे पर जाएगी। वहीं, द हंड्रेड 21 जुलाई से शुरू होगा और 16 अगस्त तक चलेगा।
TOI की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है, "पाकिस्तान वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने जा रहा है, इसलिए हो सकता है कि वह द हंड्रेड न खेलें।" हालांकि, सूत्र ने कहा है कि पैसा ज्यादा मिला है और पीसीबी चीफ के साथ उनके संबंध अच्छे हैं तो मामला 50-50 है। सूत्र ने बताया, "यह बहुत ज्यादा पैसा है। उनके एजेंट ने उनका नाम ऑक्शन में डाला है, जिसका मतलब है कि उन्हें NOC मिलने का भरोसा है। वह उन कुछ मौजूदा पाकिस्तानी क्रिकेटरों में से हैं जिनके PCB चीफ के साथ अच्छे रिश्ते हैं। उनके द हंड्रेड में खेलने के चांस 50-50 हैं।"





साइन इन