एक सवाल का जवाब देने के चक्कर में भिड़ गए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन, जानिए क्या था मामला?
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन एक सवाल का जवाब देने के लिए आपस में ही भिड़ गए। ये मसला देखने को मिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के बाद जब वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और उनसे संघर्ष के बारे में पूछा गया।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ तूफानी अर्धशतक जड़ने वाले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दूसरे से भिड़ गए। इसके पीछे का कारण ये था कि एक सवाल दोनों से पूछा गया था, जिसका जवाब देने के लिए दोनों ही धाकड़ खिलाड़ी आतुर दिखे। अभिषेक ने कहा कि मैं इसका जवाब दूंगा, जबकि ईशान ने कहा कि मैं इसका बेहतर जवाब दूंगा। अभिषेक ने कहा कि वे एक महीने से आउट ऑफ फॉर्म थे, जवाब में ईशान ने कहा कि वे तो दो साल से टीम से बाहर थे। पूरा माजरा क्या था? ये इस स्टोरी में जानने को मिलेगा।
अभिषेक और ईशान से एक पत्रकार ने फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा कि मेरा सवाल थोड़ा हटके है। जब टाइम खराब जाता है तो आप कैसे उससे उबरते हैं। आम जीवन में लोगों को परेशानी होती है? उनके लिए क्या मैसेज होगा। वे इससे कैसे पार पा सकते हैं? इस सवाल पर अभिषेक शर्मा माइक उठाते हैं और कहते हैं कि मुझे लगता है कि मैं इस क्वेश्चन का ज्यादा अच्छा आंसर दूंगा अभी। इस पर ईशान कहते हैं कि मैं भी दे सकता हूं। तुम तो एक महीने फॉर्म में नहीं थे, मैं दो साल टीम से बाहर रहा हूं। इस पर अभिषेक कहते हैं कि मुझे भी वो एक महीना डेढ़ साल ही लगा। ईशान फिर पलटकर कहते हैं कि दो नहीं लगा न।
इसके बाद अभिषेक कहते हैं, "एक चीज बहुत मैटर करती है इसमें कि आपकी कंपनी कैसी है? अगर आपके आसपास आपको बेहतर बनाने के लिए लोग हैं, जो आपके लिए खुश हैं। अगर आप इंसान के तौर पर आपने वो चीज अचीव की है, क्योंकि मुझे ऐसा लगा जब मेरे मैच अच्छे नहीं जा रहे थे या मैं कंट्रीब्यूट नहीं कर पा रहा था, लेकिन सारे इतना मेरे लिए सोच रहे थे और इतना खुश थे कि ये करेगा। मैंने किसी भी प्लेयर, कोच या सपोर्ट स्टाफ जितने भी लोग थे किसी के भी चेहरे पर एक डाउट नहीं था, बल्कि मेरे अंदर डाउट था कि यार क्यों नहीं हो रहा ऐसे नहीं हो रहा लेकिन मुझे लगता है कि कंपनी बहुत मायने रखती है कि आपके आसपास कौन है। आपको कौन मोटिवेट कर रहा है, उस टाइम पर बिलीव आप पर है है कि नहीं। यही चीज है, जो मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। हर किसी के जीवन में ऐसा होता है। ये सिर्फ क्रिकेट में नहीं, बल्कि जीवन में भी ऐसा ही है।"
इसके बाद इस सवाल का जवाब ईशान किशन देते हैं और कहते हैं, "मुझे लगता है सबसे पहली चीज होती है कि आपका जितना भी बुरा टाइम हो आपको खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी है, क्योंकि एक बार जब आप सेल्फ डाउट वाले जोन में जाते हो जब आप अपने आपको डाउट में डालते हो तो वो एक प्रेशर बनाता है। निजी जीवन में भी ऐसा होता है, सिर्फ गेम में नहीं, क्योंकि हम अपना बेस्ट गेम नहीं खेल पा रहे होते हैं। मुझे लगता है खुद पर भरोसा, मेहनत करना और जब आप बुरे टाइम में दूसरों की भी हेल्प करते हो ना वो ची मुड़ के आप पर भी आती है। इसलिए मैंने इतना ही सीखा था, जब मैं डोमेस्टिक में भी था तो मैं बस खुद पर भी फोकस कर सकता था, लेकिन मैं चाहता था कि कैसे टीम को आगे लेकर जाऊं।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं बस यह चाहता था कि सब लोग साथ में चलें, न कि सिर्फ मैं अकेला। मुझे ही किसी चीज का क्रेडिट नहीं चाहिए, बल्कि सबको क्रेडिट मिलना चाहिए। सब लोग साथ में अचीव करेंगे कोई भी चीज। यही ची मुझे भी हेल्प की। काफी कुछ दूसरों को बताने में मुझे हेल्प हुआ। दूसरे से मुझे कुछ हासिल हुआ। उनकी चाहे वो वर्क एथिक्स हो या कुछ भी छोटी-छोटी चीज़ होती है। जब आप पिक करते हो तो आप अच्छी ची ही पिक करते हो। मैंने पहले ही कहा है कि आपकी कंपनी भी बहुत जरूरी है। आपको उस समय कोई नकारात्मक लोग नहीं चाहिए। अपने आसपास ऐसे भी लोग नहीं चाहिए, जो मजाक में भी कुछ नेगेटिव बोलें, क्योंकि वो कहीं ना कहीं आपके दिमाग में घूमता है। इसलिए एक अच्छी संगति रखो। मेहनत करो खुद से। खुश रहो और कभी खुद पर भरोसा करना मत छोड़ो बस। बाकी चीज अपने आप अच्छी हो जाएंगी।"





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