डेडलाइन से 2 दिन पहले 5 लाख का इनामी नक्सली ढेर, छत्तीसगढ़ के सुकमा में मुठभेड़
देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए तय की गई समय सीमा से ठीक दो दिन पहले 5 लाख का इनामी नक्सली मारा गया। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया गया।

देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए तय की गई समय सीमा से ठीक दो दिन पहले 5 लाख का इनामी नक्सली मारा गया। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया गया।
पुलिस ने बताया कि रविवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में 5 लाख रुपए का इनामी एक नक्सली मारा गया। यह घटना केंद्र सरकार द्वारा देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च की समय सीमा से ठीक दो दिन पहले हुई।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि यह मुठभेड़ पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक पहाड़ी पर हुई। यहां राज्य पुलिस की एक विशेष इकाई 'डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड' (DRG) की एक टीम इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर नक्सल-विरोधी अभियान पर निकली हुई थी।
उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव और एक हथियार बरामद किया गया। अधिकारी ने बताया कि मारे गए नक्सली मुचाकी कैलाश, माओवादियों की प्लाटून नंबर 31 का सेक्शन कमांडर था। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम था।
उन्होंने बताया कि कैलाश लोगों की हत्या, आईईडी लगाने और पुलिस पर हमले जैसी घटनाओं में शामिल था। यह मुठभेड़ केंद्र सरकार द्वारा देश से सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च की समय सीमा से ठीक दो दिन पहले हुई है।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी कैडरों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उनके पास इसका लाभ उठाने के लिए बहुत ही सीमित समय बचा है।
उन्होंने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे इस अवसर को हाथ से न जाने दें। हिंसा का रास्ता छोड़ दें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन की शुरुआत करें।
इस घटना के साथ इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 27 माओवादी मारे जा चुके हैं। 3 जनवरी को बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 माओवादी मारे गए थे। इस क्षेत्र में सात जिले शामिल हैं। पिछले साल सुरक्षाबलों ने पूरे राज्य में हुई मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादियों को मार गिराया था।
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