छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ IPS अधिकारी निलंबित, पुलिसकर्मी की पत्नी ने लगाया था उत्पीड़न का आरोप
निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) से अटैच रहेंगे और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं रहेगी। साथ ही इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई पद के दुरुपयोग और गलत व्यवहार को लेकर लगे आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से की गई है। उन पर एक अधिकारी की पत्नी ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इन आरोपों के बाद हुई एक विभागीय जांच में अधिकारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद उन पर ऐक्शन लिया गया है।
यह मामला साल 2003 बैच के अधिकारी रतन लाल डांगी से जुड़ा है, जो कि अभी पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर कार्यरत हैं। पिछले साल अक्टूबर में एक पुलिस अधिकारी की पत्नी ने डांगी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई थी। उस समय डांगी रायपुर के पास चंद्रखुरी में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक के पद पर तैनात थे।
महिला को पति के ट्रांसफर को लेकर भी डराया गया
अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही महिला ने यह भी दावा किया था कि उन पर दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें इस बात की चिंता थी कि उनके पति का ट्रांसफर हो सकता है।
अधिकारी ने खुद को ब्लैकमेलिंग का शिकार बताया
दूसरी ओर रतन लाल डांगी ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया और खुद को ब्लैकमेलिंग का शिकार बताया। उन्होंने कहा कि वह उस महिला को साल 2019 से सोशल मीडिया के जरिए जानते थे और वह उनके परिवार से भी जुड़ी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वह महिला उनसे पैसे ऐंठ रही थी और उन्हें परेशान कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि उन पर दबाव बनाने के लिए यह झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस विभाग की छवि पर बुरा असर पड़ा
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में बताया गया कि अधिकारी का आचरण एक वरिष्ठ पद के लिए अनुचित पाया गया और यह उनके द्वारा अपने पद व प्रभाव के दुरुपयोग का संकेत देता है। इस दौरान अदालत के द्वारा इसे अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह मामला इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर फैल गया था, जिससे पुलिस विभाग की सार्वजनिक छवि पर बुरा असर पड़ा है।
PHQ से अटैच रहेंगे डांगी, मिलेगा सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) से अटैच रहेंगे और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं रहेगी। साथ ही इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई, तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
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