
छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षा बलों ने आज 5 लाख की इनामी एक महिला नक्सल एरिया कमांडर को मुठभेड़ में मार गिराया। मारी गई महिला नक्सली की पहचान रूपी के रूप में हुई है, वह माओवादियों की परतापुर क्षेत्र समिति की सदस्य थी।

पुलिस के अनुसार इन वामपंथी उग्रवादियों ने पुलिस की 'पूना मारगेम' (पुनर्वास से लेकर सामाजिक एकीकरण तक) पुनर्वास पहल के तहत अपने हथियार डाले। नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने का यह कार्यक्रम जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया था।

पट्टलिंगम ने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सुंदरराज ने बताया कि पिछले 26 महीनों में राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 2,700 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

हाल में छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया गया था जिसमें महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना को दो साल पूरे हो चुके हैं और तीसरे साल के लिए भी महिलाओं को हर महीने रकम बैंक खाते में मिलती रहेगी। 30 जनवरी को 24वीं किस्त जारी की गई थी।

छत्तीसगढ़ का मौसम बदलने वाला है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के उत्तरी हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार इलाके में कोयला खनन परियोजना के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गया। लगभग 1000 लोगों की बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

टॉप नक्सली हिडमा के खात्मे के बाद सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने एक बड़े एनकाउंटर में हिडमा के बाद के शीर्ष नक्सली नेता गणेश उइके को ढेर कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी और ईसाई समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान एक चर्च जला दिया गया और पुलिसकर्मियों पर भी पत्थरबाजी हुई है। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की अगुवाई वाली सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों को एक बड़ा गिफ्ट दिया है। कैबिनेट ने हथियार डालने वाले नक्सलियों को एक बड़ी राहत देने के लिए एक खास प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के ताबूत में ITBP ने आखिरी कील ठोंक दी है। ITBP ने अबूझमाड़ में अपना अहम बेस बनाया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इनमें से 27 पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम था।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में लंबे समय से सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में शामिल 89 लाख रुपये के इनामी कुख्यात डीवीसी दिनेश पांडेय समेत 19 महिलाओं सहित कुल 28 नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस के सामने सरेंडर किया।

उपमुख्यमंत्री (Dy CM) विजय शर्मा ने कहा कि आज 21 नक्सलवादी जिनमें 13 महिलाएं और 8 पुरुष हैं,का पुनर्वास किया गया है। इन 21 सदस्यों में 4 डीवीसीएम (DVCM) स्तर के, 9 एसीएम (ACM) स्तर के और बाकी पार्टी सदस्य हैं।

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर बने निम्न दबाव के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में 24 से लेकर 27 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। किन जिलों में होगी बारिश जानें…

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे एक क्षेत्र में बदलाव की बयार का तगड़ा उदाहरण सामने आया है। ITBP की मदद से दूरदराज के गांव के 10 आदिवासी युवाओं ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा पास कर ली है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 170 माओवादी सरेंडर करेंगे। जिसमें रूपेश और रनिता जैसे बड़े कमांडर शामिल हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ जंग में मील का पत्थर बताया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की। अमित शाह ने ऐलान करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र अब पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त हो चुके हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले मुख्य नक्सलियों में राजमन उर्फ राजमन मंडावी उर्फ राजमोहन उर्फ कंडागटला यादगिरी उर्फ भास्कर (SZCM, आई.सी. एनबी डिव और कंपनी संख्या 05), राजू सलाम (SZCM, कमांडर मिलिट्री कंपनी संख्या 05) और 48 अन्य, मीना नेताम (ACM/सेक राओघाट ए.सी.) भी शामिल है।

इस त्योहार की एक महत्वपूर्ण रस्म 'कुटुंब जात्रा' रविवार को संपन्न हुई। इसके साथ ही बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों से आए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली की ससम्मान विदाई की गई। जानिए भारत के अनोखे त्योहार से जुड़ी खास कहानी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बस्तर क्षेत्र के सात जिलों के लिए यह विशेष नागरिक कार्य कार्यक्रम (civic action programme) गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इस साल की शुरुआत में 1.62 करोड़ के बजटीय आवंटन के साथ शुरू किया गया था।

पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से माओवादी संगठन में सक्रिय 103 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 49 नक्सली इनामी हैं, जिन पर 1 करोड़ 7 लाख रुपये का इनाम है।