JEE Advanced Topper: पहले बने यूपी टॉपर; बड़ौत के उत्कर्ष ने जेईई एडवांस्ड में हासिल की ऑल इंडिया 35वीं रैंक
JEE Advanced 2026 Topper: बड़ौत के रहने वाले होनहार छात्र उत्कर्ष खोखर ने जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा में अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे देश में ऑल इंडिया 35वीं रैंक (AIR 35) हासिल की है।

JEE Advanced 2026 Topper: देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 'जेईई एडवांस्ड 2026' (JEE Advanced 2026) के परिणाम घोषित होते ही उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में जश्न का माहौल है। बड़ौत के रहने वाले होनहार छात्र उत्कर्ष खोखर ने इस कठिन परीक्षा में अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे देश में ऑल इंडिया 35वीं रैंक (AIR 35) हासिल की है। उत्कर्ष की इस ऐतिहासिक कामयाबी से उनके परिवार, गुरुजनों और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
उत्कर्ष के लिए टॉपर्स की लिस्ट में जगह बनाना कोई नई बात नहीं है, बल्कि उन्होंने अपने शानदार एजुकेशनल रिकॉर्ड को एक बार फिर से दोहराया है। वह बड़ौत और बागपत के इतिहास में सबसे सफल छात्रों में से एक बनकर उभरे हैं।
सफलता का अनोखा 'हैट्रिक' रिकॉर्ड
उत्कर्ष की सबसे खास बात यह है कि वह राष्ट्रीय स्तर की हर बड़ी परीक्षा में टॉप स्थान हासिल करते आ रहे हैं:
सीबीएसई इंटरमीडिएट टॉपर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में उत्कर्ष ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे बागपत जिले में पहला स्थान पाया था।
दो बार उत्तर प्रदेश टॉपर: इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित जेईई मेन 2026 (JEE Main 2026) परीक्षा में भी उन्होंने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। उत्कर्ष ने जेईई मेन में दो बार उत्तर प्रदेश स्तर पर टॉप स्थान हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की थी।
जेईई एडवांस्ड में AIR 35: अब इंजीनियरिंग के अंतिम पड़ाव यानी जेईई एडवांस्ड में देश भर के लाखों मेधावियों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने 35वीं रैंक अपने नाम कर ली है।
भावी छात्रों के लिए प्रेरणा: क्या है उत्कर्ष का लक्ष्य?
उत्कर्ष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, निरंतर मार्गदर्शन और शिक्षकों की सही रणनीति को दिया है। उनका सपना देश के टॉप इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करना है। वह देश के टॉप और सबसे इनोवेटिव इंजीनियरों में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहते हैं।
उत्कर्ष की यह कहानी उन छात्रों के लिए एक बड़ा सबक है जो सोचते हैं कि केवल बड़े महानगरों के बच्चे ही टॉप कर सकते हैं। यदि संकल्प दृढ़ हो और पढ़ाई में निरंतरता हो, तो बड़ौत जैसे छोटे शहरों से निकलकर भी देश की सबसे बड़ी परीक्षा को टॉप किया जा सकता है।




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