UPSC Success Story: IPS Bajrang Prasad Yadav crack upsc with 454 rank after his father murder UPSC Success Story: पिता की हत्या के बाद अफसर बनने की ठानी, बजरंग प्रसाद UPSC में AIR 454 हासिल कर बनें IPS, Career Hindi News - Hindustan
More

UPSC Success Story: पिता की हत्या के बाद अफसर बनने की ठानी, बजरंग प्रसाद UPSC में AIR 454 हासिल कर बनें IPS

IPS Bajrang Prasad Yadav: यूपी के बस्ती जिले के रहने वाले बजरंग प्रसाद यादव ने पिता की हत्या के सदमे और भारी आर्थिक तंगी के बीच फसल बेचकर कोचिंग की फीस भरी और हिंदी माध्यम से यूपीएससी पास कर IPS बनने का गौरव हासिल किया।

Fri, 12 June 2026 05:06 PMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
share
UPSC Success Story: पिता की हत्या के बाद अफसर बनने की ठानी, बजरंग प्रसाद UPSC में AIR 454 हासिल कर बनें IPS

Success Story of IPS Bajrang Prasad Yadav: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए मजबूत इरादों की जरूरत होती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले बजरंग प्रसाद यादव की कहानी विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार न मानने की एक ऐसी मिसाल है, जो हर छात्र की आंखों में आंसू और दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा कर देगी। तमाम पारिवारिक संकटों, आर्थिक तंगी और हिंदी मीडियम बैकग्राउंड के बावजूद बजरंग ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर 454वीं रैंक हासिल की और आज वे एक शानदार आईपीएस (IPS) अफसर हैं।

गांव से हुई शुरुआत और किसान पिता का वो सपना

बजंरग प्रसाद यादव उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के धोबहट गांव के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही एक साधारण स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने एक प्राइवेट स्कूल से अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी बजरंग ने इसके बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (प्रयागराज) का रुख किया और वहां से मैथमेटिक्स में बीएससी (BSc) की डिग्री हासिल की।

एक बेहद साधारण किसान परिवार से आने के बावजूद उनके पिता का सपना था कि उनका बेटा एक बड़ा प्रशासनिक अधिकारीबने। पिता की इसी इच्छा और प्रेरणा को समेटकर बजरंग साल 2019 में यूपीएससी की तैयारी करने देश की राजधानी दिल्ली चले आए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिना एक हाथ के जन्मीं काजल का कमाल, UPSC में AIR 167 हासिल कर बनीं IAS

साल 2020: प्रीलिम्स से पहले पिता की हत्या और टूटा दुखों का पहाड़

बजंरग अभी दिल्ली में अपनी पहली परीक्षा यानी प्रीलिम्स की तैयारी में जुटे ही थे कि तभी उनके परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा जिससे पूरी जिंदगी बदल गई। साल 2020 में गांव के जरूरतमंदों और कमजोर लोगों की हमेशा निडरता से मदद करने वाले उनके किसान पिता की कुछ दबंगों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक और दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पति ने दिया धोखा, समाज ने मारे ताने; UPSC क्रैक कर IRS बन गईं कोमल

इस गहरे सदमे से उबरना बजरंग के लिए बेहद मुश्किल था। लेकिन पिता के अंतिम संस्कार के समय ही उन्होंने ठान लिया कि वे अन्याय के खिलाफ देश की सबसे बड़ी ताकत यानी कानून की आवाज बनेंगे। उन्होंने तय किया कि वे हर हाल में सिविल सेवा परीक्षा पास करेंगे ताकि समाज के शोषितों को न्याय मिल सके और किसी अन्य निर्दोष परिवार को ऐसा खौफनाक दर्द न झेलना पड़े।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:‘UPSC नहीं चुनता तो रिक्शा चलाता’, बचपन में हुए अपमान ने दी IAS बनने की प्रेरणा

अनाज बेचकर भरी दिल्ली की फीस, मां बनीं सबसे बड़ा संबल

पिता की मृत्यु के बाद पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में घिर गया था। दिल्ली में रहकर कोचिंग और पढ़ाई का खर्च उठाना बजरंग के लिए नामुमकिन सा हो गया था। ऐसी विपरीत स्थिति में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खेत की फसल अनाज बेचकर दिल्ली में अपनी कोचिंग की फीस जमा की।

इस कठिन दौर में उनकी मां ने फोन पर लगातार उनका हौसला बढ़ाया और एक मजबूत दीवार की तरह खड़ी रहीं। दो प्रयासों में असफल रहने के बाद भी बजरंग ने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपनी गलतियों को सुधारा, हिंदी माध्यम को अपनी ताकत बनाया और तीसरे प्रयास 2023 में देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में 454वीं रैंक लाकर अपने स्वर्गीय पिता के सपने को साकार कर दिखाया। बजरंग की यह कहानी आज देश भर के लाखों हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन चुकी है।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।