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UPSC Prelims : यूपीएससी ने दी खुशखबरी, प्रीलिम्स के फौरन बाद जारी होगी आंसर-की, देने होंगे 3 सबूत, क्या होंगे फायदे

UPSC Prelims Answer Key: यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को होगा। इसके तुरंत बाद आंसर-की जारी हो जाएगी। 31 मई 2026 तक अभ्यर्थी 3 प्रमाण देकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।

Tue, 19 May 2026 08:43 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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UPSC Prelims : यूपीएससी ने दी खुशखबरी, प्रीलिम्स के फौरन बाद जारी होगी आंसर-की, देने होंगे 3 सबूत, क्या होंगे फायदे

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पहली बार सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 की प्रोविजनल उत्तर-कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करने का निर्णय लिया है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को होगा। आयोग ने सोमवार को कहा कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया में सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उम्मीदवार लंबे समय से प्रोविजनल उत्तर-कुंजी जारी करने की मांग कर रहे थे। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपनी प्रदर्शन का प्रारंभिक आकलन करने और समय रहते आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में अभ्यर्थियों के विश्वास को मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

छात्रों को क्या क्या होगा फायदा

फाइनल आंसर-की फाइनल रिजल्ट के बाद ही जारी होगी। आपको बता दें कि अभी तक आयोग फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद ही यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की सार्वजनिक करता आ रहा था लेकिन अब वह एग्जाम के तुरंत बाद आंसर-की जारी करने पर राजी हो गया है। सिविल सेवा अभ्यर्थी वर्षों से यह शिकायत करते आ रहे थे कि उनके पास प्रारंभिक परीक्षाओं में हुई गलतियों को चुनौती देने का कोई तरीका नहीं है। हर साल 5 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होते हैं और केवल 12 से 15 हजार के करीब ही मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर पाते हैं। यूपीएससी के इस नीतिगत बदलाव से अभ्यर्थियों की समस्या का हल हो गया है। अब वे यह भी जान सकेंगे कि वह चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ पाएंगे या नहीं। पहले छात्रों में यह अनिश्चितता रहती थी कि उन्हें मुख्य परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए या अगले साल की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी शुरू करनी चाहिए। पहले उत्तर कुंजी जारी होने से उम्मीदवारों को प्रभावी ढंग से योजना बनाने में मदद मिलेगी।'

यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने इसे नई शुरुआत करार देते हुए कहा कि आयोग पहली बार सिविल सेवा परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करेगा। उन्होंने कहा, 'यह पहल आयोग के अधिक पारदर्शिता, त्वरित संवाद और अभ्यर्थियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।'

31 मई 2026 तक दर्ज कर सकेंगे आपत्ति

कुमार ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सहभागी बनाना है, साथ ही उसकी पवित्रता, निष्पक्षता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखना भी है। प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम छह बजे तक अपनी आपत्तियां ऑनलाइन पोर्टल 'ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (क्यूपीरेप)' के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। यह पोर्टल यूपीएससी ऑनलाइन पोर्टल https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध होगा।

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3 सबूत देने होंगे

बयान में कहा गया कि अभ्यर्थी अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त विवरण और तीन प्रमाणिक स्रोतों से प्राप्त दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। आयोग ने कहा कि इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा में अपने प्रदर्शन का प्रारंभिक और आकलन करने में मदद मिलेगी तथा उन्हें समय रहते अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी मिलेगा।

आपत्तियों को एक्सपर्ट की टीम चेक करेगी

यूपीएससी ने कहा कि प्राप्त सभी आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा व्यापक और सूक्ष्म समीक्षा की जाएगी। बयान के अनुसार, "विशेषज्ञ प्रत्येक आपत्ति की सावधानी के साथ जांच करेंगे। जो सबूत मिलेंगे, उनका मूल्यांकन करेंगे। संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की सटीकता पर अपने विचार दर्ज करेंगे।' आयोग ने कहा कि सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी।

933 वैकेंसी

यूपीएससी सिविल सेवा में इस वर्ष 933 और भारतीय वन सेवा परीक्षा में 40 वैकेंसी है। यूपीएससी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) , भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) समेत की तरह की सिविल सेवओं के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों में प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराती है।

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ध्यान रखें यूपीएससी सीएसई 2026 के ये बड़े बदलाव

1. प्रीलिम्स के तुरंत बाद जारी होगी आंसर-की

यूपीएससी इस बार सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद इसकी आंसर-की जारी करेगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनुपालना में यह निर्णय लिया है।

फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

वर्ष 2026 से सिविल सेवा समेत यूपीएससी की सभी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों का परीक्षा केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। सभी भर्ती परीक्षाओं से पहले आर्टिशियल इंटेलिजेंस (AI) सभी परीक्षार्थियों का 'फेस टेस्ट' यानी 'फेस ऑथेंटिकेशन' किया जाएगा। एआई फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए जालसाजों को पकड़ा जा सकेगा और परीक्षा की शुचिता पहले से सुरक्षित होगी। एआई फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम न सिर्फ फर्जी उम्मीदवारों की पहचान करेगा, बल्कि मैन्युअल चेकिंग के मुकाबले अधिक तेज होगा। इससे परीक्षाओं में होने वाली जालसाजी और डमी कैंडिडेट्स जैसी घटनाओं को रोकने में काफी मदद मिलेगी

दिव्यांगों को मनपसंद का एग्जाम सेंटर

इसके अलावा इस बार से दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी मन-पसंद का सेंटर अलॉट किया जाएगा। अब हर दिव्यांग उम्मीदवार को उनके द्वारा चुना गया केंद्र मिलेगा।

रैंक बढ़ाने के लिए बार-बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने पर रोक

जो पहले से सीएसई पास कर सर्विस में हैं उनके फिर से परीक्षा में बैठने को लेकर कई नियम कायदे तय किए गए हैं। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। इसके अनुसार, वर्तमान में आईएएस या आईएफएस में कार्यरत कोई भी उम्मीदवार सीएसई-2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद आईएएस या आईएफएस में नियुक्त होता है, तो वह प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के बावजूद मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। यदि किसी उम्मीदवार की नियुक्ति मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले होती है, तो उसे सीएसई-2026 के परिणाम के आधार पर किसी भी सेवा या पद के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

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गाइडलाइंस के 4 अहम नियम

1. 30 मिनट पहले बंद होंगे गेट

परीक्षा के प्रारंभ होने के 30 मिनट पहले परीक्षा स्थल पर प्रवेश बंद कर दिया जाएगा अर्थात पूर्वाहन सत्र में 09:00 बजे तथा अपराहन सत्र में 02:00 बजे प्रवेश बंद होने के पश्चात परीक्षा स्थल पर किसी भी उम्मीदवार को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 बजे और दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शुरू होगी।

2. काला बॉल पेन ही लाएं

काले बॉल प्वाइंट पेन से अलग किसी अन्य पेन से दिए किए गए उत्तरों की चेकिंग नहीं की जाएगी। ओएमआर आंसरशीट और अटेंडेंस शीट इसी से भरी जाएगी।

3. परीक्षा में एडमिट कार्ड और फोटो आईडी प्रूफ जरूर लाएं।

4. किसी भी तरह का मोबाइल, घड़ी या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट एग्जाम हॉल में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

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