UPPSC : चयन के बाद भी RO ARO भर्ती के 28 पद रह जाएंगे खाली, PSC मूल्यांकन पर क्यों उठ रहे सवाल
UPPSC की ओर से पिछले 20 दिनों में पीसीएस 2024 और आरओ/एआरओ 2023 के परिणाम में 28 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्हें दोनों भर्तियों में सफलता मिली है। साफ है कि आरओ-एआरओ के 28 पद खाली रह जाएंगे।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पिछले 20 दिनों में पीसीएस 2024 और आरओ/एआरओ 2023 के परिणाम में 28 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्हें दोनों भर्तियों में सफलता मिली है। साफ है कि दोनों भर्तियों में चयनित अभ्यर्थियों में से पीसीएस का पद कोई नहीं छोड़ेगा, ऐसे में आरओ-एआरओ के 28 पद खाली रह जाएंगे। यही कारण है कि इन भर्तियों में एक या दो नंबर से चयन वंचित रह गए प्रतियोगी दूसरी सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं ताकि सभी पद भर जाएं। आयोग ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) 2024 का अंतिम परिणाम 29 मार्च को घोषित किया था।
नॉर्मलाइजेशन के मुद्दे पर छात्रों के विरोध के कारण पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा 22 दिसंबर 2024 को कराई जा सकी थी और अंतिम परिणाम घोषित होने में सवा साल का समय लग गया। इसमें कुल 947 पदों के सापेक्ष 932 पर चयन हुआ है। वहीं पांच अप्रैल को घोषित समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2023 के अंतिम परिणाम आने में तकरीबन ढाई साल लग गए। यह भर्ती नौ अक्तूबर 2023 को शुरू हुई थी। पिछले दिनों लोक सेवा आयोग पर प्रदर्शन करने पहुंचे प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि दोनों भर्तियों में चयनित 28 अभ्यर्थी पीसीएस 2024 में ही ज्वाइन करेंगे, ऐसे में आरओ/एआरओ में 28 पद रिक्त रह जाएंगे। वैसे तो आरओ/एआरओ का परिणाम घोषित होने से पहले आयोग ने पीसीएस में चयनित अभ्यर्थियों से अभ्यर्थन वापसी के लिए आवेदन मांगे थे लेकिन कुछ अभ्यर्थी ई-मेल नहीं कर सके या समुचित सूचनाएं नहीं होने के कारण अभ्यर्थन वापसी नहीं हो सकी। यदि लोक सेवा आयोग दूसरी सूची जारी करता है तो एक-दो नंबर से वंचित रह गए अभ्यर्थियों का आरओ/एआरओ पर चयन हो जाएगा और इन पदों पर दोबारा भर्ती भी नहीं करनी पड़ेगी।
आरक्षित वर्ग के 20 का दोनों में चयन
प्रतियोगी छात्रों की ओर से तैयार सूची के अनुसार जिन 28 अभ्यर्थियों का दोनों भर्तियों में चयन हुआ है उनमें आठ अनारक्षित व 20 आरक्षित वर्ग के हैं। अभिषेक कुमार (एससी), अभिषेक कुमार सिंह (ईडब्ल्यूएस), अभिषेक कुमार सिंह (अनारक्षित), अमित कुमार (अनारक्षित), अमित कुमार (एससी), अंशुमान कुमार (एससी), अविनाश कुमार (एससी), दीपेन्द्र राजपूत (ओबीसी), गायत्री वर्मा (एससी) आदि ने दोनों में सफलता हासिल की है।
42% ओबीसी वर्ग के चयनित
प्रयागराज। आरओ-एआरओ परीक्षा 2023 में सफल अभ्यर्थियों में 28 प्रतिशत अनारक्षित एवं 42 फीसदी ओबीसी वर्ग के हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यह भर्ती लगभग नौ माह में पूरी की है। चयन में कुल 75 जिलों में से 68 जिलों के अभ्यथियों ने सफलता प्राप्त की है। उत्तर प्रदेश से 413 अभ्यर्थी एवं अन्य प्रदेशों से 6 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जिनमें से 338 पुरुष वह 81 महिलाएं हैं।
पीसीएस मेंस के मूल्यांकन पर छात्र उठा रहे सवाल
पीसीएस 2024 मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन पर कई प्रतियोगी छात्र सवाल उठा रहे हैं। अचयनित अभ्यर्थियों का तर्क है कि 00-01 सीरीज के 4927 छात्रों में से 440 का चयन हुआ है जबकि 02-05 सीरीज में 10149 छात्रों में से 492 का चयन हुआ है। यानि 02-05 सीरीज में चयन लगभग आधा हो गया। इतना बड़ा अंतर सामान्य नहीं लगता है। दूसरा मुद्दा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर है। लगभग 1.12 लाख कॉपियां डिजिटल तरीके से जांची गईं। पहली 40 प्रतिशत कॉपियों को जांचने में करीब छह महीने लगे जबकि परिणाम जल्द देने के दबाव में बाकी की 60 फीसदी कॉपियां लगभग 40 दिनों में जांच दी गईं। ऐसे में सवाल है कि क्या मूल्यांकन पूरी तरह से समान और निष्पक्ष था।




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