UPPSC PCS 2024 Result: किसान के बेटे अखिल ने UPPSC में पाई 55वीं रैंक, बनेंगे GST असिस्टेंट कमिश्नर
UPPSC PCS 2024 Result: यूपी पीसीएस 2024 फाइल रिजल्ट में अखिल को असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स/GST) के प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया है। उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर GST की लिस्ट में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (रैंक 1) हासिल किया है, जबकि मुख्य मेरिट लिस्ट में उनकी 55वीं रैंक है।

UP PCS Final Result 2024: "लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।" हरिवंश राय बच्चन की ये पंक्तियां आजमगढ़ के एक छोटे से गांव के रहने वाले अखिल पांडेय पर सटीक बैठती हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 के परिणाम घोषित होने के बाद पूरे जिले में खुशी की लहर है। जहानागंज ब्लॉक के धर्मपुर गांव के रहने वाले अखिल पांडेय ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता का वो झंडा गाड़ा है, जिसकी गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है।
अखिल ने न केवल इस कठिन परीक्षा को पास किया, बल्कि उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स/GST) के प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया है। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर GST की लिस्ट में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (रैंक 1) हासिल किया है, जबकि मुख्य मेरिट लिस्ट में उनकी 55वीं रैंक है।
साधारण पृष्ठभूमि और ग्रामीण परिवेश से निकले हीरे
अखिल का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वे एक बेहद साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता शैलेंद्र पांडेय खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अखिल की शुरुआती परवरिश और शिक्षा गांव की पगडंडियों और मिट्टी के बीच हुई है। उन्होंने अपनी कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई गांव के ही एक स्कूल से पूरी की। संसाधनों की कमी के बावजूद अखिल ने कभी अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया और बचपन से ही मेधावी छात्र के रूप में अपनी पहचान बनाई।
BHU से मिली उच्च शिक्षा की धार
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अखिल ने उच्च शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से कॉमर्स की पढ़ाई की। BHU के शैक्षणिक माहौल ने अखिल के ज्ञान को नई धार दी और यहीं से उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना बुनना शुरू किया।
कोचिंग नहीं, सेल्फ-स्टडी पर रहा भरोसा
आज के दौर में जहां छात्र महंगी कोचिंग और बड़े शहरों के चक्कर लगाते हैं, वहीं अखिल ने एक अलग रास्ता चुना। उनकी सफलता का सबसे बड़ा 'सीक्रेट' रहा—अनुशासित सेल्फ-स्टडी। अखिल ने पूरी तैयारी घर पर रहकर की। उन्होंने केवल मॉक टेस्ट (अभ्यास परीक्षा) और इंटरव्यू की बारीकियां सीखने के लिए ही कोचिंग संस्थानों की मदद ली। उनके मित्रों और सहपाठियों का कहना है कि अखिल शुरू से ही बहुत शांत, गंभीर और ज्ञान के प्रति समर्पित रहे हैं।
गांव में जश्न का माहौल: युवाओं के लिए बने प्रेरणा
जैसे ही अखिल की सफलता की खबर धर्मपुर गांव पहुंची, लोग खुशी से झूम उठे। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अखिल की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे पक्के हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो गांव का साधारण लड़का भी प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर आसीन हो सकता है।
अखिल पांडेय की यह यात्रा उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए एक मशाल की तरह है, जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण हिचकिचाते हैं। उनकी सफलता संदेश देती है कि मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं होता।




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