यूपीपीएससी एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान रिजल्ट में 13% हुए पास, जानिए क्या रहा कट-ऑफ
यूपीपीएससी ने एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान प्रारंभिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। 703 पदों के लिए केवल 13 प्रतिशत यानी 9242 अभ्यर्थी ही 14 जून को होने वाली मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए हैं।

आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जिसका यूपी के लाखों युवाओं को बीते कई महीनों से बेसब्री से इंतजार था। सरकारी नौकरी की आस में दिन रात एक करने वाले छात्रों के लिए एक बहुत ही बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) शिक्षक भर्ती के तहत सामाजिक विज्ञान (Social Science) विषय की प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं।
केवल 13 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल
अगर हम इस परीक्षा के आंकड़ों पर बारीकी से नजर डालें, तो ये नतीजे काफी हैरान करने वाले हैं। इस कड़े इम्तिहान में कुल मिलाकर सिर्फ 13 प्रतिशत अभ्यर्थी ही सफल हो पाए हैं। आयोग के सचिव अशोक कुमार जी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, सामाजिक विज्ञान के कुल 703 पदों के लिए यह पूरी चयन प्रक्रिया चल रही है। इन पदों में पुरुष शाखा के लिए 561 और महिला शाखा के लिए 140 पद शामिल हैं। इसके अलावा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत 'विशिष्ट अध्यापक' (मूकबधिर और शारीरिक रूप से अक्षम विद्यालयों के लिए) के एक एक यानी कुल 2 खास पद भी इसी भर्ती का हिस्सा हैं।
आपको बता दें कि इस बंपर भर्ती के लिए पूरे प्रदेश से 2,09,572 युवाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन 17 जनवरी को जब परीक्षा आयोजित हुई, तो परीक्षा केंद्रों पर सिर्फ 1,20,302 परीक्षार्थी ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए पहुंचे। अब जब प्रारंभिक परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आया है, तो मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए केवल 9,242 अभ्यर्थियों को ही पास घोषित किया गया है।
क्यों पास हुए इतने कम छात्र?
अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर इतने कम छात्र क्यों पास हुए? दरअसल, आयोग के नियम के मुताबिक, कुल रिक्त पदों के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया जाना था। लेकिन, ऐसा हो नहीं सका। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि ज्यादातर परीक्षार्थी परीक्षा पास करने के लिए आयोग द्वारा तय किए गए 'न्यूनतम दक्षता मानक अंक' ही हासिल नहीं कर पाए। पेपर का स्तर इस बार इतना बेहतरीन और चुनौतीपूर्ण था कि उसने अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा दिए। यही वजह है कि कट-ऑफ को क्लीयर करने वालों की तादाद उम्मीद से काफी कम रह गई।
हिन्दुस्तान अखबार की खबर का दिखा जबरदस्त असर
इस रिजल्ट के इतनी जल्दी आने के पीछे मीडिया की ताकत का भी एक बहुत बड़ा रोल रहा है। परीक्षा होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट को लेकर असमंजस में थे और उनका भविष्य अधर में लटका हुआ था। छात्रों की इस परेशानी को आपके अपने भरोसेमंद अखबार हिन्दुस्तान ने प्रमुखता से उठाया। 28 मार्च के अंक में 'बोले प्रयागराज' शृंखला के तहत अखबार ने ‘पाठ्यक्रम न परिणाम, अधर में छात्रों का भविष्य’ शीर्षक से एक बेहद दमदार रिपोर्ट प्रकाशित की। इस खबर ने आयोग का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचा। यूपीपीएससी ने इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी और देरी के बुधवार को रिजल्ट जारी कर छात्रों को बड़ी राहत दे दी।
रिजल्ट कैसे चेक करें?
जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपना रिजल्ट नहीं देखा है, वे तुरंत यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट (uppsc.up.nic.in) पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। वहां रिजल्ट सेक्शन में जाने पर आपको एक पीडीएफ (PDF) फाइल मिलेगी। उस फाइल में आप अपना रोल नंबर सर्च करके बिना किसी लॉगिन के यह जान सकते हैं कि आपने मुख्य परीक्षा के लिए जगह बनाई है या नहीं।
अब आगे क्या?
अब जिन 9,242 मेहनती और खुशनसीब छात्रों ने प्रीलिम्स का यह चक्रव्यूह कामयाबी के साथ भेद लिया है, उनके लिए जश्न मनाने का वक्त बहुत कम है, क्योंकि असली चुनौती अभी बाकी है। आयोग ने मुख्य परीक्षा (Mains Exam) के लिए 14 जून की तारीख प्रस्तावित की है। इसका मतलब है कि छात्रों के पास अब तैयारी के लिए बमुश्किल ढाई महीने का ही वक्त बचा है। मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कब और कैसे करना है, इसकी पूरी डिटेल और नोटिफिकेशन आयोग अपनी वेबसाइट पर अलग से जारी करेगा।




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