UPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल, क्या बोले अभ्यर्थी; कैसा था पेपर का लेवल
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रारंभिक परीक्षा में सरकारी योजनाओं, मनरेगा और सामान्य अध्ययन से जुड़े सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों ने पेपर का स्तर मध्यम और संतुलित बताया।

uppsc assistant professor pre exam analysis : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर संतोष नजर आया। कई उम्मीदवारों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर न तो बहुत कठिन था और न ही बेहद आसान। जिन अभ्यर्थियों ने नियमित तैयारी की थी, उन्हें पेपर हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
सरकारी योजनाओं और सामान्य अध्ययन पर रहा खास फोकस
परीक्षा में सामान्य अध्ययन के हिस्से से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों के मुताबिक मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़े प्रश्न शामिल थे। इसके अलावा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय और अन्य सामान्य ज्ञान विषयों पर भी सवाल पूछे गए। कई प्रश्न सीधे पूछने के बजाय बयान आधारित थे, जिनमें अभ्यर्थियों को विकल्प चुनने से पहले सोच विचार करना पड़ा।
कुछ सवाल आसान तो कुछ ने कराया विश्लेषण
दिल्ली से परीक्षा देने आए कन्हैया ने बताया कि ज्यादातर सवाल आसान थे, लेकिन कुछ प्रश्न घुमावदार तरीके से पूछे गए थे। उन्होंने कहा कि अच्छी तैयारी होने की वजह से उन्हें ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। उन्नाव के अभ्यर्थी हर्ष ने भी बताया कि कुछ सवाल ऐसे थे जिनमें केवल तथ्य याद होना काफी नहीं था, बल्कि विकल्पों का विश्लेषण भी करना पड़ा। उनके अनुसार कुल मिलाकर पेपर सामान्य स्तर का था और अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए संतुलित माना जा सकता है।
हिंदी खंड ने दिलाई राहत
प्रश्नपत्र में हिंदी और सामान्य अध्ययन के सवालों का अच्छा संतुलन देखने को मिला। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे गए, जिनमें 90 प्रश्न हिंदी विषय से और 30 प्रश्न सामान्य अध्ययन से जुड़े थे। हिंदी खंड के अधिकांश सवाल अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत आसान लगे, जिससे उन्हें अच्छा स्कोर करने की उम्मीद है।
कड़ी निगरानी में हुई परीक्षा
लखनऊ में शिया इंटर कॉलेज, शिया पीजी कॉलेज और मुमताज पीजी कॉलेज समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी के बीच परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा का समय सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित था। केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
बयान आधारित प्रश्नों ने बढ़ाई चुनौती
इस बार प्रश्नपत्र की खास बात यह रही कि कई प्रश्न सीधे तथ्य पूछने के बजाय अभ्यर्थियों की समझ और विश्लेषण क्षमता को परखने वाले थे। ऐसे सवालों में दिए गए बयानों का सही आकलन करके उत्तर चुनना था। यही वजह रही कि कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान होने के बावजूद विचार करने वाला बताया।




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