UP Constable Exam: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा; एडमिट कार्ड दिखाएं और किराया हुआ आधा
UP Police constable exam: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा आज से शुरू! 28 लाख अभ्यर्थी 6 पालियों में देंगे परीक्षा। एडमिट कार्ड दिखाने पर रोडवेज बसों का किराया आधा हुआ। प्रमुख रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए गए।

उत्तर प्रदेश में खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का इंतजार आज खत्म हो गया है। प्रदेश की सबसे बड़ी 'यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा' आज यानी 8 जून 2026 से शुरू हो गई है। इस परीक्षा को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। परीक्षा के पहले दिन केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें नजर आईं। प्रशासन ने इस विशाल परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जमीनी स्तर पर बेहद कड़े इंतजाम किए हैं।
28 लाख परीक्षार्थी रचेंगे इतिहास, 6 पालियों में इम्तिहान
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही इस महा-परीक्षा में राज्यभर से लगभग 28 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों की इतनी भारी तादाद को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा को कई दिनों और पालियों में बांटने का फैसला किया है। यह परीक्षा कुल 6 पालियों में आयोजित की जा रही है, ताकि केंद्रों पर एक साथ ज्यादा भीड़ जमा न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे।
छात्रों के लिए बड़ी राहत: एडमिट कार्ड दिखाओ और आधा किराया बचाओ!
दूर-दराज के जिलों से परीक्षा देने आ रहे छात्र-छात्राओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बेहद शानदार और बड़ी राहत दी है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक, परीक्षा के दिनों में अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में सफर करने के लिए पूरा किराया नहीं देना होगा। परीक्षार्थी जैसे ही बस कंडक्टर को अपना आधिकारिक 'एडमिट कार्ड' दिखाएंगे, उनका बस का किराया तुरंत आधा (50% डिस्काउंट) कर दिया जाएगा।
सरकार के इस छात्र-हितैषी कदम से उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बहुत बड़ी आर्थिक मदद मिली है, जो कई सौ किलोमीटर दूर सेंटर मिलने के कारण परेशान थे। परिवहन निगम को यह भी आदेश दिए गए हैं कि परीक्षा के विशेष दिनों 8, 9 और 10 जून में प्रमुख रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएं ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सीसीटीवी से लेकर बायोमेट्रिक हाजिरी तक
गड़बड़ी और फर्जी परीक्षार्थियों को रोकने के लिए इस बार 'फेशियल रिकग्निशन' (चेहरा पहचानना) और बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) को अनिवार्य किया गया है। पूरी मिलान प्रक्रिया सफल होने के बाद ही छात्र को सीट पर बैठने की अनुमति दी जा रही है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन और किसी भी तरह के गैजेट्स को परीक्षा परिसर में ले जाना पूरी तरह से बैन किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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