UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं परीक्षा में पहले ही दिन 3 लाख ने छोड़ा हिन्दी का पेपर
यूपी बोर्ड को सभी 75 जिलों से मिली सूचना के अनुसार हाईस्कूल में पंजीकृत 27,54,376 परीक्षार्थियों में से 25,83,055 उपस्थित और 1,71,321 अनुपस्थित रहे। वहीं इंटर में पंजीकृत 24,99,370 छात्र-छात्राओं में से 23,56,983 उपस्थित व 1,42,387 अनुपस्थित रहे।

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार को शुरू हो गईं। पहले दिन सुबह 8:30 से 11:45 बजे की पाली में 8033 केंद्रों पर हाईस्कूल हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी जबकि दो से 5:15 बजे की दूसरी पाली में 7998 केंद्रों पर इंटरमीडिएट हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षा हुई। दोनों पालियों की परीक्षा के लिए पंजीकृत 52,53,746 परीक्षार्थियों में से 49,40,038 उपस्थित रहे जबकि 3,13,708 ने परीक्षा छोड़ दी। यूपी बोर्ड को सभी 75 जिलों से मिली सूचना के अनुसार हाईस्कूल में पंजीकृत 27,54,376 परीक्षार्थियों में से 25,83,055 उपस्थित और 1,71,321 अनुपस्थित रहे। वहीं इंटर में पंजीकृत 24,99,370 छात्र-छात्राओं में से 23,56,983 उपस्थित व 1,42,387 अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल में तीन छात्र अनुचित साधन का उपयोग करते पकड़े गए। हापुड़ में दो और बरेली में एक परीक्षार्थी को पकड़ा गया।
दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पांच व्यक्ति पकड़े गए और सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आगरा, फतेहपुर, कन्नौज, कौशाम्बी और इटावा में एक-एक छद्म परीक्षार्थी के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत एफआईआर कराई गई है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार किसी भी जिले में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
निर्धारित खंडकाव्य से प्रश्न न आने पर छात्र परेशान
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन बुधवार को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट हिंदी के प्रश्नपत्र संकेतांक (301बीडी) में मुक्ति यज्ञ खंडकाव्य से प्रश्न ही नहीं पूछा गया। इंटरमीडिएट में अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों के लिए छह खंडकाव्य निर्धारित हैं। कानपुर, जौनपुर, मुरादाबाद, फैजाबाद, एटा और ललितपुर के विद्यार्थी मुक्ति यज्ञ खंडकाव्य का अध्ययन करते हैं। बुधवार को जौनपुर समेत अन्य जिलों में वितरित (301बीडी) संकेतांक वाले प्रश्न पत्र में मुक्ति यज्ञ नामक खंडकाव्य से प्रश्न नहीं आने से विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ा। बताया गया कि इस संकेतांक के प्रश्न संख्या में रश्मिरथी, श्रवण कुमार, सत्य की जीत, आलोकवृत्त और त्यागपथी खंडकाव्य से सवाल पूछे गए थे जो कि दूसरे जिलों के लिए निर्धारित हैं।
नकल में पकड़े गए परीक्षार्थी तो नहीं दर्ज होगा मुकदमा : सचिव
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो गई हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को 15 फरवरी को भेजे पत्र में निर्देशित किया है कि परीक्षाओं में अनुचित साधन प्रयोग करते हुए पकड़े गए परीक्षार्थियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाएगा।
सचिव ने लिखा है कि सार्वजनिक परीक्षाओं को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाले दोषियों के विरुद्ध निर्णायक एवं कठोर कार्यवाही उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कराई जानी है। हालांकि इस अधिनियम के अनुशास्ति या दंड के प्राविधान परीक्षार्थियों पर लागू नहीं हैं। सचिव ने साफ किया है कि यदि परीक्षार्थी सार्वजनिक परीक्षा में किसी पेपर का उत्तर देने में अनुचित साधनों का उपयोग करता हुआ या लिप्त पाया जाता है तो उनकी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और ऐसे परीक्षार्थी का परिणाम परीक्षा प्राधिकारी की ओर से निर्धारित नियमों में घोषित किया जाएगा।




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