UP Board 10th 12th Result : बड़ी राहत, यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं छात्रों को फेल होने से बचाएंगे ये 2 नए नियम
सीबीएसई बोर्ड की तरह इस वर्ष से यूपी बोर्ड भी स्टेप वाइज मार्किंग शुरू करने जा रहा है। यह नियम यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं के छात्रों को फेल होने से बचाएगा। इस रूल से गणित के लंबे सवालों या विज्ञान के मुश्किल फॉर्मूलों व न्यूमेरिकल्स में कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिलेगा।

UP Board 10th 12th Result 2026: सीबीएसई बोर्ड की तरह इस वर्ष से यूपी बोर्ड भी स्टेप वाइज मार्किंग शुरू करने जा रहा है। यह नियम यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं के छात्रों को फेल होने से बचाएगा। इस रूल से गणित के लंबे सवालों या विज्ञान के मुश्किल फॉर्मूलों व न्यूमेरिकल्स में कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिलेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने यह साफ किया है कि अगर कोई छात्र पूरा सवाल सही हल नहीं कर पाता, लेकिन उसकी शुरुआत सही करता है, तो उसे निश्चित रूप से अंक मिलेंगे। इसे ही स्टेप-मार्किंग कहा जाता है। छात्र जितने ज्यादा स्टेप्स लिखेंगे, उन्हें उतने ही ज्यादा अंक मिलेंगे। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के पुराने तरीके को अब बंद कर दिया गया है।
सीबीएसई में भी गणित और विज्ञान विषयों में स्टेप मार्किंग लागू है। यदि छात्र ने सवाल हल करने की सही विधि अपनाई है लेकिन अंतिम उत्तर पूरी तरह सही नहीं है, तो भी परीक्षक सही स्टेप्स के लिए अंक देंगे। ऐसा ही नियम यूपी बोर्ड में अब लागू कर दिया गया है।
हिंदी-अंग्रेजी में होगी स्पेलिंग की जांच
यूपी बोर्ड ने हाल ही में कॉपी जांच वाले परीक्षकों को जिम्मेदारी के साथ मूल्यांकन की हिदायत भी दी है। परीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि हिंदी-अंग्रेजी या अन्य भाषा विषयों में ही भाषाई अशुद्धता और मात्राओं की जांच की जाएं, अन्य में नहीं। गणित और विज्ञान में स्टेप पर नंबर दिए जाएं। परीक्षार्थियों ने बाएं पृष्ठ पर भी उत्तर लिखे हों तो उनका भी समुचित मूल्यांकन हो। परीक्षकों को कॉपियों के मूल्यांकन में उदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया है।
दो नियम
- स्टेप वाइज मार्किंग, उत्तर गलत हो कोई बात नहीं अगर ऊपर के स्टेप सही लिखे हैं तो अंक मिलेंगे।
2. सिर्फ हिंदी-अंग्रेजी में होगी स्पेलिंग की जांच
कैसे लागू होगा यह सिस्टम
अब यूपी बोर्ड चेक करने की प्रक्रिया हाई-टेक हो गई है। अब शिक्षक लाल पेन से पन्ने पलटने के बजाय, कंप्यूटर स्क्रीन पर ऑनलाइन उत्तर पुस्तिकाएं जांचेंगे। इससे अंकों को जोड़ने में होने वाली गलतियां रुकेंगी और नतीजों के लिए इंतजार का समय भी कम हो जाएगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में 'स्टेप मार्किंग' लागू होने से, छात्रों की मेहनत को ज्यादा सराहा जाएगा। अक्सर ऐसा होता है कि छात्र गणित का कोई सवाल सही ढंग से हल कर लेते हैं, लेकिन आखिरी चरणों में जोड़-घटाव करने में गलती कर बैठते हैं; जिसके कारण शिक्षक उनके पूरे अंक काट लेते हैं। अब यह अन्याय नहीं होगा। नए नियम के तहत, यदि कोई प्रश्न पांच अंकों का है और छात्र उसे तीन चरणों तक सही हल कर लेते हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से तीन अंक मिलेंगे। परीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में थोड़ी नरमी बरतें और हर सही चरण के लिए अंक दें; जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और गलतियां करने का डर भी कम होगा।
डिजिटल" मूल्यांकन की प्रक्रिया
यूपी बोर्ड अब उत्तर पुस्तिकाओं के "डिजिटल" मूल्यांकन की प्रक्रिया लागू कर रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके एक सर्वर पर अपलोड किया जाएगा, जहाँ शिक्षक लॉग-इन करके उन्हें जांचेंगे। इससे नतीजों में होने वाली गलतियां, जैसे कि अंकों का छूट जाना या किसी प्रश्न का बिना जांच रह जाना, पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। शिक्षकों द्वारा दिए गए अंक सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सुरक्षित हो जाएंगे, जिससे यूपी बोर्ड 2026 के नतीजों की घोषणा में लगने वाला समय आधा रह जाएगा।
हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर लैब
इस नई प्रणाली को लागू करने के लिए, कई ज़िलों में बने मूल्यांकन केंद्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। परीक्षकों को कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तर पुस्तिकाएं जांचने और स्टेप-मार्किंग के तहत अंक दर्ज करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बोर्ड का लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय गलतियों की गुंजाइश को न्यूनतम करना है, ताकि नतीजों में पूरी तरह से सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
री-चेकिंग करवाना होगा आसान
यूपी बोर्ड की यह ऑनलाइन मार्किंग प्रणाली, किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर देगी। बोर्ड के अधिकारी किसी भी समय, किसी भी उत्तर पुस्तिका की जाँच करके यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि अंकों का सही-सही मूल्यांकन किया गया है या नहीं। इस व्यवस्था से उन मेधावी छात्रों को भी बहुत लाभ मिलेगा, जिन्हें अक्सर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की 'री-चेकिंग' करवाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
18 मार्च से मूल्यांकन कार्य होगा शुरू
यूपी बोर्ड परीक्षा संपन्न होने को है। अगले सप्ताह 18 मार्च से मूल्यांकन शुरू हो जाएंगे। कॉपियां जांचने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से कड़े आदेश जारी किए गए हैं। जांच में ‘खानापूरी’ न करने की चेतावनी दी गई है। लापरवाही पर परीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी तैयारी है। कहा गया है कि लापरवाही बरतने वाले परीक्षक को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
पारिश्रमिक में इस साल बढ़ोतरी
कॉपियों की जांच के लिए दिये जाने वाले पारिश्रमिक में इस साल बढ़ोतरी की गई है। अब हाईस्कूल की एक कॉपी की जांच पर परीक्षक को 11 की जगह 14 रुपये और इंटरमीडिएट की एक कॉपी के लिए 13 की जगह 15 रुपये दिए जाएंगे।
ज्यादा से ज्यादा कॉपियां जांचने पर भी होगी रोक
परीक्षकों के अधिक पारिश्रमिक के चक्कर में ज्यादा से ज्यादा कॉपियां जांचने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई गई है। पूरी मूल्यांकन अवधि में परीक्षकों द्वारा जांची जाने वाली कॉपियों की संख्या हाईस्कूल के लिए 700 और इंटर के लिए 600 तय की गई है। उप प्रधान परीक्षक एक दिन में 10 से ज्यादा कॉपियां नहीं जांचेंगे।




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