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Study MBBS Abroad: विदेश से करें मेडिकल की पढ़ाई, बिना NEET के मिलेगा MBBS में एडमिशन

Medical Education in US: यदि आप दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित देश अमेरिका (USA) से मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो वहां आपको भारत की नीट परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होती।

Tue, 19 May 2026 04:03 PMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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Study MBBS Abroad: विदेश से करें मेडिकल की पढ़ाई, बिना NEET के मिलेगा MBBS में एडमिशन

US Top Medical Colleges: भारत में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर 'नीट' (NEET) प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि सरकारी कॉलेजों में सीमित सीटों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कई होनहार छात्रों का यह सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई (MBBS) करना भारतीय छात्रों के बीच एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यदि आप दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित देश अमेरिका (USA) से मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो वहां आपको भारत की नीट परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होती।

अमेरिका में 12वीं कक्षा के तुरंत बाद सीधे मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं मिलता। छात्रों को सबसे पहले 4 वर्षीय बैचलर्स डिग्री (Pre-Med) पूरी करनी पड़ती है, जिसमें बायोलॉजी और केमिस्ट्री विषयों की पढ़ाई अनिवार्य है। इसके बाद, छात्रों को 'मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट' (MCAT) नामक एक कठिन राष्ट्रीय परीक्षा पास करनी होती है। इस परीक्षा को क्वालिफाई करने के बाद ही उम्मीदवारों को अमेरिका के टॉप मेडिकल कॉलेजों में एमडी (MD - जो भारत के MBBS के बराबर है) कोर्स में एडमिशन मिलता है।

ये हैं भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका के सबसे टॉप मेडिकल कॉलेज

1. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल

यह अमेरिका का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित संस्थान है, जिसकी स्थापना साल 1782 में हुई थी। यहां से पढ़ाई करने वाले 160 से अधिक दिग्गजों ने नोबेल पुरस्कार जीता है। यहां का एडमिशन क्राइटीरिया बेहद कड़ा है और एक्सेप्टेंस रेट सिर्फ 3% है, जिसके चलते हर साल केवल 200 से 250 छात्रों को ही एमडी (MD) कोर्स में दाखिला मिल पाता है। यहां की सालाना फीस लगभग 77.50 लाख रुपये है।

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2. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी

कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को में स्थित इस यूनिवर्सिटी में 18 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। इसके 'स्कूल ऑफ मेडिसिन' की मुख्य पहचान मजबूत रिसर्च और छोटी क्लास साइज है, जिससे छात्रों को बेहतर सीखने का मौका मिलता है। इसके अस्पतालों में हर साल 10 लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है। यहां की सालाना फीस लगभग 66 लाख रुपये है।

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3. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी

यह अमेरिका की पहली आधिकारिक रिसर्च यूनिवर्सिटी है, जो किसी भी अन्य संस्थान के मुकाबले रिसर्च पर दोगुना पैसा खर्च करती है। 6.3% एक्सेप्टेंस रेट वाले इस मेडिकल कॉलेज में हर साल केवल 250 छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। यहां डॉक्टर बनने की सालाना फीस करीब 69.50 लाख रुपये है।

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4. येल यूनिवर्सिटी

येल स्कूल ऑफ मेडिसिन का एक्सेप्टेंस रेट 5.5% है और इसके छोटे क्लास साइज के कारण छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है। इसके एमडी (MD) प्रोग्राम में हर साल सिर्फ 100 चुनिंदा छात्रों को एडमिशन मिलता है। इसके पूर्व छात्रों में अमेरिका के नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के दर्जनों सदस्य शामिल हैं। यहां की सालाना फीस 79,346 डॉलर (यानी करीब 76 लाख रुपये) है।

5. यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया

इस यूनिवर्सिटी का 'पेरलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन' अमेरिका का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है, जिसे साल 1765 में शुरू किया गया था। वर्तमान में यह कॉलेज मुख्य रूप से बायोमेडिकल रिसर्च और मरीजों की देखभाल पर केंद्रित है। अन्य टॉप कॉलेजों की तुलना में यहां सीटें अधिक हैं और हर साल करीब 800 छात्रों को एमडी (MD) करने का अवसर मिलता है। यहां की सालाना फीस लगभग 79 लाख रुपये है।

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