SSC : एसएससी भर्ती परीक्षा में एनीडेस्क से नकल की साजिश का भंडाफोड़, होटल से मिली चौंकाने वाली चीजें
SSC recruitment exam : एसएससी की स्टेनोग्राफर की परीक्षा में ऑनलाइन नकल कराने की साजिश कर रहे गिरोह का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 6 अगस्त को होने वाली स्टेनोग्राफर की परीक्षा में ऑनलाइन नकल कराने की साजिश थी।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की स्टेनोग्राफर की परीक्षा में ऑनलाइन नकल कराने की साजिश कर रहे गिरोह का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सरगना समेत गिरोह के कुल नौ लोगों को हल्द्वानी के एक होटल से दबोचा है। उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, वाईफाई डोंगल व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में आठ यूपी और एक हरियाणा का रहने वाला है। सभी को न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस की रडार पर अभी कई और शातिर हैं।
एसएसपी पीएन मीणा ने सोमवार को पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को हाल में इनपुट मिला था कि देवलचौड़ के एक होटल में 8-10 लोग काफी दिनों से रुके हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। जांच में पता चला कि आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को नकल कराने के इरादे से यहां ठिकाना बनाए हैं। रविवार रात को पुलिस और एसओजी ने होटल में घेराबंदी कर छापेमारी की और एक कमरे से नौ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में गिरोह के सरगना बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी परविंदर सिंह व सुनील कुमार निकले। दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। कर्ज में होने के कारण उन्होंने परीक्षाओं में नकल कराने का प्लान बनाया। इसके लिए कम्यूटर लाइब्रेरी किसी से लीज पर लेकर उत्तराखंड में होने वाली ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराकर प्रतिभागियों से चार-चार लाख रुपये में भर्ती कराने की योजना तैयार की। अन्य लोगों को भी अपने साथ गिरोह में शामिल किया। योजना थी कि लाइब्रेरी में कुछ प्रश्न पत्र सॉल्वर बिठाकर एनीडेस्क या एमी एडमिन रिमोट डेस्कटॉप ऐप के माध्यम से नकल करवाकर अभ्यर्थियों को पास कराएंगे और उनसे मिलने वाली रकम आपस में बांट लेंगे। आने वाले छह अगस्त को एसएससी की स्टेनोग्राफर की परीक्षा में नकल कराने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। एसएसपी ने पुलिस व एसओजी टीम को ढाई हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
ऐसे था नकल कराने का प्लान
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य परीक्षा के दौरान लाइब्रेरी में कम्प्यूटर व लैपटॉप लेकर प्रश्न पत्र सॉल्वर बिठाते और फिर एनीडेस्क या डमी एडमिन रिपोट डेस्कटॉप एप के माध्यम से नकल कराते। ऐसे में परीक्षार्थी केवल डमी बनकर अपने सिस्टम पर बैठे रहता जबकि पूरा पेपर सॉल्वर हल करता। परीक्षा में पास करवाने से पहले प्रवेश पत्र मंगाए गए थे। इसके बाद परीक्षा को धांधली में पास करवाने की साजिश थी। पैसे परीक्षा पास होने के बाद मिलने थे।
देहरादून के व्यक्ति से लीज पर ली थी लाइब्रेरी
गिरोह के सरगना ने दिसंबर 2024 में हल्द्वानी मानपुर पश्चिम में स्थित ज्ञानकोष डिजिटल लाइब्रेरी को देहरादून निवासी दीपक नाम के व्यक्ति से लीज पर लिया था। इसका एग्रीमेंट देहरादून से कराया गया। इस काम के लिए रमाकांत उर्फ राहुल की मदद ली गई। राहुल ने दिल्ली में किसी आईटी वाले से सेटिंग की बात कही, जिससे ऑनलाइन परीक्षा के दौरान नकल आसानी से हो सके। ज्ञानकोष डिजिटल लाइब्रेरी हल्द्वानी में इस साजिश को सफल बनाने के लिए अपने पार्टनर आफताब खान, अरुण कुमार को इनविजिलेटर रख लिया। इसके बाद विशाल गिरी, शिव सिंह व जसवीर को बतौर पार्टनर रखकर उनसे ऐसे अभ्यर्थियों को लाने के लिए कहा गया जो पैसे देकर परीक्षा में पास होना चाहते हैं।
26 जुलाई से भी नकल का प्रयास, नहीं हो पाए सफल
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई से एक अगस्त तक भी एसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएल) ऑनलाइन हुई थी। इसमें भी ज्ञानकोष डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से नकल कराने का प्रयास किया गया। गिरोह के सदस्यों ने अपने-अपने स्तर से नौकरी पाने वाले लड़कों को प्रलोभन देकर परीक्षा पास कराने के लिए चार-चार लाख रुपये की धनराशि तय की। उनके प्रवेश पत्र वाट्सएप पर मंगवा लिए। लेकिन उनकी लैब में काम करने वाले हिमांशु बिष्ट ने लैब में लैपटाप लगाने व सिस्टमों में छेड़छाड़ करने से मना करते हुए आपत्ति कर दी। इस वजह से इस ऑनलाइन परीक्षा में एनीडेस्क रिमोट के माध्यम से दिल्ली में बैठे सॉल्वर से पेपर सॉल्व कराने का प्लान सफल नहीं हो सका। इस तरह पहली कोशिश नाकाम हो गई। अब आगामी छह अगस्त से आयोजित होने वाली परीक्षा में नकल कराने की तैयारी थी। इससे पहले पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार:
परविंदर कुमार पुत्र कालूराम निवासी ग्राम लोहारी, थाना बड़ौत, जिला बागपत व हाल निवासी शिव मंदिर कॉलोनी, देहरादून।
सुनील कुमार पुत्र बलबीर सिंह निवासी ग्राम बामनोली, थाना दोघट, जिला बागपत, यूपी।
रमाकांत शर्मा उर्फ राहुल पुत्र सुरेंद्र कुमार शर्मा निवासी जिला बुलंदशहर, यूपी।
अभिषेक कुमार पुत्र विजय सिंह निवासी शहादाबाद, जिला हाथरस यूपी।
विशाल गिरी पुत्र सतीश गिरी उम्र निवासी रोटा रोड, मेरठ। हाल खेतड़ी, बहादराबाद हरिद्वार।
फताब खान पुत्र याकूत अली निवासी ग्राम कल्याणपुर, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरनगर।
अरुण कुमार पुत्र राजकुमार उम्र निवासी तुल्हेड़ी, थाना मीरापुर, जिला मुजफ्फरनगर, यूपी।
शिव सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी ग्राम बढार, थाना शहादाबाद, जिला हाथरस उत्तर प्रदेश।
जसवीर सिंह पुत्र जोगीराम निवासी थाना अर्बन स्टेट, जिला रोहतक, मूल जिला जींद, हरियाणा।




साइन इन