SSC : क्या रद्द होगी सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा, किनका होगा री-एग्जाम, एसएससी चेयरमैन ने किया साफ
एसएसी की सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 भर्ती परीक्षा रद्द नहीं होगी। परीक्षा में कई जगहों पर गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद अभ्यर्थियों के तेज होते विरोध के बीच आयोग के चेयरमैन एस गोपालकृष्णन ने यह प्रतिक्रिया दी।

कर्मचारी चयन आयोग (एसएसी) की सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 भर्ती परीक्षा रद्द नहीं होगी। परीक्षा में कई जगहों पर गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद अभ्यर्थियों के तेज होते विरोध के बीच आयोग के चेयरमैन एस गोपालकृष्णन ने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा के दौरान बेहतर प्रबंधन नहीं होने के कारण जिन छात्रों ने परीक्षा में उचित मौका नहीं मिलने की बात कही है, उनके लिए दोबारा परीक्षा कराई जा सकती है। एसएससी के चेयरमैन ने बताया कि 24 जुलाई से 1 अगस्त के बीच हुई परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों और केंद्रों की गलत अलॉटमेंट जैसी समस्याएं सामने आईं। इन पर आयोग काम कर रहा। देशभर के 142 शहरों के 194 केंद्रों पर लगभग 5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी।
कई केंद्रों पर परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई थी, सॉफ्टवेयर काम नहीं कर रहा था, बायोमैट्रिक जांच में दिक्कत आई, छात्रों को बहुत दूर के केंद्र मिले। इस कारण दिल्ली समेत कई जगह छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जताई। आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए कहा, अगर हमें एक भी ऐसा छात्र मिला जिसे नुकसान हुआ है, तो हम सिर्फ उसके लिए दोबारा परीक्षा कराएंगे। परीक्षा कराने वाली कंपनी की गलतियों के लिए उसपर जुर्माना लगाया जाएगा जैसे सिस्टम हैंग होना या माउस काम न करना। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभी कंपनी को हटाया नहीं जा सकता क्योंकि नई कंपनी लाने में दिसंबर तक का समय लग जाएगा। आयोग ने उम्मीद जताई है कि 6 से 8 अगस्त तक होने वाली परीक्षाएं ज्यादा व्यवस्थित होंगी, जिनमें लगभग 3.5 लाख छात्र शामिल होंगे।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एसएससी चेयरमैन ने तकनीकी गड़बड़ियों और उम्मीदवारों को दूर-दराज के केंद्र दिए जाने सहित खराब प्रबंधन की बात स्वीकार की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले महीनों में सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "हम आने वाले महीनों में सुधार करेंगे और योजना बनाएंगे।"
उम्मीदवारों की तत्काल चिंता को दूर करने के लिए 2 अगस्त को तीन पालियों में अतिरिक्त परीक्षाएं आयोजित की गईं। दो केंद्रों, एक दिल्ली (पवन गंगा) और दूसरा उत्तर प्रदेश (एजुकासा) में, पूरी तरह से रद्द कर दिया गया, जिससे लगभग 2,500 छात्र प्रभावित हुए। 2 अगस्त को, लगभग 16,600 उम्मीदवारों को पुनः परीक्षा देनी थी, लेकिन केवल 8,048 ही उपस्थित हुए, जो 60 प्रतिशत उपस्थिति दर को दर्शाता है।
अध्यक्ष ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो एसएससी प्रभावित उम्मीदवारों के लिए एक और री एग्जाम आयोजित करेगा। अध्यक्ष गोपालकृष्णन ने नए वेंडर के साथ शुरुआती समस्याओं की बात स्वीकार की और कहा कि सिस्टम हैंग होने और माउस की खराबी जैसी खामियों के लिए जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने अभ्यर्थियों और शिक्षकों द्वारा वेंडर को हटाने की मांग को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा के आधार पर, मैं उन्हें नहीं हटा सकता। आने वाले हफ्तों में मैं परीक्षाएं कैसे आयोजित करूंगा? मुझे एक नया टेंडर जारी करना होगा और कंपनी तय होने में दिसंबर तक का समय लगेगा। तब तक मैं क्या करूंगा?'।




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