SSC : एसएससी MTS परीक्षा केंद्र के नीचे मिला तहखाना, मिले लैपटॉप और राउटर, नकल गिरोह का सरगना गिफ्तार
करीब तीन माह पहले एसएससी MTS भर्ती परीक्षा के दौरान देहरादून के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में अभ्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के जरिए नकल कराने वाले एक हाईटेक गिरोह के सरगना को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया ।

करीब तीन माह पहले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की एक भर्ती परीक्षा के दौरान देहरादून के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में अभ्यार्थियों को कथित रूप से आधुनिक तकनीक के जरिए नकल कराने वाले एक हाईटेक गिरोह के सरगना को उत्तराखंड विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया । अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अभ्यर्थियों को दूर बैठकर अपनी लैब के माध्यम से नकल कराने वाले गिरोह का 13 फरवरी को हुई परीक्षा के दौरान ही भंडाफोड़ करते हुए इसके दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अभ्यर्थियों का परीक्षा में चयन होने पर गिरोह उनके पद के ग्रेड पे के हिसाब से पैसे की मांग करता था ।
देहरादून के एमकेपी परीक्षा केंद्र में नकल का पर्दाफाश
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना शुभम भटनागर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कुतुबशेर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया । उन्होंने बताया कि एसएससी द्वारा आयोजित मल्टीटास्किंग (नॉन टैक्निकल) स्टाफ और हवलदार ऑनलाइन परीक्षा के दौरान देहरादून के एमकेपी परीक्षा केंद्र में कथित तौर पर रिमोट एक्सेस संसाधनों का उपयोग कर परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था।
कंप्यूटर लैब के नीचे मिला तहखाना, मिले लैपटॉप
अधिकारी ने बताया कि जब एसटीएफ द्वारा परीक्षा केंद्र पर दबिश दी गयी तो परीक्षा लैब के पास बने सर्वर रूम के एक कोने में 24 गुणा 24 इंच का एक अंडर ग्राउंड चेंबर (गड्ढा) पाया गया जिसमें राउटर के साथ दो लैपटॉप स्वचालित अवस्था में रिमोटली चलाए जाते मिले थे। इन लैपटॉपों के माध्यम से ऑनलाइन हो रही परीक्षा में प्रश्नपत्रों को हल करने में मदद की जा रही थी ।
गिरोह का सरगना भटनागर था फरार
एसटीएफ ने लैपटॉपों और राउटर समेत पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया था तथा मौके पर मौजूद दो आरोपियों-नीतिश कुमार गौड़ तथा भास्कर नैथानी को गिरफ्तार कर लिया था । हांलांकि गिरोह का सरगना भटनागर तब से फरार था । इस संबंध में देहरादून नगर कोतवाली में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था ।




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