ड्रोन घुसपैठ अलर्ट के बीच कश्मीर में 2 दिन के लिए स्कूल-कॉलेज बंद, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं के बाद कश्मीर घाटी में 2 और 3 मार्च को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

तनावपूर्ण सुरक्षा हालात के बीच प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर के कश्मीर घाटी में 2 और 3 मार्च को सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उस समय उठाया गया, जब नियंत्रण रेखा पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां देखी गईं और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई। प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सर्दियों की छुट्टियों के बाद स्कूलों को दोबारा खोलने की जो तैयारी थी, उसे फिलहाल टाल दिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल निर्धारित तिथियों पर बंद रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक 1 मार्च की सुबह करीब 5:45 से 6 बजे के बीच नियंत्रण रेखा के पास क्वाडकॉप्टर के जरिए भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिशें दर्ज की गईं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और गश्त को और तेज कर दिया। हाल के दिनों में ऐसी कई गतिविधियां सामने आने के कारण इसे अलग-थलग घटना नहीं माना जा रहा है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के बाद माहौल संवेदनशील
सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, खासकर अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में संवेदनशील माहौल बना हुआ है। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक या राष्ट्रविरोधी तत्व जनभावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए पहले से ही सख्ती बरती जा रही है। एहतियात के तौर पर श्रीनगर के प्रमुख इलाके लाल चौक सहित कई स्थानों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। शहर के संवेदनशील हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई और आवाजाही पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि रविवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
करीब तीन महीने की सर्दी की छुट्टियों के बाद कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल भी खुलने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इनकी पढ़ाई भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों ने नियंत्रण रेखा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास निगरानी बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।




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