CBSE OSM : अरे भाई मुझे नहीं मिली IIT में नौकरी, सार्थक सिद्धांत ने खबरों को बताया फर्जी, जताई एक इच्छा
सार्थक सिद्धांत ने आईआईटी में नौकरी मिलने की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भले ही आईआईटी कानपुर से कोई ऑफर नहीं आया है, लेकिन अगर कोई ऐसा ऑफर आता है तो मैं तुरंत हां बोल दूंगा।

सीबीएसई ओएसएम सिस्टम की खामियों को उजागर करने वाले सार्थक सिद्धांत ने उन खबरों को झूठ करार दिया है जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि उन्हें आईआईटी कानपुर में जॉब मिली है। झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सिद्धांत ने यह साफ किया कि उन्हें आईआईटी कानपुर की तरफ से जॉब का कोई भी ऑफर नहीं आया है। रांची के रहने वाले 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) टेंडरिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियों को उजागर करने के बाद चर्चा में आए थे। दरअसल यह कन्फ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि आईआईटी कानपुर ने सीबीएसई ओएसएम सिस्टम की कमियां बताने वाले एक अन्य छात्र निसर्ग अधिकारी को नौकरी पर रखा है। उन्होंने सीबीएसई के ऑनस्क्रीन पोर्टल में कमियों के बारे में एक ब्लॉग पोस्ट लिखा था। उन्हें आईआईटी कानपुर के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub में ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के तौर पर नियुक्त किया गया है।
सार्थक सिद्धांत ने दी सफाई
18 साल के सार्थक ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने IIT कानपुर में नौकरी मिलने की गलत खबरों का खंडन किया। आईआईटी में नियुक्ति से जुड़ी खबर और ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए CBSE के 12वीं कक्षा के छात्र ने कहा, "यह सच नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "अरे भाई, मुझे नौकरी नहीं मिली है।"
आईआईटी कानपुर ने निसर्ग अधिकारी को नौकरी पर रखा
आईआईटी कानपुर ने निसर्ग अधिकारी को उनके उस ब्लॉग पोस्ट के आधार पर नौकरी पर रखा जिसमें सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन पोर्टल की कमियों के बारे में बताया गया था। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि 22 मई को पब्लिश हुए उस पोस्ट को पढ़ने के बाद उन्होंने अधिकारी से संपर्क किया था।
IIT से ऑफर आएगा तो तुरंत ले लूंगा
उन्होंने कहा कि उन्हें भले ही आईआईटी कानपुर से कोई ऑफर नहीं आया है, लेकिन अगर कोई ऐसा ऑफर आता है तो मैं तुरंत हां बोल दूंगा। सिद्धांत ने इस बार जेईई मेन दिया था और अब इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं। सिद्धांत ने बताया कि कुछ कॉलेज में एडमिशन की बात लगभग पक्की हो चुकी है, अब मुझे चुनना है कि कहां एडमिशन लेना है। वो कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं।
सार्थक सिद्धांत ने CBSE की लाखों कॉपियां स्कैन करने वाली कंपनी की कैसे खोली पोल
सार्थक ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और उसके टेंडर नियमों में ऐसी गड़बड़ियां ढूंढ निकाली थीं कि देश की संसद को इस मामले में दखल देना पड़ा था। सार्थक ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) टेंडर में गड़बड़ियों का खुलासा कर संसदीय समिति के सामने प्रेजेंटेशन दी थी। सार्थक ने संसदीय समिति को बताया कि सीबीएसई के टेंडर डॉक्यूमेंट्स की तुलना करने पर साफ पता चलता है कि नियम किसी खास सर्विस प्रोवाइडर को फायदा पहुंचाने के लिए बदले गए थे।




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