RRB : प्रमोशन की खाली सीटें सीधी भर्ती से भरेगा रेलवे भर्ती बोर्ड, लेवल-6 और 7 के नए पदों पर भर्ती की तैयारी तेज
रेलवे बोर्ड ने पदोन्नति कोटे की खाली सीटों को भरने के लिए नई प्राथमिकता तय की है, जिसमें नियमित पदोन्नति और विभागीय परीक्षा के बाद भी खाली बची सीटों को अब सीधी भर्ती कोटे में शामिल किया जाएगा।

रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रमोशन कोटे की खाली रह गई सीटें अब बेकार नहीं रहेंगी। पहले इन्हें नियमित पदोन्नति से भरा जाएगा। यदि पद खाली रह जाते हैं तो विभागीय परीक्षा के जरिये चयन होगा। इसके बाद भी रिक्तियां बचने पर उन्हें सीधी भर्ती कोटे में जोड़ दिया जाएगा। बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे को इसी क्रम में चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
लेवल-6 और 7 के नए पदों पर भर्ती की तैयारी तेज
रेलवे में बढ़ते कार्यभार और आउटसोर्सिंग व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के मद्देनजर नए पदों के सृजन की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे सहित देश के सभी जोनल रेलवे से ‘लेवल-6’ और ‘लेवल-7’ के पदों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इन पदों के सृजन का प्रस्ताव फिलहाल वित्त मंत्रालय के पास विचाराधीन है। बोर्ड ने जोनल रेलवे से पूछा है कि क्या इन स्तरों का कार्य वर्तमान में बाहरी एजेंसियों से कराया जा रहा है। यदि हां, तो उनकी संख्या, कार्य प्रकृति और उन्हें समाप्त करने के औचित्य की स्पष्ट रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही लेवल-1 से 5 तक के आउटसोर्सिंग कार्यों की निगरानी के लिए लेवल-6 और 7 के कितने सुपरवाइजरों की आवश्यकता है, इसका आकलन भी तलब किया गया है। इसके अतिरिक्त पिछले पांच वर्षों में शामिल किए गए नए इलेक्ट्रिक इंजनों व अन्य विद्युत संपत्तियों का डेटा भी मांगा गया है, ताकि रखरखाव और संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
रेलकर्मियों को अब समय पर मिलेगी पदोन्नति
रेलकर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब तय समयसीमा में पूरी होगी। रेलवे बोर्ड ने विभागीय चयन को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए ‘मॉडल सेलेक्शन कैलेंडर’ लागू कर दिया है। इस संबंध में डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल ने उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट को निर्देश जारी किए हैं।
नए प्रावधान के तहत सामान्य चयन प्रक्रिया 45 से 60 दिनों में और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) अधिकतम 90 दिनों में पूरी करनी होगी। कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के जरिए परीक्षाएं समयबद्ध ढंग से आयोजित की जाएंगी।
कैलेंडर में वर्ष के प्रत्येक माह के लिए अलग-अलग विभागों के प्रमोशन का लक्ष्य तय किया गया है। संबंधित माह में चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम पैनल सूची जारी करना अनिवार्य होगा। सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, ट्रैफिक, कॉमर्शियल और मेडिकल समेत सभी प्रमुख विभाग इसमें शामिल हैं। इससे हजारों कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलेगा




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