Republic Day 2026 Theme : क्या है गणतंत्र दिवस 2026 की थीम, इस बार की परेड क्यों है खास, क्या होगा नया
Republic Day 2026 Theme: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ( Republic Day 2026 theme ) वंदेमातरम् पर रखी गई है। गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित होगा।

Republic Day 2026 Theme : देश गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए तैयार है। 77वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए सरकारी दफ्तरों से लेकर ऐतिहासिक इमारतों को सजाया जा चुका है। बाजारों में बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई तिरंगे की खरीदारी में जुटा हुआ है। हर वर्ष देश में 26 जनवरी का दिन रिपब्लिक डे यानी गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस के रूप में हम उन ऐतिहासिक पलों को याद करते हैं जब हमारा संविधान लागू किया गया था और भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया था। गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है जिसके देश की ताकत, तरक्की, उसकी संस्कृति व स्वरूप दिखता है।
Republic Day 2026 Theme : क्या है गणतंत्र दिवस 2026 की थीम
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ( Republic Day 2026 theme ) वंदेमातरम् पर रखी गई है। गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित होगा। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित होंगी। कर्तव्य पथ पर एनक्लोजर के बैकग्राउंड में वंदेमातरम् की लाइन्स वाली पुरानी पेंटिंग बनाई जाएगी। मेन स्टेज पर फूलों से वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। परेड में झांकियां 17 राज्यों की और 13 केंद्रीय महकमों की होंगी।
क्या होगा परेड में नया
भैरव बटालियन भाग लेगी- परेड में सेना के मार्च पास्ट में इस बार नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट आकर्षण का विशेष केंद्र होंगी। इसके अलावा सेना के 18 और मार्चिंग दस्ते भी परेड में शामिल होंगे। इस बार सेना का पशु दस्ता भी हिस्सा लेगा।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर परेड का विषय होगा। 1923 में श्री तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा बनाई गई चित्रों की एक सीरीज, जिसमें 'वंदे मातरम' के छंदों को दर्शाया गया है और 'वंदे मातरम एल्बम' (1923) में प्रकाशित किया गया है, को आरडीपी 2026 के दौरान कर्तव्य पथ के साथ व्यू-कटर के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
परेड के समापन पर गुब्बारे छोड़ने के साथ 'वंदेमातरम्' को दर्शाने वाले एक बैनर का अनावरण किया जाएगा। इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयर फ़ोर्स, इंडियन कोस्ट गार्ड और सीएपीएफ 19 से 26 जनवरी, 2026 तक ‘वंदे मातरम’ थीम पर पूरे भारत में बैंड परफॉरमेंस ऑर्गनाइज़ करेंगे। परफॉरमेंस की जगहों में ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पैतृक घर और जन्मस्थान भी शामिल होगा, जो कंथलपारा, नैहाटी, नॉर्थ 24 परगना डिस्ट्रिक्ट, वेस्ट बंगाल में है, जिसे अभी ‘बंकिम भवन गवेश्न केंद्र’ (जिसे ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का घर और म्यूज़ियम या बंकिम संग्रहालय भी कहा जाता है) के नाम से जाना जाता है।
वंदे मातरम थीम के आधार पर रोस्ट्रम/मंच के सामने फूलों की सजावट की जाएगी। आरडीपी-2026 के लिए निमंत्रण कार्ड/टिकट वंदे मातरम की थीम पर डिजाइन किए गए हैं। वंदे मातरम के वीडियो स्क्रीन पर कर्तव्य पथ पर चलाए जाएंगे। झांकियां व्यापक विषयों “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रस्तुत की जाएंगी।




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