पंजाब में बनेगी वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी, बंपर नौकरियों पर भी लगी मुहर
पंजाब कैबिनेट ने आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी बनाने, 1158 पदों पर भर्ती और नई औद्योगिक नीति को मंजूरी देकर राज्य के विकास को नई रफ्तार दी है।

पंजाब की सियासत और अवाम के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में सूबे के विकास, नौजवानों के मुस्तकबिल और कारोबार को नई उड़ान देने के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निवेश करने से लेकर रोजगार के नए दरवाजे खोलने और ब्रिटिश काल के पुराने कानूनों को खत्म करने तक, मान सरकार ने हर मोर्चे पर बड़े कदम उठाए हैं। आइए, तफ्सील से जानते हैं कि पंजाब कैबिनेट की इस अहम बैठक में आम जनता के लिए क्या क्या सौगातें निकली हैं।
आनंदपुर साहिब को मिलेगी 'श्री गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी' की सौगात
पंजाब सरकार ने तालीम के क्षेत्र में एक मील का पत्थर गाड़ते हुए पवित्र शहर आनंदपुर साहिब में एक विश्वस्तरीय 'श्री गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी' स्थापित करने को अपनी हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कैबिनेट ने इस नई यूनिवर्सिटी की स्थापना और इसके ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है। अब इस 'श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी' बिल को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस कदम से न सिर्फ पंजाब, बल्कि देशभर के छात्रों को बेहतरीन उच्च शिक्षा हासिल करने का शानदार मौका मिलेगा।
नौजवानों के लिए खुशखबरी: 1,158 पदों पर होगी पक्की भर्ती
बेरोजगारी के मुद्दे पर लगाम कसते हुए कैबिनेट ने राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,158 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। इनमें 1,091 पद असिस्टेंट प्रोफेसर के और 67 पद लाइब्रेरियन के शामिल हैं।
यह पूरी भर्ती प्रक्रिया यूजीसी (UGC) रेगुलेशन 2018 के तहत पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) के जरिए पारदर्शी तरीके से की जाएगी। सरकार ने PPSC के पास पहले से लंबित 612 पदों की पुरानी मांग को वापस ले लिया है और अब सभी पदों को मिलाकर एक नई और समेकित (consolidated) मांग भेजी जाएगी।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उन उम्मीदवारों को उम्र सीमा (upper age limit) में एकमुश्त छूट दी जाएगी, जिन्होंने 19 अक्टूबर 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के हिसाब से अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।
'पंजाब उद्योग क्रांति' के तहत नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026
पंजाब को उद्योगों का हब बनाने के मकसद से कैबिनेट ने 'इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी, 2026' (Industrial & Business Development Policy, 2026) को भी अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "पंजाब उद्योग क्रांति" के तहत लाई गई यह नीति राज्य में आर्थिक गतिविधियों को तेज करेगी। इसमें उद्योगों को वित्तीय छूट देने, नए रोजगार पैदा करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उभरते हुए नए सेक्टर्स (sunrise industries) को बढ़ावा देने का पूरा खाका तैयार किया गया है।
खिलाड़ियों और स्वास्थ्य विभाग के लिए अहम फैसले
खेल कोटा में बदलाव: सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए खिलाड़ियों के आरक्षण को और भी ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है। नई नीति के मुताबिक, अब खेल प्रमाणपत्रों (sports achievements) को 75 फीसदी और एंट्रेंस टेस्ट के प्रदर्शन को 25 फीसदी वेटेज दिया जाएगा।
फार्मासिस्ट भर्ती के नियम बदले: पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी सेवा नियम, 2016 में संशोधन करते हुए फार्मासिस्ट की भर्ती के लिए अब 'डिप्लोमा इन फार्मेसी' को भी एक अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता (additional educational qualification) के तौर पर शामिल कर लिया गया है।
अंग्रेजों के जमाने का जेल कानून खत्म, अब आएगा नया बिल
एक बेहद अहम सुधार के तहत, कैबिनेट ने 'पंजाब जेल और सुधार सेवा विधेयक, 2026' (Punjab Prisons and Correctional Services Bill, 2026) लागू करने को मंजूरी दे दी है। यह नया कानून राज्य में 1894 से चले आ रहे पुराने 'प्रिजन एक्ट' की जगह लेगा। इसका मुख्य मकसद जेल प्रशासन को आधुनिक बनाना और नई तकनीक व उपकरणों के जरिए जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और चाक चौबंद करना है।
शहीद होमगार्ड के परिवार को 1 करोड़ की मदद और अन्य फैसले
शहीद को सम्मान: इंसानियत का फर्ज निभाते हुए कैबिनेट ने पंजाब होमगार्ड के वालंटियर अशोक कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपये की एक्स ग्रेशिया (ex gratia) ग्रांट देने को मंजूरी दी है। अशोक कुमार ने हाल ही में गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।
MICE प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा: राज्य में मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन (MICE) प्रोजेक्ट्स के लिए अब एक अलग कैटेगरी बना दी गई है और इसके चार्ज कम करके कमर्शियल चार्ज के 50 फीसदी कर दिए गए हैं, ताकि निवेशकों को परेशानी न हो।
स्कूलों के लिए जमीन: बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की सिफारिशों पर गमाडा (GMADA) के अधिकार क्षेत्र में K 12/सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने के लिए एजुकेशन प्लॉट्स के अलॉटमेंट की नई नीति को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही, ग्लाडा (GLADA) के प्रॉपर्टी रेट्स को भी तर्कसंगत (rationalize) बनाया गया है।
क्रशर यूनिट्स बिल: अवैध खनन को रोकने के लिए 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स, स्टॉकिस्ट और रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026' को भी विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में पेश करने की हरी झंडी दे दी गई है।




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