PhD : UGC strict action rejects PhD theses of students who used AI for copy pasting brabu PhD : UGC का कड़ा कदम, AI से कॉपी पेस्ट करने वाले पीएचडी छात्रों की थीसिस को लौटाया, Career Hindi News - Hindustan
More

PhD : UGC का कड़ा कदम, AI से कॉपी पेस्ट करने वाले पीएचडी छात्रों की थीसिस को लौटाया

बीआरएबीयू के दर्जनों छात्रों की पीएचडी थीसिस यूजीसी ने वापस कर दी है। इन छात्रों की थीसिस में एआई से सामग्री लेकर कॉपी पेस्ट पाया गया है। जांच में इन छात्रों की थीसिस में 40 प्रतिशत से अधिक चोरी पायी गयी है।

Wed, 4 Feb 2026 08:26 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
share
PhD : UGC का कड़ा कदम, AI से कॉपी पेस्ट करने वाले पीएचडी छात्रों की थीसिस को लौटाया

बीआरएबीयू मुजफ्फरपुर के दर्जनों छात्रों की पीएचडी थीसिस विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने वापस कर दी है। इन छात्रों की थीसिस में एआई से सामग्री लेकर कॉपी पेस्ट पाया गया है। बीआरएबीयू से शोध थीसिस को यूजीसी भेजी जा रही है और वहां से गड़बड़ी पकड़ी जा रही है। प्लेगरिज्म जांच में इन छात्रों की थीसिस में 40 प्रतिशत से अधिक चोरी पायी गयी है। प्लेगरिज्म सेल के प्रभारी प्रो. संजय कुमार ने बताया कि इन शोध छात्रों को दोबारा से थीसिस लिखने को कहा गया है। थीसिस जांच के लिए कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय राय ने विवि में अलग से सेल बनाया है। यह सेल थीसिस को प्लेगरिज्म साफ्टवेयर से जांच रहा है।

सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा एआई से सामग्री की कॉपी अंग्रेजी में लिखी थिसिस से हुई है। प्लेगरिज्म साफ्टवेयर अंग्रेजी में हुए प्लेगरिज्म को धड़ाधड़ पकड़ रहा है। हालांकि, हिन्दी में इतनी चोरी नहीं पकड़ी गई है। शिक्षकों ने बताया कि प्लेगरिज्म सॉफ्टवेयर में एक गणीतिय मॉडल होता है, जो अंग्रेजी में लिखी थीसिस की गड़बड़ी को जल्दी पकड़ लेता है।

सेल का कहना है कि यूजीसी के पास पूरे देश की थीसिस का रिकार्ड है और वहीं से यह गड़बड़ी पकड़ी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि जो छात्र अपनी भाषा में लिख रहे हैं उनकी प्लेगरिज्म जांच में नहीं पकड़ी जा रही है, जो कॉपी पेस्ट कर रहे हैं, उन्हीं छात्रों की चोरी पकड़ी जा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करते समय UGC के किन नियमों का पालन जरूरी, जानें

पैट में लैटरल इंट्री पर विचार

वर्ष 2025 में जेआरएफ करनेवाले छात्रों की पैट में लैटरल इंट्री कराने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, विवि प्रशासन ने इस बारे में अबतक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। विवि प्रशासन को कई छात्रों ने इस बाबत आवेदन दिया है। उन्होंने वर्ष 2025 में जेआरएफ की परीक्षा पास की है। इसलिए उनका नामांकन किया जाये। बीआरएबीयू में अभी 2023-24 के लिए पैट की परीक्षा हुई है। उधर, वर्ष 2022 बैच के पीएचडी के एक छात्र ने आवेदन देकर कहा है कि उन्होंने भी जेआरएफ की परीक्षा पास की है, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने से उनका जेआरएफ लैप्स कर सकता है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार ने उस छात्र को प्रोविजल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देने का आश्वासन दिया है ताकि जेआरएफ लैप्स न हो।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।