NEET UG : MBBS दाखिले के नाम पर 4.71 करोड़ की ठगी, लुटने के बाद भारत छोड़ विदेश से डॉक्टरी कर रहा छात्र
MBBS Admission : मुंबई में एक शख्स से एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 4.71 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। छात्र को रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते अपनी मेडिकल पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।

MBBS Admission : मुंबई के पवई में एक डॉक्टर से एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 4.71 करोड़ रुपये की ठगी का मामले सामने आया है। धोखेबाज ने डॉक्टर से दावा किया था कि वह उनके बेटे को मेडिकल की पढ़ाई के लिए एमबीबीएस कोर्स में सीट दिलवा देगा। डॉक्टर का बेटा रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले यूक्रेन में पढ़ रहा था। लेकिन युद्ध से बिगड़े हालातों के चलते उसे अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी और वह इसे पूरा करने के लिए भारत में किसी मेडिकल कॉलेज की तलाश कर रहा था। पवई पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता बूषण कुमार कक्कड़ हीरानंदानी गार्डन्स पवई के रहने वाले हैं और गाड़ियों में गैस किट लगाने का बिजनेस करते हैं। पुलिस ने बताया कि 69 वर्षीय कक्कड़ अपने फैमिली डॉक्टर डॉ. बालकृष्ण ठाकरे के बहुत करीब थे, जिन्हें वह पिछले 25 सालों से जानते थे। दोनों का घर नजदीक ही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अप्रैल 2022 में ठाकरे ने कक्कड़ को बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण उनके बेटे को यूक्रेन में अपनी मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर भारत लौटना पड़ा है। वह अपने बेटे को लेकर परेशान थे और एक ऐसे भरोसेमंद व्यक्ति की तलाश में थे जिसके पास सही कॉन्टैक्ट्स हों और जो उसे महाराष्ट्र के ही किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवा सके।
फिर कक्कड़ ने इस बारे में अपने दोस्त मुंशीराम नाविक से बात की, जिसने दावा किया कि वह कुछ ऐसे लोगों को जानता है जो मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करवा सकते हैं, लेकिन इसके लिए 4 से 5 करोड़ रुपये लगेंगे। हालांकि उस समय ठाकरे के पास पैसे नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपने परिवार से पैसे मांगकर पैसे इकट्ठा करने की कोशिश की।
कहां से किया पैसों का बंदोबस्त
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक रकम बहुत ज्यादा थी, इसलिए डॉ. ठाकरे को फैसला लेने में कुछ समय लगा। कुछ दिनों बाद अपने बेटे के भविष्य को देखते हुए वह मान गए लेकिन कक्कड़ से पैसों की मदद मांगी, जिस पर कक्कड़ मदद करने के लिए तैयार हो गए क्योंकि डॉ. ठाकरे ने भी पहले उन्हें फाइनेंशियल मदद दी थी। डॉ. ठाकरे ने 3.50 करोड़ रुपये कैश में अरेंज किए, कक्कड़ ने 1 करोड़ रुपये दिए, और कक्कड़ की बेटी और दामाद ने 21 लाख रुपये कैश में दिए। साथ मिलकर उन्होंने बेटे का मेडिकल एडमिशन पक्का करने के लिए मुंशीराज नाविक और उसके बेटे संदीप को 4.71 करोड़ रुपये सौंप दिए।
किसी दूसरे के जरिए सर्बिया के मेडिकल कॉलेज में कराया दाखिला
कुछ दिनों बाद डॉ. ठाकरे ने नाविक से पूछा कि एडमिशन कब पक्का होगा और किस कॉलेज में होगा। नाविक उनके सवालों से बचने लगा और सिर्फ उन्हें भरोसा दिलाया कि बिचौलिया एक असरदार आदमी है और एडमिशन पक्का हो जाएगा। नाविक ने धीरे-धीरे कक्कड़ के साथ अपने बिजनेस के लेन-देन भी कम कर दिए। इस बीच डॉ. ठाकरे ने एक दूसरे आदमी के जरिए सर्बिया के एक मेडिकल कॉलेज में अपने बेटे का एडमिशन करवा लिया, जिसके लिए उन्हें बहुत कम रकम देनी पड़ी।
ठग बनाने लगा बहाने
जब कक्कड़ ने नाविक से डॉ. ठाकरे के पैसे लौटाने को कहा, तो नाविक तरह-तरह के बहाने बनाने लगा। उसने दावा किया कि उसे फाइनेंशियल नुकसान हो रहा है और उसने प्रॉपर्टी के कागजात कक्कड़ को गिरवी के तौर पर दे दिए। फिर कक्कड़ ने उससे प्रॉपर्टी के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी पर साइन करने को कहा लेकिन नाविक ने ऐसा करने से मना कर दिया।
धोखाधड़ी का केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, नाविक ने उन्हें कुछ चेक भी दिए जो बाद में बाउंस हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2025 में जब कक्कड़ पैसे के बारे में पूछने गए तो नाविक ने उन्हें धमकी भी दी और धक्का भी दिया। शुक्रवार को पुलिस ने नाविक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), 318 (धोखाधड़ी) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया।
कोलकाता में MBBS सीट के नाम पर शख्स से 45 लाख रुपये और 8 लाख रुपये की सोने की चेन की ठगी
कोलकाता में पंचसायर के एक शख्स ने आरोप लगाया है कि एक एजुकेशन फर्म ने उसके बेटे को नादिया के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट दिलाने का वादा करके उससे 45 लाख रुपये और 8 लाख रुपये की सोने की चेन ठग ली। इस फर्म की जानकारी उसे कुछ डॉक्टरों ने दी थी। पुलिस ने बताया कि आदमी की शिकायत के बाद दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।




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