NEET UG : फिर खाली रह गई MBBS सीटें, कोर्ट के आदेश से कम अंक वालों में जगी आस, होगा छठा राउंड
NEET UG MBBS Admission 2026: गुजरात हाईकोर्ट ने एनएमसी, एमसीसी और प्रोफेशनल अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज के लिए एडमिशन कमेटी (एसीपीसी) को 3 खाली एमबीबीएस सीटों को भरने के लिए एडमिशन का एक और राउंड आयोजित करने का निर्देश दिया।

NEET UG MBBS Admission : मामूली अंक से एमबीबीएस सीट पाने से चूकने वाले नीट यूजी अभ्यर्थियों के लिए एक और चांस आया है। गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी ), मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) और प्रोफेशनल अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज के लिए एडमिशन कमेटी (एसीपीसी) को 3 खाली एमबीबीएस सीटों को भरने के लिए एडमिशन का एक और राउंड आयोजित करने का निर्देश दिया। जस्टिस निर्जर देसाई ने कहा, 'एमसीसी, एनएमसी व एसीपीसी को फर्स्ट ईयर एमबीबीएस कोर्स की बची हुई तीन सीटों को भरने के लिए एडमिशन का एक और स्ट्रे वेकेंसी राउंड आयोजित करने का निर्देश दिया जाता है। यह प्रक्रिया जल्द से जल्द अधिकतम 10 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।'
यह आदेश मेडिकल कॉलेजों के मेडगुज एसोसिएशन की एक याचिका के बाद आया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एसोसिएशन ने कहा कि दिसंबर 2025 में 57 एमबीबीएस सीटों को भरने के लिए आयोजित पांचवें और स्ट्रे वेकेंसी राउंड के बाद भी तीन सीटें खाली रह गईं। इसमें कहा गया कि एडमिशन के बाद तीन छात्रों ने नाम वापस ले लिया और एक और राउंड की मांग की ताकि योग्य उम्मीदवारों को सीटें खाली छोड़ने के बजाय उन्हें दी जा सकें।
तीन छात्रों ने अपना एडमिशन वापस ले लिया
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा, 'जब समाज हमेशा योग्य डॉक्टरों की कमी का सामना करता है, तो न्याय का हित तभी पूरा होगा जब उन तीन सीटों को एक और स्ट्रे वेकेंसी राउंड आयोजित करके अन्य योग्य छात्रों को दिया जा सके।' कोर्ट ने कहा कि चौथे और पांचवें राउंड के लिए अधिकारियों ने उम्मीदवारों से 3 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा था। इसके बावजूद तीन छात्रों ने अपना एडमिशन वापस ले लिया।
नियम बनाएं ताकि कोई एमबीबीएस सीट खाली न रहे
भविष्य में सीटें दोबारा बेकार न जाएं, इसके लिए अदालत ने कहा कि सक्षम प्राधिकरण यानी एमसीसी मौजूदा शर्तों या नियमों में संशोधन कर सकता है या अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है, ताकि कोई भी एमबीबीएस सीट खाली न रहे।
आपको बता दें कि गुजरात में चार राउंड की नीट यूजी काउंसलिंग पूरी होने के बाद एमबीबीएस की 57 सीटें खाली रह गई थी। इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) से यह स्पष्ट करने को कहा था कि वो खाली जा रहीं एमबीबीएस सीटों को भरने के लिए एक और काउंसलिंग राउंड आयोजित करने से क्यों हिचकिचा रहे हैं। काउंसलिंग अथॉरिटी खाली एमबीबीएस सीटें को भरने के लिए और राउंड आयोजित नहीं करना चाह रही थी, ऐसे में गुजरात मेडिकल कॉलेजों की एसोसिएशन मेडगुज (MEDGUJ Association) ने पिछले महीने हाईकोर्ट का रुख किया था। गुजरात के मेडिकल कॉलेजों में कुल लगभग 6,400 एमबीबीएस सीटें हैं।
गौरतलब है कि देश में हर साल 22-23 लाख बच्चे नीट यूजी परीक्षा देते हैं। इसमें करीब 11-12 लाख पास होते हैं। इनके लिए देश में एमबीबीएस की महज 1.28 लाख सीटें ही हैं। ऐसे में देश में एमबीबीएस सीटों की जबरदस्त किल्लत है।




साइन इन