NEET 2026 में लेफ्ट-हैंडेड छात्रों के लिए खास इंतजाम, NTA ने खत्म की सालों की परेशानी
NEET UG 2026 परीक्षा से पहले NTA ने टेस्ट बुकलेट का डिजाइन बदल दिया है। लेफ्ट-हैंडेड छात्रों को ध्यान में रखते हुए रफ वर्क के पन्नों की नई व्यवस्था की गई है।

किसी भी बड़ी परीक्षा में सवालों की कठिनाई, समय की कमी और दबाव की खूब चर्चा होती है। लेकिन एक परेशानी ऐसी भी है जिसके बारे में बहुत कम बात होती है। यह परेशानी उन छात्रों की है जो बाएं हाथ से लिखते हैं। नीट जैसी लंबी और चुनौतीपूर्ण परीक्षा में जब उम्मीदवारों को बार-बार रफ वर्क करना पड़ता है, तब टेस्ट बुकलेट का डिजाइन भी उनके प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। अब 21 जून 2026 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने इसी मुद्दे को पहचानते हुए ऐसा बदलाव किया है, जिसकी चर्चा लाखों लेफ्ट-हैंडेड छात्रों के बीच हो रही है।
क्यों होती थी लेफ्ट-हैंडेड छात्रों को दिक्कत?
पुराने पैटर्न में रफ वर्क के लिए दिए गए पन्ने टेस्ट बुकलेट के आखिरी हिस्से में होते थे। दाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों के लिए यह व्यवस्था ज्यादा परेशानी वाली नहीं थी, लेकिन बाएं हाथ से लिखने वाले उम्मीदवारों को हर बार रफ काम करने के लिए बार-बार पीछे के पन्नों तक जाना पड़ता था। तेज गति से परीक्षा देते समय यह छोटी सी समस्या कई बार समय और एकाग्रता दोनों को प्रभावित करती थी। लंबे कैलकुलेशन वाले सवालों में यह दिक्कत और ज्यादा महसूस होती थी।
NTA ने क्या बदला?
इस बार एनटीए ने टेस्ट बुकलेट का लेआउट बदल दिया है। अब रफ वर्क के दो पन्ने निर्देश वाले पेज के ठीक बाद जोड़े गए हैं। इसका मतलब यह है कि लेफ्ट-हैंडेड छात्रों को अब हर बार बुकलेट के अंतिम हिस्से तक नहीं जाना पड़ेगा। वे आसानी से शुरुआती पन्नों पर ही गणना और नोट्स बना सकेंगे। गौरतलब कि यह बदलाव छोटा दिख सकता है, लेकिन परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों के अनुभव को बेहतर बनाने में इसकी बड़ी भूमिका हो सकती है।
रफ वर्क के लिए भी मिली बड़ी राहत
सिर्फ पन्नों की जगह ही नहीं बदली गई है, बल्कि उनकी संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले रफ वर्क के लिए सिर्फ 2 पन्ने मिलते थे। अब इन्हें बढ़ाकर 4 कर दिया गया है। फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में लंबे कैलकुलेशन करने वाले छात्रों के लिए यह फैसला काफी मददगार माना जा रहा है। अब उम्मीदवारों को छोटी-छोटी जगह में लिखने या पुरानी गणनाएं मिटाने की जरूरत कम पड़ेगी।
परीक्षा के 195 मिनट सिर्फ छात्रों के लिए
एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के कुल 195 मिनट केवल प्रश्न हल करने के लिए सुरक्षित रहेंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी और शाम 5:15 बजे समाप्त होगी। हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक जांच, ओएमआर शीट से जुड़ी प्रक्रियाएं और अन्य औपचारिकताएं व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जाएंगी ताकि उम्मीदवारों का लिखने वाला समय प्रभावित न हो।
21 जून को यह रहेगा पूरा शेड्यूल
सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश और सुरक्षा जांच शुरू हो जाएगी। दोपहर 1:30 बजे मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। 1:40 बजे तक सभी उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष में पहुंचना होगा। दोपहर 1:55 बजे टेस्ट बुकलेट वितरित की जाएगी और ठीक 2 बजे परीक्षा शुरू हो जाएगी। परीक्षा शाम 5:15 बजे समाप्त होगी। दिव्यांग उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और उनका पेपर शाम 6:20 बजे खत्म होगा।




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