MP Board 10th Topper 2026: पन्ना की बेटी प्रतिभा सिंह ने रचा इतिहास, 500 में से 499 अंक लाकर बनीं एमपी 10वीं की टॉपर
MP Board Class 10 toppers 2026: एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया गया है। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 73.42 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह ने 500 में से 499 अंक लाकर टॉप किया।

Success Story of MP Board 10th Topper Pratibha Singh: एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया गया है। एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 73.42 फीसदी रहा। एमपी बोर्ड 10वीं में पन्ना की प्रतिभा सिंह ने 500 में से 499 अंक लाकर टॉप किया। पन्ना जिले के गुनौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिछड़े ग्राम बेली हिनौती से एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। गांव की बेटी प्रतिभा सोलंकी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।
ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। सीमित सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने लगातार पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा और आज प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल कर मिसाल पेश की है।
प्रतिभा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, गांव में जश्न का माहौल बन गया। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीण, रिश्तेदार और जनप्रतिनिधि लगातार पहुंचकर प्रतिभा को शुभकामनाएं दे रहे हैं। हर कोई उसकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
परिजनों ने बताया कि प्रतिभा शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रही है। उसने अपनी पढ़ाई के लिए नियमित दिनचर्या बनाई थी और हर विषय को गंभीरता से लिया। गांव के शिक्षकों ने भी समय-समय पर उसका मार्गदर्शन किया, जिसका परिणाम आज पूरे प्रदेश के सामने है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रतिभा सोलंकी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।
क्या कहती हैं प्रतिभा सोलंकी
“मैंने नियमित पढ़ाई और अनुशासन को अपनी आदत बना लिया था। मेरे माता-पिता और शिक्षकों का मुझे पूरा सहयोग मिला। मैं रोज तय समय पर पढ़ाई करती थी और अपने लक्ष्य पर फोकस रखा। आगे भी मैं इसी तरह मेहनत कर देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहती हूं।”
पिता भारतेंदु सिंह ने कहा “हमें अपनी बेटी पर गर्व है। उसने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। कई बार संसाधनों की कमी रही, लेकिन उसने कभी शिकायत नहीं की और सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”
माता मेवा सिंह की प्रतिक्रिया “हम बहुत खुश हैं। हमारी बेटी ने पूरे गांव और परिवार का नाम रोशन कर दिया। उसने दिन-रात मेहनत की है, जिसका फल आज मिला है।”
ग्रामीणों में उत्साह, बनी प्रेरणा
प्रतिभा की सफलता से गांव के अन्य छात्र-छात्राओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके बच्चे भी प्रेरित होकर पढ़ाई में आगे बढ़ेंगे। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आई है।
प्रेरणा बनी प्रतिभा
प्रतिभा सोलंकी की सफलता उन हजारों ग्रामीण छात्रों के लिए एक मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि सच्ची लगन, अनुशासन और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।




साइन इन