MBBS Exam : एमबीबीएस आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा देने नहीं पहुंचा एक भी छात्र, 200 छात्रों ने किया बहिष्कार
पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों ने आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा का बहिष्कार किया। यह परीक्षा बुधवार को एक से दो बजे के बीच होनी थी।

पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों ने आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा का बहिष्कार किया। यह परीक्षा बुधवार को एक से दो बजे के बीच होनी थी। कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभाग ने परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन छात्र नहीं आए।
औषधि विभाग के अंतिम बैच के छात्रों की पहली आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा 11 मई को हुई थी। 12 मई को प्रैक्टिकल और वाइवा लिया गया था। लेकिन इस परीक्षा में कदाचार की जानकारी मिलने के बाद पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप के आदेश पर 16 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद परीक्षा की नई तिथि 20 और 21 मई निर्धारित की गयी। लिखित परीक्षा 20 मई को एक से दो बजे के बीच होनी थी। प्रैक्टिकल और वाइवा 21 मई को तय किया गया था। लेकिन 20 मई की परीक्षा में एक भी छात्र उपस्थित नहीं हुए। सभी ने इसका बहिष्कार कर दिया।
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए चिकित्सक शिक्षकों का रोस्टर भी तैयार किया गया था। इसमें डॉ. राजन कुमार, डॉ. डीके सिन्हा, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. पीएन झा और डॉ. रवि कुमार रंजन शामिल हैं। उड़न दस्ता टीम को भी भेजा था। परीक्षा में औषधि विभाग के दो सौ छात्रों को शामिल होना था, लेकिन एक भी छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
आंतरिक परीक्षा पास करने के बाद मिलता है सेंटअप का मौका: पीएमसी प्रशासन की मानें तो एक बैच में तीन बार आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा एक छात्र को देनी होती है। इसमें दो आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के रिजल्ट पर छात्रों को सेंटअप परीक्षा देने का मौका मिलता है। दूसरी मूल्यांकन परीक्षा अगस्त में होगी। प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप ने बताया कि अब नई तिथि जारी नहीं होगी। छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है।




साइन इन