MBBS Exam: एमबीबीएस परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़झाला, फेल छात्रों में से 65 फीसदी रीचेकिंग में पास
एमबीबीएस परीक्षा देने वाले 1091 छात्रों में से 70 छात्र फेल हो गए थे। दोबारा चेकिंग के बाद विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 46 पास हो गए हैं। संशोधित नतीजे विश्वविद्यालय द्वारा 2 अप्रैल को घोषित किए गए।

पंजाब की बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) में एमबीबीएस परीक्षा के रिजल्ट में भारी गड़बड़ियां पाई गई हैं। एमबीबीएस परीक्षा परिणाम में जो छात्र फेल हुए थे, उनमें से 65 प्रतिशत री-इवैल्यूएशन और री-चेकिंग में पास हो गए हैं। इससे एमबीबीएस परीक्षा परिणाम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। एचटी को मिले दस्तावेजो के अनुसार री-चेकिंग के बाद परीक्षा पास करने वाले ज्यादातर छात्र प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के हैं।
बीएफयूएचएस में एमबीबीएस परीक्षा देने वाले 1091 छात्रों में से 70 छात्र फेल हो गए थे। 3 मार्च को यह रिजल्ट घोषित किया गया था। हालांकि री-चेकिंग प्रक्रिया के बाद अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के उन छात्रों में से 46 अब पास हो गए हैं। यूनिवर्सिटी ने 2 अप्रैल को संशोधित नतीजे घोषित किए। शुरू में फेल हुए 70 छात्रों में से 62 फोरेंसिक मेडिसिन में और आठ कम्युनिटी मेडिसिन में फेल हुए थे।
क्या बोले प्रोफेसर
नाम न बताने की शर्त पर एक प्रोफेसर ने कहा कि यह पहला मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में छात्र, जो शुरू में फेल हो गए थे, री-चेकिंग के बाद पास घोषित किए गए। यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार, छात्रों को री-चेकिंग के लिए आवेदन करने की अनुमति है, लेकिन री-इवैल्यूएशन (किसी अन्य परीक्षक या पैनल द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं का नया मूल्यांकन) का कोई प्रावधान नहीं है। री-चेकिंग में केवल मार्किंग की सटीकता और अंकों की गणना की जांच शामिल होती है।
स्पेशल री-इवैल्यूएशन कराया गया
बीएफयूएचएस के वाइस चांसलर डॉ. राजीव सूद ने कहा कि जब उनके संज्ञान में यह बात आई कि बड़ी संख्या में छात्र फेल (खासकर एक विषय में) हो गए हैं, तो री-चेकिंग नहीं, बल्कि एक स्पेशल री-इवैल्यूएशन का आदेश दिया गया।
पैनल में शामिल परीक्षक ने सख्ती से मार्किंग की थी
उन्होंने कहा, 'हमने उन सभी छात्रों के विशेष मूल्यांकन का आदेश दिया जो एक विषय में फेल हो गए थे। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो स्वतंत्र परीक्षकों द्वारा फिर से किया गया, और यह पाया गया कि ज्यादातर छात्र पास हो गए थे क्योंकि पैनल में शामिल परीक्षक ने सख्ती से मार्किंग की थी।' डॉ. सूद ने कहा कि संबंधित परीक्षक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने तक उसे परीक्षा कार्य से हटा दिया गया है।




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