1 करोड़ की सैलरी छोड़ की UPSC की तैयारी, पहली बार में ही बन गए टॉपर
kanishak kataria upsc success story : IIT बॉम्बे से पढ़ाई के बाद करोड़ों की नौकरी छोड़ने वाले कनिष्क कटारिया ने UPSC 2018 में AIR 1 हासिल कर लोगों के लिए मिसाल बन गए। आइए जानते हैं कनिष्क की सफलता की कहानी।

kanishak kataria upsc success story : आज के दौर में जहां ज्यादातर युवा अच्छी सैलरी और विदेशी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कनिष्क कटारिया ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। IIT बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्हें दक्षिण कोरिया में बेहद शानदार नौकरी मिली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका सालाना पैकेज करीब 1 करोड़ रुपये था। लेकिन इतनी बड़ी नौकरी और आरामदायक जिंदगी के बावजूद उनके मन में देश सेवा का सपना जिंदा था। यही वजह रही कि उन्होंने हाई प्रोफाइल कॉर्पोरेट करियर छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि करोड़ों की नौकरी छोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं होती। आइए जानते हैं कनिष्क कटारिया का यूपीएससी का सफर कैसा रहा।
IIT बॉम्बे से लेकर UPSC AIR 1 तक का सफर
आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करने वाले कनिष्क पढ़ाई में शुरू से ही बेहद तेज माने जाते थे। इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने अपनी विश्लेषण क्षमता और मेहनत से अलग पहचान बनाई थी। कॉलेज के बाद उन्होंने विदेश में नौकरी शुरू की, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनका असली लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना है। इसके बाद उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में कमाल कर दिखाया। साल 2018 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की।
पहले ही प्रयास में AIR 1
कनिष्क कटारिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में कुल 1121 अंक हासिल किए थे। इसमें लिखित परीक्षा में 942 अंक और इंटरव्यू में 179 अंक शामिल थे। उनका ऑप्शनल विषय गणित था, जिसे आमतौर पर कठिन विषयों में गिना जाता है। इतने कठिन एग्जाम में पहली कोशिश में टॉप करना इस बात का सबूत था कि सही रणनीति, अनुशासन और लगातार मेहनत से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बने प्रेरणा
आज कनिष्क कटारिया खास तौर पर IIT और इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि जिंदगी में सिर्फ बड़ी सैलरी ही सफलता नहीं होती। कई लोग उन्हें पैसे से ज्यादा मकसद को महत्व देने वाले युवा के तौर पर देखते हैं। सोशल मीडिया और कोचिंग संस्थानों में अक्सर उनकी तैयारी, टाइम मैनेजमेंट और फैसलों की चर्चा होती है। हजारों UPSC उम्मीदवार उनकी कहानी से प्रेरणा लेते हैं।
राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं कनिष्क
UPSC में टॉप करने के बाद कनिष्क कटारिया को राजस्थान कैडर आवंटित हुआ। अब वह एक IAS अधिकारी के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनकी सफलता की कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच की मिसाल बन चुकी है जिसमें व्यक्ति अपने आरामदायक करियर से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए काम करने का सपना देखता है।




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