JTET 2026 : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा जेटेट के आवेदन 21 अप्रैल से, आयु में 9 वर्ष की छूट, जानें नियम
JTET 2026: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 नियमावली को सरकार ने मंजूरी दे दी है। जैक ने जेटेट के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 21 अप्रैल से 21 मई घोषित की। पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को भी आवेदन करना होगा।

JTET 2026: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 नियमावली को राज्य सरकार ने कैबिनेट की प्रत्याशा में मंजूरी दे दी है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है। इस नियमावली के गठन के प्रस्ताव और अधिसूचना के प्रारूप पर सीएम का अनुमोदन प्राप्त है। इसे जैक (झारखंड एकेडमिक काउंसिल) को भी भेजा गया। वहीं जैक ने शनिवार को जेटेट के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 21 अप्रैल से 21 मई घोषित की।
इसमें पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को भी आवेदन करना होगा, उन्हें परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा। ओएमआर शीट पर होने वाली परीक्षा में पहली से पांचवीं के लिए मैट्रिक और छठी से आठवीं के लिए इंटरमीडिएट स्तर के प्रश्न होंगे। जैक ने पाठ्यक्रम भी जारी किया। परीक्षा के आवेदन करने के लिए अधिकतम उम्र सीमा में नौ वर्ष की छूट दी गई है। इस परीक्षा में पास करने के लिए सामान्य व आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60% अंक लाना अनिवार्य होगा।
जेईटी न्यूनतम अंक क्या होंगे
वहीं, पिछड़ा वर्ग-एक और पिछड़ा वर्ग-दो के लिए न्यूनतम 55 फीसदी अंक और अनुसूचित जाति, अनूसचित जनजाति, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 52 फीसदी न्यूनतम अंक लाने पर वे उत्तीर्ण होंगे।
अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में नौ वर्ष की छूट
शिक्षक पात्रता परीक्षा के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अधिकतम उम्र सीमा में नौ वर्ष की छूट दी गई है। 2016 में अंतिम बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था और अब 2026 में इसका आयोजन हो रहा है। इस आधार पर इसमें एक साल घटाने के बाद नौ साल की वन टाइम अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जा रही है। वहीं, न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष (एक अगस्त 2026) रखी गई है। वहीं, जेटेट में पास करने के लिए न्यूनतम प्रतिशत भी निर्धारित किया गया है। सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए न्यूनतम 60 फीसदी अंक लाना अनिवार्य है।
नियमावली में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं की सूची
रांची : जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), मुंडारी (मुंडा), खड़िया, भूमिज, क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, पंचपरगनिया, कुर्माली, बंगला
लोहरदगा: जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी
गुमला: जनजातीय भाषा-कुड़ुख (उरांव), खड़िया, क्षेत्रीय भाषा-नागपुरी
सिमडेगा : जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), मुंडारी (मुंडा), खड़िया, क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी
प. सिंहभूम: जनजातीय भाषा - संथाली, कुड़ुख (उरांव), मुंडारी (मुंडा), हो, क्षेत्रीय भाषा - कुरमाली, उड़िया
पू. सिंहभूम : जनजातीय भाषा - संथाली, कुड़ुख (उरांव), हो, मुंडारी, भूमिज, क्षेत्रीय भाषा - कुरमाली, उड़िया, बंगला
सरायकेला : जनजातीय भाषा - मुंडारी (मुंडा), हो, संथाली, भूमिज, कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - पंचपरगनिया, उड़िया, बंगला, कुरमाली
लातेहार : जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी
पलामू : जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी
गढ़वा : जनजातीय भाषा - कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी
दुमका : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा, बंगला
जामताड़ा: जनजातीय भाषा-संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा, बंगला
साहेबगंज: जनजातीय भाषा- संथाली, क्षेत्रीय भाषा-खोरठा, बंगला
पाकुड़ : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा, बंगला
गोड्डा : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा
हजारीबाग:जनजातीय भाषा-संथाली, कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, खोरठा, कुरमाली
कोडरमा: जनजातीय भाषा- संथाली, क्षेत्रीय भाषा - कुरमाली, खोरठा
चतरा : जनजातीय भाषा - संथाली, कुड़ुख (उरांव), मुंडारी, क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, खोरठा
बोकारो : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, बंगला, कुर्माली, खोरठा
धनबाद : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, खोरठा, कुरमाली, बंगला
गिरिडीह: जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा, कुरमाली
देवघर : जनजातीय भाषा - संथाली, क्षेत्रीय भाषा - खोरठा
रामगढ़ : जनजातीय भाषा - संथाली, कुड़ुख (उरांव), क्षेत्रीय भाषा - नागपुरी, कुरमाली, खोरठा




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