IIT Admission 2026: 12वीं में 75% से कम नंबर वालों को IIT रुड़की की बड़ी राहत, जोसा काउंसलिंग में मिलेगा मौका
JEE Admission 2026: आईआईटी रुड़की ने बताया कि ऐसे छात्र जो जेईई रैंक हासिल कर चुके हैं, लेकिन 12वीं में उनके अंक न्यूनतम अनिवार्य प्रतिशत से कम हैं, उन्हें भी काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जा रहा है।

JEE Advanced 2026, IIT Admission: इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की ने जेईई (एडवांस्ड)-2026 की परीक्षा पास करने वाले लाखों छात्रों को एक बहुत बड़ी खुशखबरी और राहत दी है। संस्थान ने उन प्रतिभावान छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो जेईई एडवांस्ड में बेहतरीन रैंक लाने के बावजूद 12वीं कक्षा में अनिवार्य न्यूनतम प्रतिशत हासिल नहीं कर पाए थे।
अब ऐसे सभी छात्र संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। अक्सर बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में गड़बड़ी या उम्मीद से कम अंक आने के कारण छात्र निराश हो जाते थे, लेकिन आईआईटी रुड़की के इस कदम से देश के हजारों तकनीकी छात्रों को एक नया जीवनदान मिला है। आइए समझते हैं कि यह पूरा नियम क्या है और किन छात्रों को इसका सीधा फायदा मिलने जा रहा है।
क्या है IIT रुड़की का नया नियम?
आईआईटी रुड़की ने कम प्रतिशत वाले छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। संस्थान ने लिखा, ‘जिन छात्रों के 12वीं कक्षा में न्यूनतम फीसदी से कम अंक हैं, वे कृपया ध्यान दें’।
नए नियमों के अनुसार, जिन छात्रों ने जेईई की रैंक लिस्ट में अपनी जगह बना ली है, लेकिन बोर्ड परीक्षा में उनके अंक निर्धारित मापदंड से कम रह गए हैं, उन्हें काउंसलिंग से बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसमें एक महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई है। दाखिले के लिए सीट के अंतिम आवंटन से पहले इन छात्रों को अपने बोर्ड से पुनर्मूल्यांकन के बाद जारी हुई संशोधित मार्कशीट जमा करानी होगी।
किस वर्ग के लिए कितने अंकों की है जरूरत?
जोसा काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार अंक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें छूट दी जा रही है:
सामान्य, ओबीसी (NCL) और सामान्य (EWS) वर्ग: इस श्रेणी के छात्रों के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत (75%) अंकों के साथ पास होना अनिवार्य होता है। लेकिन अगर आपके अंक इससे कम हैं और आपने री-चेकिंग के लिए अप्लाई किया है, तो आप अभी काउंसलिंग में बैठ सकते हैं।
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwD) वर्ग: इस श्रेणी के होनहार छात्रों के लिए 12वीं में अनिवार्य योग्यता 65 प्रतिशत (65%) अंकों की है। इस वर्ग के छात्रों को भी निर्धारित अंक से कम होने पर अभी एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
ध्यान दें! सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगी यह खास राहत
आईआईटी रुड़की ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग में शामिल होने का यह सुनहरा अवसर सिर्फ और सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने अपने बोर्ड में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया हुआ है। यह बड़ी राहत केवल तब तक ही मान्य रहेगी जब तक कि पुनर्मूल्यांकन का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हो जाता।
इसलिए, यदि आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं, तो तुरंत जोसा काउंसलिंग के पोर्टल पर जाकर अपनी प्रक्रिया शुरू करें और अपने संशोधित परिणाम के डॉक्यूमेंट को समय पर तैयार रखें ताकि आईआईटी में पढ़ने का आपका सपना अधूरा न रहे।




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