फीस की टेंशन हो जाएगी खत्म, IIT खड़गपुर देगा तगड़ी स्कॉलरशिप; पूरी ट्यूशन फीस हो सकती है माफ
JEE Advanced 2026 के बाद आईआईटी खड़गपुर की स्कॉलरशिप गाइडलाइन चर्चा में है। मेरिट कम मींस स्कॉलरशिप के तहत कई छात्रों की ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ हो सकती है।

देशभर में आज JEE Advanced 2026 परीक्षा खत्म होते ही करीब ढाई लाख छात्रों की धड़कनें तेज हो गई हैं। अब अगला बड़ा सवाल सिर्फ रैंक का नहीं, बल्कि आईआईटी में पढ़ाई का खर्च कैसे उठेगा, इसका भी है। ऐसे में आईआईटी में दाखिले का सपना देख रहे छात्रों के लिए आईआईटी की स्कॉलरशिप गाइडलाइन राहत भरी खबर लेकर आई है। आईआईटी खड़गपुर ने साफ किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में अच्छे छात्रों को “मेरिट कम मींस” यानी MCM स्कॉलरशिप के जरिए बड़ी मदद दी जाएगी। कई छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस तक माफ हो सकती है।
किन कोर्सों के छात्रों को मिलेगा स्कॉलरशिप का फायदा
संस्थान के मुताबिक चार साल के बीटेक ऑनर्स, पांच साल के ड्यूल डिग्री, बीआर्क ऑनर्स, इंटीग्रेटेड एमएससी और चार साल के बीएस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए अलग पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की व्यवस्था है। हर साल दाखिला लेने वाले कुल छात्रों में से अधिकतम 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही यह स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसका मतलब है कि प्रतियोगिता सिर्फ IIT सीट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कॉलरशिप पाने के लिए भी छात्रों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
सबसे बड़ी राहत - पूरी ट्यूशन फीस हो सकती है माफ
आईआईटी खड़गपुर की MCM स्कॉलरशिप पाने वाले छात्रों को संस्थान की ट्यूशन फीस नहीं देनी होगी। हालांकि बाकी जरूरी शुल्क छात्रों को भरने पड़ेंगे। यह स्कॉलरशिप पूरे शैक्षणिक सत्र यानी 12 महीने तक लागू रहेगी। आज के समय में IIT की फीस लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। ऐसे में मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना किसी बड़ी राहत से कम नहीं मानी जा रही।
स्कॉलरशिप पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें
संस्थान ने स्कॉलरशिप के लिए कुछ साफ नियम तय किए हैं। छात्र को मेरिट और आर्थिक स्थिति दोनों मानकों पर खरा उतरना होगा। साथ ही उसके खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए। अगर कोई छात्र परीक्षा में नकल, संस्थान के नियम तोड़ने या अनुशासनहीनता के मामलों में दोषी पाया गया है, तो उसे इस स्कॉलरशिप का लाभ नहीं मिलेगा।
कितने अंक लाने होंगे
मेरिट मानदंड के तहत छात्र को JEE Advanced के लिए योग्यता देने वाली परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक या उसके बराबर ग्रेड हासिल करना जरूरी है। हालांकि संस्थान ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए एक और राहत दी है। अगर कोई छात्र आर्थिक मानदंड पूरा करता है लेकिन मेरिट की तय सीमा से थोड़ा पीछे रह जाता है, तब भी कुछ मामलों में उसकी ट्यूशन फीस माफ की जा सकती है। यह सुविधा उस साल दाखिला लेने वाले कुल छात्रों के सिर्फ 10 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
एक साथ दो स्कॉलरशिप का फायदा नहीं मिलेगा
आईआईटी खड़गपुर ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई छात्र एक समय में दो स्कॉलरशिप का लाभ नहीं ले सकेगा। अगर किसी छात्र को दूसरी संस्था या स्रोत से भी स्कॉलरशिप मिलती है, तो उसे दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। इसके लिए छात्र को लिखित रूप से अपनी पसंद संस्थान को बतानी पड़ेगी।
एलुमनाई और एंडोमेंट फंड से भी मिलती है मदद
MCM स्कॉलरशिप के अलावा भी आईआईटी खड़गपुर में कई एंडोमेंट और एलुमनाई फंडेड स्कॉलरशिप चलाई जाती हैं। पुराने छात्रों और दानदाताओं की ओर से आर्थिक सहायता देकर जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद की जाती है। ऐसे में JEE Advanced 2026 के बाद आईआईटी में दाखिले का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए यह खबर उम्मीद बढ़ाने वाली मानी जा रही है।




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