ICSE 2026: 10वीं रिजल्ट से संतुष्ट नहीं था छात्र, री-इवैल्यूएशन किया गया तो हो गया कमाल
जमशेदपुर के केएसएमएस के छात्र अचिंत्य गुप्ता ने ICSE 2026 बोर्ड परीक्षा में री-इवैल्यूएशन के बाद शानदार 99% अंक हासिल कर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है।

जिंदगी में जब आपको अपनी मेहनत और अपनी कलम पर पूरा भरोसा होता है, तो आप किसी भी चुनौती से टकराने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अक्सर हम देखते हैं कि परीक्षा के नतीजे आने के बाद कई छात्र अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होते हैं। मन में एक कसक रह जाती है, लेकिन बहुत कम ही बच्चे ऐसे होते हैं जो अपने हक के लिए री-इवैल्यूएशन का रिस्क उठाते हैं। जमशेदपुर के एक बेहद होनहार छात्र ने अपने इसी मजबूत भरोसे के दम पर एक नई मिसाल कायम कर दी है। शहर के जाने-माने केरल समाजम मॉडल स्कूल (केएसएमएस) में 10वीं क्लास के छात्र अचिंत्य गुप्ता ने आईसीएसई 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में शानदार 99 फीसदी अंक हासिल कर सबको चौंका दिया है।
कैसे बदला रिजल्ट का पूरा गणित?
जब आईसीएसई बोर्ड ने पहली बार 2026 के नतीजे घोषित किए थे, तब भी अचिंत्य का प्रदर्शन काफी शानदार था और उन्होंने बेहतरीन नंबर बटोरे थे। लेकिन कहते हैं ना, जो इंसान परफेक्शन की तलाश में होता है, वो आसानी से समझौता नहीं करता। अचिंत्य को इस बात का पूरा यकीन था कि उन्होंने अंग्रेजी के पेपर में जिस तरह से जवाब लिखे हैं, उसके हिसाब से उन्हें और भी बेहतर नंबर मिलने चाहिए थे।
बिना किसी हिचकिचाहट के उन्होंने अंग्रेजी विषय के लिए कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुना। कई बार छात्रों और उनके माता-पिता के मन में यह डर रहता है कि री-इवैल्यूएशन में कहीं नंबर कट न जाएं। लेकिन अचिंत्य का आत्मविश्वास बिल्कुल अडिग था। जब बोर्ड की तरफ से कॉपियों की दोबारा बारीकी से समीक्षा की गई, तो उनका यह दावा एकदम सच निकला। उनके अंग्रेजी के स्कोर को संशोधित करके सीधा 95 अंक कर दिया गया।
आईसीएसई में अंग्रेजी के पेपर अचिंत्य ने दी चुनौती
आईसीएसई बोर्ड अपनी कठिन पढ़ाई, बेहतरीन सिलेबस और सख्त मार्किंग के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस बोर्ड में खास तौर पर अंग्रेजी विषय की चेकिंग बहुत सख्त होती है। ग्रामर से लेकर लिटरेचर तक, हर छोटी-बड़ी चीज को बहुत बारीकी से परखा जाता है। ऐसे में अंग्रेजी के पेपर में 95 अंक हासिल करना कोई बच्चों का खेल नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि साइंस या मैथ्स में तो बच्चे 100 में से 100 ले आते हैं, लेकिन लैंग्वेज पेपर्स में टॉप स्कोर करना पसीने छुड़ा देता है। अचिंत्य ने इसी सबसे मुश्किल माने जाने वाले विषय में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है।
अंग्रेजी के अंकों में हुई इस शानदार बढ़ोतरी ने उनके कुल रिजल्ट की तस्वीर ही बदल कर रख दी। इस एक बदलाव के साथ उनका एग्रीगेट स्कोर सीधा 99% के जादुई आंकड़े को छू गया। 10वीं के स्तर पर 99 फीसदी मार्क्स लाना अपने आप में एक बहुत बड़ी कामयाबी है। जैसे ही यह री-इवैल्यूएशन सामने आया, अचिंत्य के घर पर खुशी की लहर दौड़ गई। माता-पिता की आंखों में अपने बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता को देखकर खुशी के आंसू छलक पड़े।




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