ITEP BEd 4 year BSc BEd course at IIT fees 2 30 lakh 12th pass eligible for ncet ITEP BEd : IIT में 4 वर्षीय बीएड कोर्स की फीस 2.30 लाख रुपए फीस, 12वीं पास ले सकेंगे दाखिला, Career Hindi News - Hindustan
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ITEP BEd : IIT में 4 वर्षीय बीएड कोर्स की फीस 2.30 लाख रुपए फीस, 12वीं पास ले सकेंगे दाखिला

ITEP BEd Course : आईआईटी धनबाद में चार वर्षीय बीएससी बीएड कोर्स शुरू होगा। कुल 50 सीटें हैं। छात्रों को आईआईटी कोर्स के तहत बीएससी का कोर्स पढ़ाया जाएगा।

Thu, 12 Feb 2026 08:42 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, मुख्य संवाददाता, धनबाद
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ITEP BEd : IIT में 4 वर्षीय बीएड कोर्स की फीस 2.30 लाख रुपए फीस, 12वीं पास ले सकेंगे दाखिला

आईआईटी में नए सत्र 2026-27 से शुरू हो रही चार वर्षीय बीएससी बीएड की पढ़ाई की फीस को अंतिम रूप दिया गया है। जल्द ही सीनेट की बैठक में उसे रखा जाएगा। सीनेट से मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। बीएससी बीएड में कुल 50 सीटें हैं। इनमें 20 सीटें गणित, 15 सीटें फिजिक्स व 15 सीटें केमेस्ट्री के लिए निर्धारित हैं। छात्र-छात्राओं को बीएड फीस के रूप में 2,30,300 रुपए देने होंगे। हॉस्टल सीट रेंट से लेकर अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। प्रत्येक सेमेस्टर में मेस चार्ज (खाने की फीस) देना होगा। महत्वपूर्ण यह है कि आईआईटी में बीएससी बीएड कोर्स के लिए प्रत्येक सेमेस्टर में ट्यूशन फीस मात्र 10 हजार रुपए निर्धारित किया गया है।

जानकारों का कहना है कि नामांकन के समय वन टाइम चार्ज 20,700 रुपए देने होंगे। वहीं एनुअल चार्ज नौ हजार रुपए व अन्य समर सेमेस्टर चार्ज 4600 रुपए, कॉनसून सेमेस्टर शुल्क 11,700 रुपए हैं। मॉनसून सेमेस्टर फीस 51,400 रुपए व विंटर सेमेस्टर शुल्क 21,700 रुपए हैं। जानकारों का कहना है कि फीस कम होने के कारण धनबाद के साथ झारखंड के विभिन्न जिलों के युवाओं को फायदा मिलेगा।

छात्रों को आईआईटी सिस्टम का मिलेगा लाभ

चार वर्षीय बीएससी बीएड में नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं को आईआईटी सिस्टम में पढ़ाई का लाभ मिलेगा। छात्रों को आईआईटी कोर्स के तहत बीएससी का कोर्स पढ़ाया जाएगा। साथ ही शिक्षक बनने के लिए बीएड की भी पढ़ाई जरूरी होगी। संबंधित छात्रों को अधिक से अधिक एक्सपोजर मिलेगा। आईआईटी से बीएससी बीएड होने के कारण पब्लिक स्कूलों समेत अन्य संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट भी मिलने की उम्मीद है।

एनसीईटी स्कोर ( NCET Score ) से होगा दाखिला

आईआईटी के बीएससी बीएड कोर्स में नामांकन के लिए एनसीईटी (नेशनल कॉमन इंट्रेंस टेस्ट) में शामिल होना होगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यह प्रतियोगिता परीक्षा लेगी। एनसीईटी के स्कोर के आधार पर आईआईटी के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद आरक्षण समेत अन्य प्रावधान का पालन कर मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।

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जानें एनसीईटी के बारे में

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी ) कराया जाता है। इसी प्रवेश परीक्षा के जरिए देश के विभिन्न संस्थानों में नए चार वर्षीय आईटीईपी ( इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम ) में दाखिला होता है। आईटीईपी कोर्स के तहत 12वीं पास छात्र चार वर्षीय बीए बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड कोर्स करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत वर्ष 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री धारक ही शिक्षक बन पाएंगे, ऐसे में टीचर बनने के लिए इस कोर्स की बहुत ज्यादा अहमियत हो गई है। यह कोर्स एनईपी के तहत बनी नई स्कूल संरचना के चार चरणों यानि फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार करेगा। अगर आप इंटीग्रेटड टीचर एजुकेशन प्रोगाम (आईटीईपी) कोर्स कर लेते हैं तो आपको सरकारी स्कूल में अध्यापक बनने के लिए बीएड या डीएलएड जैसे कोर्स करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किया गया है। यह पुराने 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स से अलग है। यह कोर्स भी चार साल का है। दरअसल एनसीटीई ने पूरे देश में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से आईआईटी, एनआईटी, सेंट्रल व स्टेट यूनिवर्सिटी समेत 57 अध्यापक शिक्षा संस्थानों (टीईआई) में आईटीईपी शुरू किया था। मार्च 2023 में इस कोर्स को लॉन्च किया गया था। यह एनईपी 2020 के तहत लाया गया एनसीटीई का एक प्रमुख कार्यक्रम है। आईटीईपी, जिसे 26 अक्टूबर 2021 को अधिसूचित किया गया था, एक 4 साल की दोहरी-समग्र स्नातक डिग्री है, जो बीए बीएड, बीएससी बीएड / और बीकॉम बीएड कोर्स ऑफर करती है। यह कोर्स नई शिक्षा नीति के अंतर्गत दिए गए नए स्कूल एजुकेशन सिस्टम के 4 चरणों यानी फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार कर रहा है।

अगर उम्मीदवार ने चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम पूरा कर लिया है तो उसके लिए टीईटी, एसटीईटी या स्टेट लेवल के अन्य टेस्ट क्लियर करके टीचर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।

आईटीईपी बचाता है एक साल

आईटीईपी इंटीग्रेटेड कोर्स से छात्रों को एक वर्ष की बचत होती है। वे वर्तमान बीएड योजना के लिए आवश्यक 5 वर्षों (तीन साल की ग्रेजुएशन व दो साल का बीएड) के बजाय इस पाठ्यक्रम को 4 वर्षों में पूरा करेंगे। आईटीईपी 4 साल की ड्यूल डिग्री है जो बीए बीएड/ बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड कोर्स ऑफर करती है।

2030 से आईटीईपी का होगा बोलबाला

एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही 2030 से स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की गई है। नई शिक्षा नीति के प्रावधानों की मानें तो 2030 के बाद स्कूलों में वहीं शिक्षक भर्ती होंगे जिन्होंने नया वाला आईटीईपी चार वर्षीय बीएड कोर्स किया होगा। पांच साल पहले 2021 में शिक्षा मंत्रालय ने आईटीईपी को अधिसूचित करते समय कहा था कि 2030 से शिक्षकों की भर्ती केवल आईटीईपी के माध्यम से होगी।

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