Join Indian Armed Forces: 12वीं के बाद NDA से लेकर CDS तक सेना में ऐसे बनें अफसर, जानें भर्ती होने के सारे रास्ते
Indian Armed Forces Career: यदि आपके भीतर भी देश सेवा का जज्बा है, तो आप कक्षा 12वीं के तुरंत बाद या फिर अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना में सीधे ऑफिसर रैंक पर एंट्री ले सकते हैं।

Indian Armed Forces Bharti 2026: देश की सीमाओं की रक्षा करना, बर्फ की वादियों से लेकर समंदर की गहराइयों और आसमान की ऊंचाइयों पर तिरंगा लहराना—यह एक ऐसा सपना है जिसे भारत का हर एक युवा अपनी आंखों में सजाता है। भारतीय सशस्त्र बल यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना में एक अधिकारी बनना केवल एक शानदार करियर नहीं, बल्कि देश का सबसे सम्मानित जीवन जीने का जरिया है।
यदि आपके भीतर भी देश सेवा का जज्बा है, तो आप कक्षा 12वीं के तुरंत बाद या फिर अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में सीधे ऑफिसर रैंक पर एंट्री ले सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको देश की सबसे कठिन और दिलचस्प चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। आइए जानते हैं इस गौरवशाली सफर की पूरी कहानी।
स्कूल के तुरंत बाद अफसर बनने का सपना: 12वीं के बाद एंट्री ऑप्शन
अगर आपने अभी-अभी अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है, तो आपके पास वर्दी पहनने के दो सबसे बेहतरीन मौके होते हैं:
एनडीए परीक्षा (NDA & NA Exam): संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल दो बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और नौसेना अकादमी (NA) की परीक्षा आयोजित की जाती है। फिजिक्स और गणित से 12वीं पास करने वाले अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार इसमें भाग्य आजमा सकते हैं। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास करने के बाद कैडेट्स 3 साल की कड़ी ट्रेनिंग लेते हैं और फिर अपनी पसंदीदा सेना (आर्मी, नेवी या एयरफोर्स) में चले जाते हैं।
तकनीकी प्रवेश योजना (TES): अगर आप बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे भारतीय सेना की तकनीकी विंग में जाना चाहते हैं, तो टीईएस (TES) आपके लिए ही है। 12वीं कक्षा में पीसीएम (PCM) ग्रुप में बेहतरीन अंक हासिल करने वाले और जेईई मेन (JEE Main) परीक्षा में बैठने वाले छात्र इसमें सीधे इंटरव्यू के हकदार बनते हैं।
कॉलेज के बाद देश सेवा: ग्रेजुएशन के बाद ऑफिसर बनने के रास्ते
ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के बाद युवाओं के लिए सेना के दरवाजे और भी बड़े रूप में खुलते हैं:
सीडीएस परीक्षा (CDS Exam): यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा के जरिए ग्रेजुएट युवा सीधे देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), चेन्नई स्थित ओटीए (OTA), एझिमाला की नौसेना अकादमी (INA) या हैदराबाद की वायुसेना अकादमी (AFA) में ऑफिसर ट्रेनिंग के लिए प्रवेश पाते हैं।
एफकैट (AFCAT): भारतीय वायुसेना (IAF) में फ्लाइंग ब्रांच, तकनीकी या ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं में ऑफिसर बनने के लिए एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) सबसे लोकप्रिय जरिया है।
एनसीसी स्पेशल एंट्री: जिन छात्रों के पास कॉलेज के दिनों में नेशनल कैडेट कोर (NCC) का 'सी' (C) सर्टिफिकेट रहा है, उनके लिए बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे इंटरव्यू में शामिल होने की विशेष सुविधा मिलती है।
चयन प्रक्रिया की असली अग्निपरीक्षा: 5 दिनों का एसएसबी इंटरव्यू
लिखित परीक्षा पास करना तो सिर्फ पहला पड़ाव है, भारतीय सेना में ऑफिसर बनने की असली परीक्षा सेवा चयन बोर्ड यानी एसएसबी (SSB) इंटरव्यू में होती है। यह पूरे 5 दिनों की एक बेहद दिलचस्प और कठिन मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें उम्मीदवार के ज्ञान का नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व और ‘ऑफिसर लाइक क्वालिटीज’ का परीक्षण किया जाता है:
पहला दिन (स्क्रीनिंग): यहां ऑफिसर इंटेलिजेंस रेटिंग (OIR) टेस्ट और पिक्चर परसेप्शन एंड डिस्क्रिप्शन टेस्ट (PPDT) होता है। जो इसे पास करते हैं, वही आगे जाते हैं।
दूसरा से चौथा दिन (साइकोलॉजी और जीटीओ): इन दिनों उम्मीदवारों को मानसिक और शारीरिक रूप से परखा जाता है। थॉट एसोसिएशन टेस्ट (TAT), ग्रुप डिस्कशन (GD), ग्रुप प्लानिंग एक्सरसाइज और कमांड टास्क जैसे कठिन और मजेदार मैदानी टास्क (GTO) कराए जाते हैं।
पांचवां दिन (कॉन्फ्रेंस): आखिरी दिन सभी बोर्ड अधिकारी मिलकर उम्मीदवार के अंतिम चयन पर फैसला लेते हैं।
एसएसबी में सफल होने के बाद कड़ा मेडिकल टेस्ट होता है, और फिर ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट के आधार पर चुने गए भाग्यशाली जांबाजों को ट्रेनिंग अकादमियों में भेजा जाता है, जहां से वे भारतीय सेना के जांबाज अफसर बनकर निकलते हैं।




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