IGNOU : इग्नू ने जलवायु परिवर्तन में MSc कोर्स शुरू किया, किसी भी विषय से ग्रेजुएट योग्य, फीस 8000 रु
इग्नू ने जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के लिए दो वर्षीय एमएससी (क्लाइमेट चेंज) कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे वह इस विषय में स्नातकोत्तर विज्ञान पाठ्यक्रम शुरू करने वाला भारत का पहला मुक्त विश्वविद्यालय बन गया है।

इग्नू ने जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एमएससी (क्लाइमेट चेंज) कार्यक्रम शुरू किया। संस्थान का कहना है कि इग्नू भारत का पहला मुक्त विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने जलवायु परिवर्तन विषय में स्नातकोत्तर विज्ञान पाठ्यक्रम आरंभ किया है। दो वर्षीय इस कार्यक्रम में जलवायु विज्ञान, जलवायु जोखिम, अनुकूलन एवं शमन रणनीतियां, पर्यावरणीय प्रशासन, सतत विकास, जल संसाधन, ऊर्जा प्रणालियां, कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन और पर्यावरण कानून जैसे विषय शामिल किए गए हैं। विद्यार्थियों को जलवायु आकलन उपकरणों और वास्तविक चुनौतियों के समाधान से भी परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. वी. वेंकटरमणन और प्रो. शची शाह कर रही हैं।
यहां से जानकारी प्राप्त करें
इस पाठ्यक्रम में किसी भी विषय से स्नातक विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। यह कोर्स 80 क्रेडिट का है। पहले वर्ष की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी करने वाले विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लाइमेट चेंज (पीजीडीसीसीसी) प्राप्त करने का विकल्प भी मिलेगा। इस कोर्स की फीस 8000 रुपये है। इसमें नामांकन और डेवलेपमेंट फीस अतिरिक्त देना है। भाषा अंग्रेजी है। प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी ignouadmission.samarth.edu.in पर उपलब्ध है।
क्लाइमेट चेंज और इसके प्रभाव
डॉ. नसरीन ने बताया कि क्लाइमेट चेंज दुनिया भर में इकोसिस्टम, अर्थव्यवस्थाओं और इंसानों पर असर डाल रहा है। सस्टेनेबल और मजबूत समाधान विकसित करने में सक्षम ट्रेंड प्रोफेशनल्स की तत्काल जरूरत को समझते हुए इग्नू ने इस तरह का नया मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोग्राम डिजाइन किया है। इसका मकसद सीखने वालों को क्लाइमेट साइंस, क्लाइमेट रिस्क, अनुकूलन और शमन रणनीतियों, पर्यावरण गवर्नेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पूरी समझ देना है।
प्रोग्राम के प्रमुख विषय
यह प्रोग्राम क्लाइमेट चेंज और जल संसाधन, ऊर्जा प्रणालियां, कृषि, आपदा जोखिम में कमी, जैव विविधता, कचरा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, स्वास्थ्य, इकोसिस्टम बहाली, पर्यावरण कानून, गवर्नेंस और क्लाइमेट असेसमेंट टूल्स जैसे अहम विषयों पर जानकारी देता है। यह सीखने वालों को असल दुनिया की क्लाइमेट चुनौतियों से निपटने और राष्ट्रीय व ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों में योगदान करने के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल से लैस करता है। इस प्रोग्राम का संचालन डॉ. वी वेंकटरामनन और प्रो. शची शाह कर रहे हैं, जिनके पास पर्यावरण, सस्टेनेबिलिटी और क्लाइमेट चेंज स्टडीज के क्षेत्रों में व्यापक एकेडमिक और रिसर्च अनुभव है।
जुलाई सत्र के लिए नामांकन शुरू
इग्नू के जुलाई 2026 प्रवेश सत्र के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 जुलाई तक विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, स्नातकोत्तर डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, पटना के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णाराव ने बताया कि 17 जिलों में 30 अध्ययन केंद्र संचालित हैं, जहां शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। आरा, सासाराम, सीवान, छपरा, जमुई, वैशाली, हाजीपुर के विद्यार्थियों के लिए कई बेहतरीन कोर्स उपलब्ध हैं।




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