IAS Shakti Dubey success story : why upsc cse topper failed Prelims Three Times Mistakes PYQs tips strategy UPSC : यूपीएससी IAS टॉपर शक्ति दुबे की 4 गलतियां, जिनके चलते प्रीलिम्स में लगातार 3 बार हुईं फेल, Career Hindi News - Hindustan
More

UPSC : यूपीएससी IAS टॉपर शक्ति दुबे की 4 गलतियां, जिनके चलते प्रीलिम्स में लगातार 3 बार हुईं फेल

IAS Shakti Dubey success story : यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे ने अपनी वो 4 गलतियां बताई हैं जिनकी वजह से वो बार बार प्रीलिम्स में फेल हो रही थीं। 5वें प्रयास में शक्ति दुबे ने न सिर्फ यूपीएससी क्रैक किया बल्कि पूरे देश में रैंक 1 हासिल की।

Tue, 7 April 2026 03:59 PMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
UPSC : यूपीएससी IAS टॉपर शक्ति दुबे की 4 गलतियां, जिनके चलते प्रीलिम्स में लगातार 3 बार हुईं फेल

UPSC CSE Prelims : यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स एग्जाम 2026 का आयोजन अगले माह 24 मई 2026 को होगा। लाखों अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड ( UPSC CSE 2026 Prelims Admit Card ) का इंतजार कर रहे हैं और तैयारी में जी जान से जुटे हुए हैं। यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा का पैटर्न ऐसा होता है कि बहुत से होनहार अभ्यर्थी कड़ी मेहनत और कई अटेम्प्ट के बाद भी इसे पास नहीं कर पाते। कई अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जो पिछले प्रयासों में इंटरव्यू व मेन्स तक पहुंचने के बावजूद प्रीलिम्स में गच्चा खा जाते हैं। खासतौर पर प्रीलिम्स में सीसैट ( CSAT ) के पेपर से निपटना ज्यादातर अभ्यर्थियों के लिए चुनौती रहता है खासतौर पर आर्ट्स बैकग्राउंड वालों के लिए। यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को 2024 की टॉपर शक्ति दुबे की कहानी जरूर जाननी चाहिए जो प्रीलिम्स में तीन बार फेल हुई थीं।

एक इंटरव्यू में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 की टॉपर शक्ति दुबे ने अपनी वो 4 गलतियां बताई हैं जिनकी वजह से वो बार बार प्रीलिम्स में फेल हो रही थीं। 5वें प्रयास में शक्ति दुबे ने न सिर्फ यूपीएससी क्रैक किया बल्कि पूरे देश में रैंक 1 हासिल की। पहले तीन प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। चौथे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन असफल रहीं। शक्ति 2023 में कट-ऑफ से सिर्फ 12 अंक पीछे रह गई थीं।

शक्ति दबे ने बताया उनके शुरुआती प्रयासों में प्रीलिम्स पास न कर पाने के मुख्य कारण थे-

  1. मेन्स की तैयारी न होना - शक्ति दुबे का मानना है कि प्रीलिम्स का पेपर देने से पहले उम्मीदवार को मेन्स के लिए पूरी तरह तैयार होना चाहिए। उनका कहना है कि यूपीएससी में सिलेबस का कोई सख्त टाइप का बंटवारा नहीं है और मेन्स के विषयों (जैसे गवर्नेंस) से भी प्रीलिम्स में करंट अफेयर्स के तहत सवाल पूछे जा सकते हैं। मैं मेन्स के लिए तैयार नहीं थी।

2. पिछले वर्षों के प्रश्नों की अनदेखी- उन्होंने अपने शुरुआती प्रयासों में पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया। उनकी यह गलत सोच थी कि जो प्रश्न एक बार पूछे जा चुके हैं, उन्हें दोबारा नहीं पूछा जाएगा।

3. काफी ज्यादा अध्ययन सामग्री : उन्होंने हर विषय, जैसे इतिहास और भूगोल के लिए तीन-तीन, चार-चार किताबें पढ़ी थीं। इतनी सारी किताबें पढ़ने और उन्हें हाईलाइट करने की वजह से परीक्षा के समय उन सबका रिवीजन करना असंभव हो गया था। यह मेरी बड़ी गलती थी।

4. रिवीजन न होना : शक्ति दुबे बताती हैं कि वह बहुत अधिक सामग्री होने के कारण रिवीजन नहीं कर पाती थीं। बाद में उन्होंने अपनी एक मैम का दिया मंत्र अपनाया। वह कहती थीं कि जिस चीज का रिवीजन नहीं कर सकती, उसे बिल्कुल नहीं पढ़ना चाहिए।' इन सब गलतियों को मैंने पहचाना और इससे मुझे प्रीलिम्स क्रैक करने में मदद मिली।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:IAS रिंकू को दोनों बार UPSC इंटरव्यू में मिले थे सबसे कम अंक,चौंकाती है मार्कशीट

कितनी की है पढ़ाई

शक्ति दुबे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी बायोकेमिस्ट्री ग्रेजुएट हैं। उन्होंने बीएचयू से पोस्ट ग्रेजुएशन (बायोकमिस्ट्री) में की है। बीएचयू में उन्होंने टॉप किया था। तकरीबन 2018 से सिविल सर्विसेज की तैयारी करना शुरू किया। उनके पिता देवेंद्र दुबे उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। यूपीएससी की कोचिंग के लिए दिल्ली भी गई थीं, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण उन्हें घर लौटना पड़ा और उसने अपनी तैयारी खुद ही जारी रखी।

उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी भी घंटों को देखकर पढ़ाई नहीं की। कभी 8 घंटे होते थे, कभी 6 भी होते थे, तो कभी 12 घंटे भी पढ़ाई की है। जो फोकस होता था कि चार चीजें जो करनी है तो करनी है, वो है कि सुबह उठकर करेंट अफेयर्स का एक स्लॉट होगा, फिर जीएस का एक स्लॉट होगा। एक ऑप्शनल का स्लॉट होगा और एक टेस्ट प्रैक्टिस का स्लॉट होगा। मैंने ये चीजें तीसरे अटेम्प्ट के बाद लगातार फॉलो की हैं।’ उन्होंने सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया और 'माय गवर्नमेंट' व 'बेटर इंडिया' जैसे पेजों से एथिक्स और निबंध के लिए उदाहरण जुटाए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:खत्म हो UPSC का CSAT, बदले प्रीलिम्स पैटर्न, बीजेपी सांसद ने संसद में की मांग

यूपीएससी की तैयारी करने वालों को दिए तीन टिप्स

- तैयारी करने वालों की बुकलिस्ट बहुत कम होनी चाहिए।

- पिछले सालों के पेपर व सिलेबस का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

- लिखने की प्रैक्टिस करना भी जरूरी है।

परिवार का अटूट सहयोग

उनके माता-पिता ने उन्हें सामाजिक दबाव और रिश्तेदारों की बातों से बचाए रखा और 5-6 वर्षों तक किसी भी पारिवारिक समारोह में नहीं गए ताकि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। शक्ति अपनी मां को अपना रोल मॉडल मानती हैं, जिन्होंने उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद कभी हार न मानना सिखाया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक, लघिमा तिवारी ने कैसे पाई 19वीं रैंक?

प्लान बी की सलाह

शक्ति यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए प्लान बी रखने की पक्षधर है। अपनी तैयारी के दौरान वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं और बाद में कोचिंग में मेंटरिंग भी शुरू की थी ताकि आर्थिक सुरक्षा बनी रहे। शक्ति दुबे का मानना है कि इस परीक्षा में कड़ी मेहनत के साथ-साथ किस्मत का भी एक बड़ा रोल होता है, क्योंकि टॉपर्स और अन्य रैंकर्स के बीच अंकों का अंतर बहुत कम होता है

यूपीएससी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) , भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) समेत की तरह की सिविल सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों में प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराती है।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।