CBSE ने Coempt Edutech को ठेका देने के आरोपों को किया खारिज; कहा- 'जीएफआर नियमों के तहत हुआ काम'
CBSE OSM Row: सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद के बीच 'कोएम्प्ट एडुटेक' को ठेका देने के आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।

CBSE 12th OSM Row: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े एक बड़े विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। बोर्ड ने सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें 'कोएम्प्ट एडुटेक' (Coempt Edutech) नाम की एजेंसी को ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। सीबीएसई ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं। बोर्ड ने जोर देकर कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा गया है और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।
जीएफआर (GFR) प्रोटोकॉल का पूरी तरह से किया गया पालन
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा है कि एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट सौंपने के दौरान सरकार के सभी वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन किया गया है। बोर्ड के अनुसार, इस टेंडर को जारी करने में 'जनरल फाइनेंशियल रूल्स' (GFR) के सभी तय नियमों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह और जिम्मेदारी से पालन किया गया है। बोर्ड ने साफ किया कि किसी भी स्तर पर किसी भी अयोग्य एजेंसी को अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया गया है।
पोर्टल पर टेंडर निकाल कर चुनी गई योग्य एजेंसी
इस मामले में पूरी पारदर्शिता साबित करने के लिए सीबीएसई ने टेंडर प्रक्रिया का पूरा टाइमलाइन और डेटा भी सार्वजनिक किया है। बोर्ड द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन (OSM) के लिए 28 अगस्त 2025 को आधिकारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) यानी टेंडर जारी किया था।
यह पूरा टेंडर किसी निजी स्तर पर नहीं, बल्कि भारत सरकार के आधिकारिक सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (CPP) पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से जारी किया गया था। इस पोर्टल पर आई विभिन्न तकनीकी और वित्तीय बोलियों की गहन जांच करने के बाद, जो एजेंसी सभी कड़े मानकों पर पूरी तरह खरी और योग्य पाई गई, उसी को यह कॉन्ट्रैक्ट नियमनुसार सौंपा गया है।
छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
सीबीएसई ने इस बात पर गहरा दुख जताया है कि बिना तथ्यों की जांच किए बोर्ड की छवि और मूल्यांकन प्रणाली को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड ने सभी छात्रों, स्कूलों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस प्रकार की भ्रामक और आधी-अधूरी खबरों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।




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