CBSE Faces Backlash Over 23 Crore Re-Evaluation Fee Collection Revealed in RTI CBSE 12th Results: सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन से कमाए 23 करोड़; आरटीआई में खुलासा, अब शिक्षा मंत्रालय ने घटाई फीस, Career Hindi News - Hindustan
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CBSE 12th Results: सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन से कमाए 23 करोड़; आरटीआई में खुलासा, अब शिक्षा मंत्रालय ने घटाई फीस?

CBSE Class 12 results: आरटीआई से पता चला है कि सीबीएसई ने केवल शैक्षणिक सत्र 2024-25 में छात्रों से उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और स्कैन कॉपी देने के नाम पर ₹23 करोड़ से अधिक की मोटी रकम वसूल की है।

Mon, 18 May 2026 05:38 AMPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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CBSE 12th Results: सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन से कमाए 23 करोड़; आरटीआई में खुलासा, अब शिक्षा मंत्रालय ने घटाई फीस?

CBSE Class 12 results: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद, कॉपियों के मूल्यांकन पर अक्सर सवाल उठते हैं। लेकिन इस बार मामला सिर्फ नंबरों का नहीं, बल्कि कॉपियों की री-चेकिंग के नाम पर ली जाने वाली भारी-भरकम फीस का है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत हुए एक चौंकाने वाले खुलासे के बाद सीबीएसई विवादों के घेरे में आ गई है। आरटीआई से पता चला है कि सीबीएसई ने केवल शैक्षणिक सत्र 2024-25 में छात्रों से उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और स्कैन कॉपी देने के नाम पर ₹23 करोड़ से अधिक (₹23,19,44,644.97) की मोटी रकम वसूल की है। इस खुलासे के बाद मचे देशव्यापी हंगामे को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई ने बैकफुट पर आते हुए फीस को बेहद कम करने और नंबर बढ़ने पर पैसे वापस करने का एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

आरटीआई का पूरा गणित: कितनी हुई कमाई?

शिक्षाविद और करियर काउंसलर केशव अग्रवाल द्वारा दायर की गई आरटीआई के जवाब में यह वित्तीय आंकड़ा सामने आया है। इसके मुताबिक सीबीएसई बोर्ड को कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों से सिर्फ मार्क्स वेरिफिकेशन और री-टोटलिंग के नाम पर ₹20.09 करोड़ की भारी राशि प्राप्त हुई। जांची गई कॉपियों की स्कैन की गई डिजिटल कॉपी छात्रों को उपलब्ध कराने के एवज में बोर्ड ने ₹3.09 करोड़ जमा किए।

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केशव अग्रवाल और कई अभिभावक संघों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के नंबर बढ़ते हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि पहली बार कॉपी जांचने वाले एग्जामिनर ने गलती की थी। एग्जामिनर की इस मानवीय भूल या लापरवाही की सजा छात्रों और उनके परिवारों को इतनी महंगी फीस देकर क्यों भुगतनी पड़े? उन्होंने मांग की थी कि जिन भी छात्रों के नंबरों में सुधार होता है, उनकी पूरी फीस तुरंत रिफंड की जानी चाहिए।

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चौतरफा घिरे बोर्ड का फैसला: भारी कटौती और रिफंड नीति लागू

इस मामले पर बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश और छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। उन्होंने छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए री-इवैल्यूएशन शुल्क ढांचे में भारी कटौती की घोषणा की। पहले छात्रों को अपनी जांची हुई आंसर शीट की डिजिटल कॉपी मंगाने के लिए ₹700 देने पड़ते थे, जिसे अब घटाकर मात्र ₹100 कर दिया गया है। मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए पहले ₹500 प्रति विषय फीस लगती थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ ₹100 कर दिया गया है। पहले किसी विशेष प्रश्न के उत्तर को दोबारा जांचने के लिए ₹100 प्रति प्रश्न वसूले जाते थे, जिसे अब घटाकर मात्र ₹25 प्रति प्रश्न कर दिया गया है।

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पूरी फीस होगी रिफंड

सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि यदि री-चेकिंग की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी छात्र के नंबरों में बढ़ोतरी होती है, तो सीबीएसई छात्र द्वारा जमा की गई पूरी फीस वापस कर देगी। यह रिफंड व्यवस्था साल 2019 से बंद थी, जिसे अब दोबारा बहाल कर दिया गया है।

शिक्षा मंत्रालय ने किया 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) का बचाव

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सचिव संजय कुमार ने इस साल बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में लागू की गई डिजिटल प्रणाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) का मजबूती से बचाव किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है, जिससे टोटलिंग की गलतियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इस सत्र में लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके पीडीएफ में बदला गया और तीन स्तरीय सुरक्षा जांच के बाद उसे कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचने के लिए एग्जामिनर को भेजा गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि खराब लिखावट या स्याही फैलने जैसी समस्याओं के कारण 13,000 से अधिक कॉपियों को स्कैन नहीं किया जा सका, जिनका मूल्यांकन बाद में शिक्षकों द्वारा शारीरिक रूप से किया गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि छात्रों का कल्याण उनके लिए सर्वोपरि है और किसी भी बच्चे के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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