CBSE 12th Result 2026: CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन शेड्यूल जारी, नंबरों से नहीं हैं खुश तो 19 मई से करें अप्लाई
CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन, वेरिफिकेशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन्ड कॉपी प्राप्त करने की तारीखों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है।

CBSE Class 12 Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) ने 13 मई को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए थे, जिसमें कुल 85.20 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। परिणाम आने के बाद कई छात्र ऐसे हैं जो अपने मिले हुए अंकों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें लगता है कि उनकी कॉपी ठीक से नहीं चेक की गई। ऐसे छात्रों की मदद के लिए सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन, वेरिफिकेशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन्ड कॉपी प्राप्त करने की तारीखों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है।
बोर्ड ने साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन मोड में ही संचालित होगी और इसके लिए छात्रों को निर्धारित समय के भीतर ही आवेदन करना होगा। ऑफलाइन या किसी अन्य माध्यम से मिलने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आइए जानते हैं क्या है पूरा शेड्यूल और इसके लिए कितनी फीस चुकानी होगी।
पुनर्मूल्यांकन का शेड्यूल
सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा के लिए एक सख्त नियम और क्रम तय किया है।
चरण 1: उत्तर पुस्तिका की डिजिटल स्कैन कॉपी प्राप्त करना- जो छात्र अपनी जांची गई कॉपी को खुद देखना चाहते हैं, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिका की स्कैन की गई डिजिटल कॉपी उनके डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराई जाएगी। तारीख: 19 मई से 22 मई 2026 (रात 11:59 बजे तक) फीस: ₹700 प्रति विषय।
चरण 2: मार्क्स वेरिफिकेशन- यदि छात्र को कॉपी देखने के बाद लगता है कि अंकों के योग (टोटलिंग) में कोई गड़बड़ी है या कोई उत्तर बिना जांचे छूट गया है, तो वे मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। तारीख: 26 मई से 29 मई 2026 फीस: ₹500 प्रति उत्तर पुस्तिका।
इस साल की नई तकनीक: ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM)
सीबीएसई ने इस साल कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) यानी डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को अपनाया है। इसके तहत कॉपियों को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर शिक्षकों द्वारा जांचा गया है। हालांकि, कुछ शिक्षकों और स्कूलों ने कॉपियों के धुंधले दिखने या सर्वर डाउन होने की शिकायतें उठाई थीं, लेकिन बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने इस व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा है कि इससे अंकों के योग और अपलोडिंग में होने वाली मानवीय गलतियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं।
छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
नंबर घट भी सकते हैं: छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि री-इवैल्यूएशन के बाद नंबर बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। जो भी नया परिणाम आएगा, वही अंतिम और अनिवार्य माना जाएगा।
सर्टिफिकेट वापस करना होगा: यदि किसी छात्र के नंबरों में बदलाव (बढ़ोतरी या कमी) होती है, तो उन्हें नया मार्कशीट प्राप्त करने के लिए अपना पुराना ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट बोर्ड को वापस सौंपना होगा।
सप्लीमेंट्री परीक्षा: जो छात्र किसी एक विषय में फेल हो गए हैं या कंपार्टमेंट श्रेणी में हैं, उनके लिए 15 जुलाई 2026 को सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जून 2026 से शुरू होगी। इच्छुक छात्र 19 मई की सुबह से सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर "Post Result Services 2026" लिंक के माध्यम से अपने रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी का उपयोग करके आवेदन कर सकते हैं।




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