CBSE Board Exams 2026: मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण CBSE का बड़ा फैसला, 12वीं की सभी बोर्ड परीक्षाएं रद्द
CBSE Board Exams 2026: सीबीएसई बोर्ड ने खाड़ी देशों में रहने वाले कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए निर्धारित सभी आगामी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह फैसला उन हजारों भारतीय छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है जो युद्धग्रस्त क्षेत्र में रहकर अपनी बोर्ड परीक्षाएं दे रहे थे।

CBSE Board Exams 2026: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने खाड़ी देशों में रहने वाले कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए निर्धारित सभी आगामी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह फैसला उन हजारों भारतीय छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है जो युद्धग्रस्त क्षेत्र में रहकर अपनी बोर्ड परीक्षाएं दे रहे थे।
किन देशों में रद्द हुई परीक्षाएं?
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि यह आदेश मिडिल ईस्ट के उन सभी सात देशों पर लागू होगा जहां सीबीएसई से संबद्ध स्कूल संचालित हैं। इन देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर, ओमान, कुवैत, ईरान शामिल हैं।
16 मार्च से 10 अप्रैल तक की सभी परीक्षाएं रद्द
बोर्ड के अनुसार, 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली सभी परीक्षाएं अब आयोजित नहीं की जाएंगी। इसके अलावा, बोर्ड ने उन परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है जिन्हें पहले स्थगित किया गया था। यानी अब 12वीं के छात्रों के लिए इस सत्र की कोई और परीक्षा मिडिल ईस्ट के केंद्रों पर नहीं होगी।
युद्ध का शिक्षा पर असर
क्षेत्र में तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। दुबई, अबू धाबी और रियाद जैसे प्रमुख शहरों में सुरक्षा चिंताओं के कारण छात्रों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना न केवल कठिन बल्कि खतरनाक हो गया था।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि छात्रों की मानसिक स्थिति, उनकी सुरक्षा और क्षेत्र की अनिश्चितताओं की समीक्षा करने के बाद ही यह कठिन निर्णय लिया गया है।
कैसे घोषित होगा रिजल्ट?
परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रों का मूल्यांकन कैसे होगा? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित छात्रों के परिणामों की घोषणा के लिए मूल्यांकन पद्धति क्या होगी, इसकी जानकारी जल्द ही अलग से साझा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीएसई पिछले रिकॉर्ड्स, इंटरनल असेसमेंट या पहले हो चुकी परीक्षाओं के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार करने का विकल्प चुन सकता है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान किया गया था।
कक्षा 10वीं का पहले ही हो चुका है फैसला
आपको बता दें कि सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की परीक्षाओं को लेकर पहले ही कड़ा रुख अपनाया था। 10वीं की सभी शेष परीक्षाएं पहले ही रद्द की जा चुकी थीं। 12वीं की परीक्षाओं को लेकर बोर्ड स्थिति की समीक्षा कर रहा था, लेकिन युद्ध के और अधिक बढ़ने के कारण अब इन्हें भी रद्द करना पड़ा है। बोर्ड ने सभी संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों और अभिभावकों को इस फैसले की जानकारी दें और उन्हें केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहें।




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