CBSE : आंसरशीट से पन्ने व स्टेप मार्किंग गायब, 35 नंबर का फर्क, OSM ने 12वीं के छात्रों को रुलाया, कीं ये गंभीर शिकायतें
सीबीएसई 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी को लेकर फिर गड़बड़ी सामने आई है। आंसरशीट से पन्ने गायब होने, सही उत्तरों पर अंक नहीं मिलने और स्कैन कॉपी समय पर उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें की हैं।

सीबीएसई 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी को लेकर फिर गड़बड़ी सामने आई है। इसको लेकर छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कॉपियों में पन्ने गायब होने, सही उत्तरों पर अंक नहीं मिलने और स्कैन कॉपी समय पर उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की है। अभिभावक गीतू मोजो ने एक्स पर लिखा कि उनकी बेटी को चार विषयों की स्कैन कॉपी मिली, लेकिन एक उत्तर पुस्तिका में 22वां पन्ना गायब था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे उत्तरों पर अंक नहीं दिए गए जो आधिकारिक उत्तर कुंजी से मेल खाते हैं। 30-35 अंकों का अंतर कक्षा 12 के छात्र के भविष्य और प्रवेश प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है।
एक अन्य यूजर अनुराधा तिवारी ने एक्स पर लिखा कि सीबीएसई की तथाकथित ओएसएम मूल्यांकन प्रणाली छात्रों के भविष्य को खराब कर रही है। उन्होंने पुस्तकों का स्क्रीन शॉट लगाकर आरोप लगाया कि आधिकारिक बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर देने पर भी शून्य अंक दिए गए। सही सूत्र लिखने के बावजूद स्टेप मार्किंग नहीं दी गई। वहीं, अभिभावक अक्षय गुप्ता ने लिखा कि उन्होंने भौतिकी की उत्तर पुस्तिका के लिए आवेदन और भुगतान किया, लेकिन पोर्टल पर वह उपलब्ध नहीं दिखाई दे रही है, जबकि अन्य विषयों की कॉपियां मिल चुकी हैं।
छात्रों की शिकायतें - अभी तक नहीं मिली आंसरशीट
स्कैन कॉपी के लिए 200 रुपये का भुगतान किया, लेकिन अब तक उत्तर पुस्तिका प्राप्त नहीं हुई। मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका है और स्कैन कॉपी के बिना अपने उत्तरों की जांच नहीं कर पा रहे हैं। -अनिमेष घोष
मैंने स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए भुगतान कर दिया है, लेकिन मुझे अब तक कॉपी नहींमिली है। -भव्या सैनी
कृष्ण सारफ ने कहा- मैंने 22 मई को 3 विषयों के लिए पेमेंट किया था, मुझे सिर्फ 2 कॉपियां मिली हैं, 1 अभी भी नहीं मिली है। पहले यहां सबमिट और पेंडिंग दिखा रहा था, लेकिन अब कुछ भी नहीं दिख रहा है। मैं चाहता हूं कि जितनी जल्दी हो सके, मुझे मेरी कॉपी मिल जाए। मेरा रोल नंबर है:-22617312, नाम: कृष कुमार।
एक पीड़ित छात्रा खनक ने बताया, 'CBSE को मैनुअल ट्रैकिंग की सुविधा देनी चाहिए थी। जिन सवालों को मैंने असल में हल किया था, उनके लिए भी मुझे अंक नहीं दिए गए, जिससे मेरा कुल स्कोर कम हो गया। अब मैं पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करूंगी।'
कृष राज ने लिखा - मार्किंग स्कीम के हिसाब से 9 MCQ सही हैं लेकिन उनमें से सिर्फ़ 3 को ठीक किया गया है। Qno29(D) और 30(D) सही हैं लेकिन उनके मार्क्स नहीं जोड़े गए हैं। 30C भी सही है लेकिन उनमें कोई स्टेप मार्किंग गलत नहीं है। क्यों? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
आशीष ने लिखा- मैं CBSE क्लास 12 का स्टूडेंट हूं ! फिजिक्स में उम्मीद से कम नंबर आने के बाद, हमने CBSE के री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के ज़रिए अपनी आंसर शीट की फ़ोटोकॉपी के लिए अप्लाई किया! आज हमें वो कॉपियां मिल गईं, और मैं पूरी तरह टूट गया हूं क्योंकि CBSE ने जो Physics की आंसर शीट अपलोड की थी, वह मेरी नहीं थी!
आंसरशीट देख छात्र हैरान, क्या क्या जता रहे आपत्ति
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की गई?
- मल्टीपल चॉइस प्रश्न में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे?
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा, बढ़ा चढ़ाकर फीस क्यों दिखा रहा पोर्टल
- विद्यार्थियों की आंसरशीट अदला बदली कैसे हो गई? कइयों के कुछ पन्ने गायब कैसे हो गए?
- सही उत्तरों के मार्क्स क्यों काटे गए?
- मेरी आंसर-शीट मुझे अब तक क्यों नहीं मिली है?
- जितने विषयों की आंसरशीट के लिए आवेदन किया था, उतनी नहीं मिली?
मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षित : सीबीएसई
सीबीएसई ने ऑन स्क्रीन मार्किंग पोर्टल में कथित गड़बड़ी और सुरक्षा चूक के दावों पर कहा कि वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी प्रकार की सेंधमारी नहीं हुई है। हाल ही में एक छात्र ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उसने 26 फरवरी को सीबीएसई के ओएसएम पोर्टल को एक्सेस कर उसमें कई तकनीकी कमजोरियां पाई और इसकी जानकारी केंद्र सरकार के संबंधित विभाग को दी गई थी, लेकिन फिर भी इसे ठीक नहीं किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। सीबीएसई ने कहा कि पोस्ट में जिस यूआरएल का उल्लेख किया है, वह केवल परीक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाली साइट है।
29 मई तक शुरू होगा पोर्टल
सीबीएसई ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 29 मई तक शुरू कर दिया जाएगा। 26 मई शाम तक स्कैन कॉपी के लिए 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। 11 लाख से ज्यादा उत्तरपुस्तिकाओं की मांग की गई, जिनमें से नौ लाख डिजिटल रूप से उपलब्ध कराईं।
सीबीएसई की भुगतान प्रणाली को सुरक्षित और तेज बनाया जाएगा। पुनर्मूल्यांकन और अन्य सेवाओं के भुगतान में छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी। बैंकों को असफल भुगतान या अतिरिक्त कटौती होने पर स्वतः धनवापसी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। -धर्मेंद्र प्रधान , केंद्रीय शिक्षा मंत्री




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