CBSE: सीबीएसई पर भड़के छात्र, धुंधली आंसर-शीट और पेमेंट फेल होने पर OSM सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
CBSE Class 12 answer-book copy: शुरुआती तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सीबीएसई पोर्टल बंद रहने के बाद, अब छात्रों और अभिभावकों के सामने 'फीस पेमेंट फेल' होने और 'धुंधली स्कैन कॉपी' मिलने जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

CBSE 12th Re-evaluation issues : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के नतीजों के बाद शुरू हुई री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। शुरुआती तकनीकी गड़बड़ियों के कारण पोर्टल बंद रहने के बाद, अब छात्रों और अभिभावकों के सामने 'फीस पेमेंट फेल' होने और 'धुंधली स्कैन कॉपी' मिलने जैसी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर देश भर के नाराज छात्रों ने अपनी धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं के स्क्रीनशॉट पोस्ट कर सीबीएसई के नए डिजिटल मार्किंग सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी आक्रोश को देखते हुए बोर्ड ने आवेदन करने की अंतिम तिथि को एक दिन और आगे बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दिया है।
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) विवाद?
सीबीएसई ने इस साल 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया था। इसके तहत लगभग 98 लाख कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल फॉर्मेट में बदला गया और शिक्षकों को कंप्यूटर स्क्रीन पर ही कॉपियां चेक कर नंबर देने के लिए कहा गया था।
लेकिन इस साल कक्षा 12वीं का रिजल्ट पिछले 7 वर्षों में सबसे खराब रहने के बाद से ही इस सिस्टम पर संदेह जताया जा रहा था। अब जब छात्रों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत उनकी स्कैन की गई कॉपियां मिलनी शुरू हुई हैं, तो विवाद और गहरा गया है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: "धुंधली कॉपी से कैसे हुई चेकिंग?"
जिन छात्रों को पोर्टल से अपनी डिजिटल कॉपियां प्राप्त हुई हैं, वे हैरान और परेशान हैं। एक्स (X) पर कॉपियों के सबूत शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा:
"हमारी कॉपियां बहुत ज्यादा धुंधली हैं, जिसमें कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा है। अब सीबीएसई इसका जवाब दे कि जब कॉपियां ठीक से स्कैन ही नहीं हुई थीं, तो टीचर्स ने इन्हें स्क्रीन पर चेक कैसे किया? क्या आप अभी भी इस खराब OSM व्यवस्था का बचाव करेंगे?"
वहीं एक अन्य यूजर का कहना था कि कॉपियों के धुंधले होने के कारण सही उत्तर लिखने के बावजूद छात्रों को बहुत कम अंक मिले हैं, जो सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हालांकि, सीबीएसई ने इन आरोपों को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताते हुए खारिज किया है और कहा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी पारदर्शिता से की गई है।
पैसे कट गए, पर नहीं मिली आंसर-शीट
धुंधली कॉपियों के अलावा, पोर्टल पर फीस पेमेंट को लेकर भी छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से खाते से पैसे कट जाने के बाद भी पोर्टल पर 'पेमेंट फेल' या दोबारा भुगतान करने का विकल्प दिखाई दे रहा है। भुगतान सफल होने के बाद न तो कोई कंफर्मेशन मैसेज आ रहा है और न ही आंसर-शीट का लिंक एक्टिव हो रहा है।
सीबीएसई ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि अचानक वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण पेमेंट गेटवे में अस्थाई देरी हो रही है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे बार-बार भुगतान करने का प्रयास न करें और पेमेंट स्टेटस अपडेट होने का इंतजार करें।




साइन इन