CBSE 12th Maths Paper Analysis: सीबीएसई 12वीं गणित पेपर के सेक्शन D ने छुड़ाए पसीने, कैसा रहा पेपर, क्या बोले छात्र
CBSE 12th Maths Paper Analysis: सीबीएसई 12वीं मैथ्स के पेपर के बाद कुछ छात्रों ने पेपर को सामान्य से मुश्किल बताया, लेकिन केस स्टडी से जुड़े सवालों में उलझने की बात भी कही। इस वजह से कई छात्र परीक्षा केंद्रों के बाहर मायूस दिखाई दिए।

CBSE 12th Maths Paper Analysis: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा सोमवार को आयोजित हुई। परीक्षा खत्म होने के बाद केंद्रों से बाहर निकल रहे कई छात्र सवालों को लेकर चर्चा करते नजर आए। कुछ छात्रों ने पेपर को सामान्य बताया, लेकिन केस स्टडी से जुड़े सवालों में उलझने की बात भी कही। इस वजह से कई छात्र परीक्षा केंद्रों के बाहर मायूस दिखाई दिए। सेक्टर-27 स्थित केंब्रिज स्कूल के बाहर छात्रों के चेहरों पर परीक्षा को लेकर मायूसी देखने को मिली। कई छात्रों का कहना था कि एमसीक्यू और अधिकांश प्रश्न ठीक थे, लेकिन केस स्टडी वाले सवालों ने थोड़ी परेशानी खड़ी कर दी।
छात्र गणेश शर्मा ने बताया कि प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुसार था, अनुभाग ए आसान रहा, लेकिन अनुभाग सी और डी में कैलकुलस के प्रश्नों में काफी परेशानी हुई। छात्र अदित्य ने कही कि बहुविकल्पीय प्रश्न आसान थे, लेकिन केस स्टडी से जुड़े प्रश्नों में दिक्कत आई। उन्होंने बताया कि एक-दो प्रश्नों में छात्र थोड़े उलझे, लेकिन पेपर का स्तर पिछले वर्ष के समान ही रहा। गणित शिक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि पेपर का स्तर सामान्य रहा। बहुविकल्पीय प्रश्न आसान थे, हालांकि कुछ छात्रों को केस स्टडी से जुड़े प्रश्नों में दिक्कत आई। उन्होंने बताया कि एक-दो प्रश्नों में छात्र थोड़े उलझे, लेकिन पेपर का स्तर पिछले वर्ष के समान ही रहा।
गाजियाबाद में भी मुश्किल प्रश्नों को सुलझाने में छात्र उलझ गए। इसके चलते दूसरे प्रश्नों के लिए समय कम रह गया। कम समय के दबाव में कुछ प्रश्न छूट गए, जिससे कई छात्र परीक्षा के बाद मायूस नजर आए। परीक्षा के स्तर को कुछ छात्रों ने कठिन तो कुछ ने मध्यम स्तर का बताया। ठाकुरद्वार स्कूल से परीक्षा देकर आई छात्रा स्वाति गौतम ने बताया कि पेपर में एक नंबर वाले दो तीन बहुविकल्पीय प्रश्नों को करने में ही 15 मिनट का समय लग गया। कई प्रश्नों का स्तर काफी उलझाने वाला था। छात्र सिद्धार्थ रॉय ने बताया कि कुछ प्रश्न तो बहुत ही आसानी से हो गए, लेकिन चार-पांच प्रश्न बहुत ही घुमाकर पूछे गए थे। इसी में सबसे अधिक समय लगा। छात्र शौर्य ने बताया कि तैयारी बहुत अच्छी की थी। रोज घंटों तक अभ्यास करने के बाद भी कुछ प्रश्न समझ से परे आए। इसलिए इन्हें अंत में करने के लिए छोड़ दिया। सबसे पहले सामान्य प्रश्नों को हल किया। कई प्रश्नों को समझकर करने में समय लग गया, जिससे समय कम पड़ गया और जो प्रश्न बाद के लिए छोड़े थे वह छूट गए। वहीं, छात्रा सुहानी पटेल ने कहा कि प्रश्न तो सामान्य थे, लेकिन अच्छी प्रैक्टिस के बाद भी कम समय का दबाव बना रहा। हालांकि सभी प्रश्न पूरे कर लिए।
अध्यापकों का कहना था कि गणित जैसे विषय में समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यदि प्रश्नपत्र अधिक लंबा हो तो विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव बन जाता है। कई विद्यार्थियों ने उम्मीद जताई कि मूल्यांकन के दौरान बोर्ड छात्रों की कठिनाइयों को ध्यान में रखेगा।
मैथ्स की यह परीक्षा उन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र, डेटा साइंस और अन्य एनालिटिकल क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। छात्रों की शुरुआती प्रतिक्रियाओं से पता चला कि पूरा पेपर मध्यम से लेकर थोड़ा कठिन था; कई उम्मीदवारों ने बताया कि सेक्शन D, जिसमें लंबे जवाब देने होते हैं, प्रश्न पत्र का सबसे मुश्किल हिस्सा था। परीक्षा देने वाले कई छात्रों ने बताया कि पेपर संतुलित था, लेकिन इसमें काफी समय लगा। सोनिया विहार के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा तनिष्का, जिसका परीक्षा केंद्र खजूरी खास का सर्वोदय कन्या विद्यालय था, ने बताया कि पेपर मध्यम रूप से कठिन था। उसने कहा कि सेक्शन D काफी मुश्किल था और उसमें लंबी-लंबी गणनाएं करनी पड़ीं। उसकी सहपाठी कोमल, जिसने उसी केंद्र पर परीक्षा दी थी, ने भी ऐसी ही राय दी और कहा कि सेक्शन D निश्चित रूप से सबसे कठिन हिस्सा था। दोनों छात्राओं ने बताया कि हालाँकि पेपर पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था, फिर भी परीक्षा के आखिरी घंटे में समय का सही प्रबंधन करना बहुत ज़रूरी हो गया था।
अलग-अलग स्कूलों के कई छात्रों ने यह भी कहा कि पेपर उन्हें थोड़ा लंबा लगा। कुछ उम्मीदवारों ने बताया कि कुछ सवालों में लंबी गणनाएँ करनी पड़ीं, जिसकी वजह से वे परीक्षा ठीक समय पर ही पूरी कर पाए। छात्रों आमिष गुप्ता, आर्यवीर बजाज और मंथन वार्ष्णेय ने बताया कि अच्छी तैयारी होने के बावजूद परीक्षा के दौरान उन्हें समय की कमी का दबाव महसूस हुआ।
परीक्षार्थी बोले, तीन घंटे का समय भी कम लगा
एमसीक्यू को छोड़कर शेष सभी हिस्से काफी कठिन थे। इसके चलते गणित की परीक्षा औसत रही है। प्रश्नपत्र लेंथी होने की वजह से सभी प्रश्नों के उत्तर के लिए तीन घंटे का समय भी कम लगा। - लीना, परीक्षार्थी
केस स्टडी ने उलझकर रह गई। अच्छी तैयारी होने के बाद भी सभी प्रश्नों के उत्तर नहीं लिख पाई। 70 से 75 प्रतिशत तक अंक आने की उम्मीद है। अब और अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।- सलोनी, परीक्षार्थी




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