CBSE Class 12th Psychology Exam: कैसा रहा सीबीएसई 12वीं साइकोलॉजी का पेपर? छात्रों ने बताया 'आसान लेकिन थोड़ा लंबा'
CBSE Class 12 Psychology exam analysis 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आयोजित कक्षा 12वीं की साइकोलॉजी की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते छात्रों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।

CBSE Class 12th Psychology Exam Analysis: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आयोजित कक्षा 12वीं की साइकोलॉजी की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते छात्रों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अधिकांश छात्रों और विषय एक्सपर्ट का मानना है कि इस साल का पेपर संतुलित था, लेकिन कुछ प्रश्नों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
परीक्षा के बाद किए गए विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि पेपर पूरी तरह से एनसीईआरटी (NCERT) के सिलेबस पर आधारित था। हालांकि, सीधे सवालों के बजाय बोर्ड ने इस बार ‘एप्लिकेशन-बेस्ड’ यानी प्रैक्टिकल समझ वाले प्रश्नों पर अधिक जोर दिया।
छात्रों की पहली प्रतिक्रिया: 'आसान था पर समय लगा'
दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न स्कूलों में परीक्षा देने वाले छात्रों ने बताया कि पेपर बहुत कठिन नहीं था, लेकिन यह थोड़ा लंबा था।
व्यावहारिक प्रश्न: छात्रों के अनुसार, केस-स्टडी पर आधारित प्रश्न काफी रोचक थे। ये प्रश्न सीधे किताब से नहीं थे, बल्कि मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों को वास्तविक जीवन की स्थितियों में लागू करने पर आधारित थे।
एमसीक्यू (MCQs): बहुविकल्पीय प्रश्नों के खंड को छात्रों ने काफी स्कोरिंग बताया। हालांकि, कुछ ‘कथन और कारण’ वाले सवालों ने छात्रों को थोड़ा उलझाया।
शिक्षकों और विशेषज्ञों का नजरिया
विभिन्न स्कूलों के मनोविज्ञान शिक्षकों ने पेपर का बारीकी से विश्लेषण किया है। उनके अनुसार:
संतुलित कठिनाई स्तर: पेपर को इस तरह डिजाइन किया गया था कि औसत छात्र भी आसानी से पास हो सके, जबकि मेधावी छात्रों के लिए कुछ चुनौतीपूर्ण प्रश्न रखे गए थे ताकि उनकी गहरी समझ को परखा जा सके।
सिलेबस का पालन: पेपर में कोई भी सवाल सिलेबस से बाहर का नहीं था। जिन छात्रों ने एनसीईआरटी की किताबों को गहराई से पढ़ा था, उन्हें हल करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।
सेक्शन-वार विश्लेषण: विशेषज्ञों ने बताया कि सेक्शन 'A' काफी सीधा था, जबकि सेक्शन 'D' और 'E' में लॉन्ग आंसर प्रश्नों के लिए काफी विस्तार से लिखने की आवश्यकता थी, जिस कारण कुछ छात्रों का समय कम पड़ गया।
स्कोरिंग रहेगा यह विषय
साइकोलॉजी को हमेशा से एक हाई-स्कोरिंग विषय माना जाता है। शिक्षकों का अनुमान है कि इस साल भी छात्र अच्छे अंक प्राप्त करेंगे। यदि छात्र ने कीवर्ड और मनोवैज्ञानिक शब्दावली का सही उपयोग किया है, तो उन्हें पूरे अंक मिलने की संभावना है।
अगला कदम और परिणाम
सीबीएसई अब आंसर शीट के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अब अपनी अगली परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करें। कुल मिलाकर, सीबीएसई कक्षा 12वीं साइकोलॉजी की परीक्षा उन छात्रों के लिए अच्छी रही जिन्होंने रटने के बजाय कॉन्सेप्ट्स को समझने पर ध्यान दिया था।




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